रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम की सपाट पिच पर मेजबान पाकिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट ने जबरदस्त आक्रामकता दिखाते हुए दूसरे टी20 मुकाबले में श्रीलंका को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। टॉस गंवाने के बावजूद पहले बैटिंग के लिए उतरी पाकिस्तानी टीम ने बोर्ड पर 215 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में 216 रन का पीछा करने उतरी मेहमान टीम का टॉप ऑर्डर शुरुआत में ही ढह गया, जिसके चलते वे निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर केवल 133 रन ही जुटा सके और 82 रन के भारी अंतर से मैच गंवा बैठे।
शीर्ष क्रम की तेज शुरुआत और फरहान का कप्तानी अर्धशतक
पारी का आगाज करने उतरे कप्तान साहिबजादा फरहान और उनके साथी ओपनर फखर जमां ने पहले ओवर से ही बाउंड्री बटोरने का सिलसिला शुरू किया। फखर जमां ने 17 गेंद में 4 चौकों की मदद से 22 रन जोड़कर रनगति को तेज किया, हालांकि स्पिनर महीश तीक्ष्णा ने उन्हें आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। ओपनिंग विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए माज़ सदाकत ने कप्तान के साथ मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजी की बखिया उधेड़ दी।
कप्तान साहिबजादा फरहान ने विपक्षी आक्रमण पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने महज 44 गेंदों पर 73 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के दर्ज थे। फरहान जब दासुन शनाका की गेंद पर कैच थमाकर पवेलियन लौटे, तब तक पाकिस्तान की टीम बेहद मजबूत और सुरक्षित स्थिति हासिल कर चुकी थी।
माज़ सदाकत की आक्रामक पारी और 215 तक का सफर
कप्तान के लौटने के बाद भी माज़ सदाकत की आक्रामकता में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक स्ट्रोक्स खेले और टीम को दो सौ के पार पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। सदाकत दुर्भाग्यशाली रहे कि वे अपने तीन अंकों के आंकड़े से केवल 4 रन दूर रह गए। उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 7 छक्कों के बूते 96 रनों की शानदार पारी खेली।
अंतिम ओवरों में क्रीज पर आए हसन नवाज ने 9 गेंदों पर 1 चौका और 1 छक्का जमाकर नाबाद 19 रन जोड़े, जिससे पाकिस्तान का स्कोर 20 ओवर में 3 विकेट पर 215 रन पहुंचा। श्रीलंका के लिए गेंदबाजी में महीश तीक्ष्णा, ईशान मलिंगा और दासुन शनाका को 1-1 विकेट जरूर मिला, लेकिन तीक्ष्णा काफी महंगे साबित हुए और अपने 4 ओवर के कोटे में 55 रन खर्च कर बैठे।
रंधावा के घातक स्पेल से लड़खड़ाई श्रीलंकाई पारी
पहाड़ जैसे 216 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। ओपनर लाहिरू उदारा केवल 5 रन बनाकर सलमान मिर्जा की गेंद पर ख्वाजा नफे के हाथों लपके गए। इसके बाद तेज गेंदबाज मोहम्मद इमरान रंधावा ने अपनी सटीक और किफायती गेंदों से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया।
दिनेश चांडीमल की गैरमौजूदगी में कप्तानी और विकेटकीपिंग का जिम्मा संभाल रहे कुसल मेंडिस 15 गेंदों पर 9 रन बनाकर रंधावा का शिकार बने। युवा बल्लेबाज सिनेथ जयवर्धने ने 21 गेंदों पर 22 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, मगर वे भी रंधावा की गेंद पर फखर जमां को कैच दे बैठे। अगली ही गेंद पर सहन अराचिगे बिना कोई रन बनाए पहली ही गेंद पर आउट हो गए।
मध्यक्रम का समर्पण और पुछल्ले बल्लेबाजों की औपचारिकता
मध्यक्रम में कामिंदु मेंडिस ने 19 गेंदों पर 23 रन और पूर्व कप्तान दासुन शनाका ने 8 गेंदों पर 9 रन का योगदान दिया, लेकिन बढ़ता हुआ जरूरी रन रेट उनके लिए असंभव साबित हुआ। स्पिनर साइम अय्यूब और शादाब खान ने बीच के ओवरों में बेहद कसी हुई लाइन-लेंथ पर गेंद फेंकते हुए स्कोरिंग पर पूरी तरह ताला लगा दिया।
अंतिम क्षणों में चमिंडु विक्रमासिंघे ने 24 गेंदों पर 29 रन और महीश तीक्ष्णा ने 26 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाकर हार के अंतर को कुछ कम किया, जबकि बिनुरा फर्नांडो 2 गेंद खेलकर शून्य पर नाबाद रहे। 20 ओवर की समाप्ति पर श्रीलंका का स्कोर 7 विकेट पर 133 रन ही पहुंच पाया। पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद इमरान रंधावा सबसे सफल रहे, जिन्होंने 4 ओवर में केवल 11 रन देकर 3 विकेट झटके। सलमान मिर्जा को 2 विकेट मिले, जबकि सैम अयूब और शादाब खान ने 1-1 सफलता अपने नाम की। नसीम शाह और अबरार अहमद ने भी किफायती गेंदबाजी की और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम कसे रखी।


















