इंदौर के मैदान पर खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 14 रनों से पराजित कर शानदार विजय दर्ज की। इस मुकाबले में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। मैच की दूसरी पारी में सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए उन्होंने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही अर्शदीप T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में दूसरी पारी के दौरान सबसे ज्यादा विकेट निकालने वाले दुनिया के नंबर एक तेज गेंदबाज बन गए हैं। अब उनके खाते में 84 शिकार दर्ज हो चुके हैं, जिससे उन्होंने न्यूजीलैंड के दिग्गज गेंदबाज टिम साउदी के 82 विकेटों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनके इस मैच जिताऊ स्पेल के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के सम्मान से नवाजा गया।
मैच में अर्शदीप का स्पेल और नया मुकाम
तीसरे T20I मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने स्कोरबोर्ड पर 223 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया था। जवाब में कैरेबियाई टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद 209 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के लिए हेटमायर ने ताबड़तोड़ 43 रनों की पारी खेली, लेकिन वे अपनी टीम को जीत की रेखा पार नहीं करा पाए। अर्शदीप ने अपने कोटे के ओवरों में 44 रन देकर तीन अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस प्रदर्शन ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में शीर्ष पर पहुंचा दिया है, जहां उन्होंने टिम साउदी को पछाड़ दिया। इस सूची में जसप्रीत बुमराह 72 विकेटों के साथ तीसरे और बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान 69 विकेटों के साथ चौथे पायदान पर मौजूद हैं।
अभिषेक शर्मा की आक्रामक पारी और मध्यक्रम का बिखराव
मौजूदा दौरे पर भारतीय टीम लगातार संघर्ष कर रही थी और उसे अपने छठे प्रयास में जाकर पहली बार किसी बड़े स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करने में कामयाबी मिली। पिछले कुछ मुकाबलों में बड़े लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं रहे थे, जिससे इंदौर की पिच पर 223 रनों की रक्षा करना आसान काम नहीं लग रहा था। पिच में उछाल की कमी होने से बड़े प्रहार लगाना बिल्कुल सरल नहीं था, लेकिन सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तूफानी बल्लेबाजी भारत के लिए संजीवनी साबित हुई। अभिषेक ने सिर्फ 30 गेंदों का सामना करते हुए धुआंधार 69 रन बनाए, जिससे भारत को एक ठोस और आक्रामक शुरुआत मिली। उनके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी 37 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
शुरुआती आक्रामकता के दम पर भारत ने 8.1 ओवरों में केवल 1 विकेट के नुकसान पर 115 रन बना लिए थे। हालांकि अभिषेक के आउट होते ही रनों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया। भारतीय मध्यक्रम अचानक लड़खड़ाया और टीम ने 135 रन के कुल योग तक पहुंचते-पहुंचते 5 विकेट गंवा दिए। निचले क्रम के जल्दी सिमटने के कारण पूरी टीम 223 रनों पर ऑलआउट हो गई और टीम एक और भी बड़े स्कोर तक पहुंचने का मौका गंवा बैठी।
अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की सधी हुई वापसी
विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए रन बनाने की भरपूर कोशिश की, किंतु भारतीय गेंदबाजों ने समय-समय पर प्रहार जारी रखे। अर्शदीप ने नई गेंद से विपक्षी कप्तान शे होप को जल्दी आउट कर भारत को पहली बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद स्पिनर अक्षर पटेल ने पिछले मैच के महंगे स्पेल को भुलाते हुए मध्य ओवरों में बेहद कसी हुई गेंदबाजी की और रन गति पर अंकुश लगाया। उनका साथ पार्ट-टाइम गेंदबाज नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने बखूबी निभाया, जिन्होंने अपने ओवरों में दबाव बनाए रखा। मैच जब आखिरी पड़ाव पर पहुंचा, तब अर्शदीप और युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने सटीक यॉर्कर फेंककर वेस्टइंडीज की वापसी की सभी राहें बंद कर दीं और टीम को 14 रनों की यादगार जीत दिला दी।



















