पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर दिखने लगा है। समुद्री व्यापार मार्गों और खाड़ी देशों के प्रमुख प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच ताजा घटनाओं में भारतीय नागरिकों के हताहत और लापता होने के मामले सामने आए हैं। संवेदनशील समुद्री जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर बने युद्ध जैसे हालात ने खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों और नाविकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है।
ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर ड्रोन स्ट्राइक
होर्मुज जलडमरूमध्य से सटे ओमान की खाड़ी के जलक्षेत्र में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। 11 अक्टूबर 2026 को हुए इस संदिग्ध ड्रोन हमले के बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद से पोत पर तैनात दो भारतीय नाविक लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समुद्री गलियारों में लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियों के कारण व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पहले से ही अत्यधिक जोखिम भरी हो चुकी है।
रियाद हवाई अड्डे पर हुआ हमला
सऊदी अरब की राजधानी में स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एक हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं तीन अन्य भारतीय गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में भर्ती कराया गया है। भारतीय दूतावास ने इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों से संपर्क साधा है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
व्यापारिक गलियारों में गहराता संकट
ईरान, सऊदी अरब और बाब अल-मंदेब के आसपास बढ़ते संघर्ष ने पूरे क्षेत्र के सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है। पहले से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीकी समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बार-बार हो रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के इस प्रमुख केंद्र में लगातार बिगड़ते हालात न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बाधित कर रहे हैं, बल्कि वहां मौजूद लाखों विदेशी कामगारों के लिए भी सीधा खतरा बन गए हैं।



















