इंग्लैंड क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहाँ पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को राष्ट्रीय टीम में एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। केविन पीटरसन को सीमित ओवरों के प्रारूप यानी व्हाइट-बॉल फॉर्मेट के लिए टीम का स्पेशल मेंटॉर बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहे हुए बारह साल का लंबा समय बीत चुका है और इस संन्यास के बाद यह पहला मौका है जब केविन पीटरसन किसी आधिकारिक रूप से इंग्लैंड क्रिकेट सेटअप से जुड़ रहे हैं। इस नियुक्ति को आगामी दो हजार सत्ताईस वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसकी मेजबानी संयुक्त रूप से साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया द्वारा की जानी है। इंग्लैंड में बसने से पहले केविन पीटरसन का शुरुआती जीवन और पालन-पोषण साउथ अफ्रीका में ही हुआ था। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि अफ्रीकी पिचों और परिस्थितियों की गहरी समझ रखने वाले केविन पीटरसन का यह अनुभव वर्ल्ड कप की तैयारियों में टीम के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
इंग्लैंड के सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए कई दिग्गज
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि केविन पीटरसन वनडे और टी-ट्वेंटी टीमों के साथ जुड़ेंगे और अगले पंद्रह महीनों तक खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत तौर पर मिलकर काम करेंगे। केविन पीटरसन मुख्य कोच ब्रैंडन मैकुलम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। छियालीस साल के यह दाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज अब इंग्लैंड क्रिकेट के उस विशाल और अनुभवी सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउथी, जीतन पटेल और सारा टेलर जैसे दिग्गज नाम पहले से ही शामिल हैं। इस नई भूमिका के जुड़ने से टीम का कोचिंग ढांचा और अधिक मजबूत हो गया है, जो खिलाड़ियों की तकनीकी और मानसिक तैयारियों को धार देने का काम करेगा। केविन पीटरसन की वापसी से ड्रेसिंग रूम में एक अलग तरह का आत्मविश्वास देखने को मिल सकता है, क्योंकि उनके पास खेल की गहरी समझ और आक्रामक बल्लेबाजी का लंबा अनुभव है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होगा नया सफर
केविन पीटरसन इस नई भूमिका के तहत अपना पहला अभियान इस महीने के आखिरी सप्ताह में शुरू करेंगे, जब श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच टी-ट्वेंटी और वनडे सीरीज खेली जानी है। इसके बाद वह सर्दियों के मौसम में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के व्हाइट-बॉल दौरों के दौरान इंग्लैंड टीम के साथ यात्रा करेंगे और फिर दो हजार सत्ताईस की गर्मियों में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए टीम के पास लौटेंगे। इंग्लैंड की टीम से बतौर मेंटॉर जुड़ने के बाद केविन पीटरसन ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर बेहद गर्व है कि उन्हें साउथ अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप को जीतने के इस सफर में टीम की मदद करने का यह अवसर दिया गया है। साल दो हजार चौदह के बाद पहली बार इंग्लैंड की जर्सी पहनना उनके लिए एक बेहद खास और भावनात्मक पल है। उन्होंने आगे कहा कि टीम के पास एक बेहद प्रतिभाशाली व्हाइट-बॉल स्क्वाड मौजूद है और अगले बारह महीनों तक ब्रैंडन मैकुलम की रणनीतिक टीम का हिस्सा बनना एक शानदार मौका है, जिसका वह बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
शानदार रहा है केविन पीटरसन का अंतरराष्ट्रीय करियर
केविन पीटरसन के पास सीमित ओवरों के क्रिकेट का अथाह अनुभव है, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए एक सौ छब्बीस वनडे और सैंतीस टी-ट्वेंटी मुकाबले खेले हैं। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने दोनों फॉर्मेट्स को मिलाकर पांच हजार पांच सौ से अधिक रन बनाए हैं। इसके अलावा अपने टेस्ट करियर में उन्होंने एक सौ चार मैचों में भाग लेते हुए आठ हजार एक सौ इक्यासी रन बनाए हैं। वह उस ऐतिहासिक इंग्लैंड टीम का भी अहम हिस्सा रहे थे जिसने साल दो हजार दस में टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा केविन पीटरसन इंडियन प्रीमियर लीग के दो हजार पच्चीस सीजन के दौरान दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी के भी मेंटॉर की भूमिका निभा चुके हैं, जिससे उनके पास कोचिंग और मेंटॉरशिप का भी व्यावहारिक अनुभव मौजूद है।



















