पैरों में पहनी जाने वाली चांदी की पायल समय बीतने के साथ अक्सर अपनी मूल चमक खो देती है और उस पर गहरे काले रंग की परत जमने लगती है। कई बार लंबे समय तक डिब्बे में बंद रहने से अथवा लगातार पसीने और धूल के संपर्क में आने से यह मैली दिखने लगती है। ज्यादातर लोग ऐसी स्थिति में तुरंत किसी जौहरी या सुनार की दुकान का रुख करते हैं, मगर दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली साधारण घरेलू चीजों से भी इसे बेहद आसानी से फिर से चमकदार बनाया जा सकता है।
रसोई घर में मिलने वाली चाय पत्ती, बेकिंग सोडा, नमक और एल्युमिनियम फॉयल जैसी सामग्रियां इस काम में अत्यंत कारगर मानी जाती हैं। यदि आपकी पसंदीदा पाजेब पर भी मैल या ऑक्सीकरण की परत चढ़ चुकी है, तो महंगे रसायनों या दुकान के चक्कर लगाने के बजाय कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप उसकी खोई हुई आभा वापस ला सकते हैं।
चांदी के आभूषणों पर कालापन जमने का मुख्य कारण
बहुत से लोग यह मान बैठते हैं कि चांदी काली पड़ने का अर्थ धातु की घटिया गुणवत्ता या उसका खराब होना है, जबकि वास्तव में ऐसा बिल्कुल नहीं होता। वातावरण में उपस्थित विभिन्न रासायनिक तत्वों और गैसों के साथ जब चांदी की खुली सतह का संपर्क होता है, तो स्वाभाविक रासायनिक क्रिया के चलते उसका रंग बदलने लगता है।
शारीरिक पसीना, वातावरण की नमी तथा आभूषणों को बिना पोंछे लंबे समय तक खुले में अथवा बंद अलमारी में छोड़ देना इस प्रक्रिया को और तेज कर देता है। इसलिए जब पाजेब मटमैली दिखे, तो परेशान होने के बजाय यह समझें कि केवल ऊपरी सतह पर गंदगी और ऑक्साइड की परत जमा हुई है। उचित सफाई तकनीकों की मदद से इस परत को हटाकर चांदी को उसकी असली चमक में लौटाया जा सकता है।
चाय पत्ती और डिटर्जेंट के मिश्रण से पाजेब निखारने की विधि
अक्सर घरों में चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को अनुपयोगी मानकर फेंक दिया जाता है, मगर चांदी की सफाई के संदर्भ में इसका प्रयोग काफी उपयोगी सिद्ध होता है। इस उपाय को आजमाने के लिए सबसे पहले एक साफ पात्र में लगभग दो गिलास पानी लें।
इसके बाद उस पानी में दो चम्मच चाय पत्ती तथा एक चम्मच कपड़े धोने वाला वाशिंग पाउडर डालकर आंच पर चढ़ाएं और अच्छी तरह उबलने दें। जब इस घोल में बढ़िया उबाल आ जाए, तब उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर मिला दें। अब अपनी मैली पाजेब को सावधानीपूर्वक इस खौलते हुए तरल में डालें और लगभग दो मिनट तक धीमी आंच पर गर्म होने दें।
निर्धारित समय पूरा होते ही गैस बंद कर दें और पूरे मिश्रण को कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब घोल ठंडा हो जाए, तो पायल को बाहर निकालें, सामान्य ताजे पानी से अच्छी तरह धोएं और किसी बहुत मुलायम सूती कपड़े से थपथपाकर सुखाएं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह एक पारंपारिक घरेलू नुस्खा है, इसलिए हर प्रकार की बनावट वाले चांदी के सामान पर इसका असर थोड़ा भिन्न हो सकता है।
मोती और जड़ाऊ पत्थरों वाली पाजेब में बरतें यह सावधानी
यदि आपकी पायल में रंगीन कृत्रिम मोती, नाजुक नगीने, कुंदन या अन्य सजावटी कलाकृतियां जड़ी हुई हैं, तो उन्हें अत्यधिक गर्म या उबलते हुए पानी में डालने से हमेशा बचना चाहिए। गर्म पानी से गोंद ढीली पड़ सकती है अथवा पत्थरों का रंग प्रभावित हो सकता है।
ऐसे नाजुक और जटिल डिजाइन वाले आभूषणों को साफ करने से पहले पूरे नुस्खे को एक साथ आजमाने के बजाय किसी ऐसे छोटे और पिछले हिस्से पर परखें जो सामने से दिखाई न देता हो। परिणाम सुरक्षित दिखने पर ही आगे बढ़ें।
बेकिंग सोडा का लेप बनाकर ऐसे करें सफाई
चांदी के गहनों को निखारने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल एक बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इसके प्रयोग के लिए एक छोटी कटोरी में थोड़ा सा गुनगुना पानी लें और उसमें लगभग एक चम्मच बेकिंग सोडा डालकर गाढ़ा लेप तैयार कर लें।
तैयार लेप को किसी बेहद मुलायम रोएं वाले ब्रश अथवा कोमल कपड़े की सहायता से पायल पर धीरे-धीरे लगाएं। इसे कुछ पलों के लिए सतह पर लगा रहने दें और फिर बिना अधिक जोर लगाए हल्के हाथों से पोंछें। इसके तुरंत बाद स्वच्छ पानी से संपूर्ण लेप धोकर हटा दें और साफ कपड़े से सुखा लें। ध्यान रखें कि चांदी एक कोमल धातु होती है, अत: सफाई के दौरान कड़ा दबाव देने या खुरदुरी वस्तु से रगड़ने पर उस पर खरोंच के निशान पड़ सकते हैं।
एल्युमिनियम फॉयल और नमक की सहायता से मैल हटाने का तरीका
रसायन विज्ञान के नियमों पर आधारित एल्युमिनियम फॉयल और बेकिंग सोडा की तकनीक जिद्दी कालेपन को दूर करने में सर्वाधिक प्रभावी मानी जाती है। इसके लिए एक बड़े कटोरे में गर्म पानी भरें और उसके तल में एल्युमिनियम फॉयल का एक टुकड़ा बिछा दें।
अब इस गर्म पानी में करीब दो चम्मच बेकिंग सोडा तथा थोड़ा सा सादा नमक डालकर अच्छी तरह घोलें। इसके पश्चात काली पड़ चुकी चांदी की पाजेब को इस बर्तन में एल्युमिनियम फॉयल के संपर्क में रखते हुए छोड़ दें। लगभग 10 मिनट तक इस घोल में भीगे रहने के बाद पाजेब को निकालें और सामान्य साफ पानी से धो लें।
धोने के तुरंत बाद किसी नरम सूती कपड़े से पोंछकर नमी को पूरी तरह सुखा लें। साधारण और बिना नगीनों वाली चांदी की पाजेब के लिए यह तकनीक अत्यंत सरल और त्वरित परिणाम देने वाली होती है, किंतु यदि आभूषण अत्यधिक प्राचीन, जड़ाऊ या संवेदनशील बनावट के हों, तो सावधानी बरतना सर्वोपरि है।
सफाई के उपरांत गहनों को सुरक्षित रखने के जरूरी नियम
सफाई प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण आभूषणों को पूर्णत: नमी मुक्त करना होता है। यदि पाजेब में जरा भी गीलापन या सीलन रह जाएगी, तो वायुमंडल के संपर्क में आते ही वह बहुत जल्द दोबारा काली पड़ने लगेगी।
जब भी पायल का नियमित उपयोग न हो रहा हो, तो उसे किसी सूखे स्थान पर साफ मखमली कपड़े, बटर पेपर अथवा विशेष ज्वेलरी पाउच में अलग से लपेटकर रखें। इस प्रकार की सही देखभाल से चांदी के आभूषण कई महीनों तक बिना अपनी चमक खोए एकदम नए जैसे बने रहते हैं।



















