अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगे का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय दल के पदक विजेताओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष अभिनंदन किया। इस भव्य स्वागत समारोह के दौरान भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों की ऐतिहासिक उपलब्धि विशेष केंद्र बिंदु बनी रही। दोनों ही वर्गों ने महाद्वीपीय स्तर की इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक जीते और देश के खेल इतिहास में एक यादगार उपलब्धि दर्ज कराई।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी तैयारियों तथा अनुभव पर चर्चा की। इस विशेष संवाद कार्यक्रम के आधिकारिक दृश्यों में पुरुष टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर और महिला टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत कौर प्रधानमंत्री को टूर्नामेंट में प्रयुक्त अपनी हस्ताक्षरित जर्सियाँ भेंट करते दिखे। सामूहिक तस्वीर में प्रधानमंत्री दोनों टीमों के कप्तानों तथा उप-कप्तानों के साथ मध्य में उपस्थित रहे।
टीम नेतृत्व और विशेष उपस्थितियाँ
पुरुष टीम में उप-कप्तान के दायित्व का निर्वहन तिलक वर्मा ने किया, जबकि महिला वर्ग में स्मृति मंधाना उप-कप्तान के रूप में मौजूद रहीं। हालांकि इस महाद्वीपीय आयोजन के पश्चात स्मृति मंधाना को कप्तान के पद पर प्रोन्नत किया जा चुका है। खिलाड़ियों और सहयोगी दल के सदस्यों के साथ इस विशेष आयोजन में आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह भी सम्मिलित रहे।
फाइनल मुकाबलों में पुरुष और महिला टीमों का प्रभुत्व
क्रिकेट स्पर्धा के दोनों वर्गों में भारतीय टीमों का अभियान बेहद प्रभावशाली रहा। पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में भारत का सामना पाकिस्तान से हुआ, जहाँ भारतीय खिलाड़ियों ने 19 रनों से मुकाबला जीतकर लगातार दूसरा एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक हासिल किया। इस निर्णायक मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 6 विकेट गंवाकर 211 रनों का मजबूत स्कोर बनाया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम निर्धारित ओवरों में 6 विकेट खोकर 192 रन ही जोड़ सकी।
दूसरी तरफ महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका के विरुद्ध फाइनल मुकाबले में एकतरफा नियंत्रण स्थापित किया। भारतीय महिला दल ने खिताबी भिड़ंत में श्रीलंका को 147 रनों के भारी अंतर से पराजित किया और इस प्रतियोगिता में देश की झोली में दूसरा क्रिकेट स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया। दोनों ही फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक और अनुशासित खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अन्य खेलों के एथलीटों का योगदान और स्मृति चिह्न
क्रिकेटरों के अलावा अन्य कई खेल विधाओं के शीर्ष एथलीट भी इस गरिमामयी स्वागत समारोह का अभिन्न अंग बने। भारत ने इस महाद्वीपीय आयोजन में कुल 85 पदक अर्जित किए, जिनमें 21 स्वर्ण पदक शामिल रहे। विभिन्न खेलों के पदक विजेताओं ने प्रधानमंत्री को अपनी खेल यात्रा और सफलता के प्रतीक स्वरूप कई विशिष्ट स्मृति चिह्न भेंट किए।
प्रधानमंत्री का संबोधन: देशवासियों का गौरव और महिला खिलाड़ियों की सराहना
उपस्थित खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी एथलीटों के अथक परिश्रम और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने 140 करोड़ देशवासियों को गौरवान्वित किया है, और तिरंगे को बुलंदियों तक पहुँचाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऐतिहासिक सफलता केवल एथलीटों की निजी उपलब्धि नहीं, बल्कि समूचे देश के करोड़ों नागरिकों की साझी जीत है।
विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि महिला खिलाड़ियों ने देश की कुल पदक तालिका में 38 पदकों का अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसमें 11 पदक अकेले स्वर्ण पदक के रूप में आए। यह आँकड़ा महिला एथलीटों के निरंतर बढ़ते सामर्थ्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके असाधारण प्रदर्शन को प्रमाणित करता है।



















