इंग्लैंड क्रिकेट टीम के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। श्रीलंका के खिलाफ खेली गई एकदिवसीय सीरीज के दौरान उनकी बाईं हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद उनकी सफल सर्जरी कराई गई है। हालांकि, उनकी मैदान पर वापसी को लेकर अभी तक कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की जा सकी है। इस ताजा चोट के कारण जोस बटलर पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी ट्राई-सीरीज और नवंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर सीमित ओवरों के मुकाबलों से बाहर रह सकते हैं। इसके अलावा उनकी इस चोट का असर साउथ अफ्रीका की प्रसिद्ध टी20 लीग SA20 में खेलने की उनकी योजनाओं पर भी पड़ सकता है।
छत्तीस साल के जोस बटलर को 24 सितंबर को हेडिंग्ले के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे एकदिवसीय मैच में बल्लेबाजी करते वक्त यह चोट लगी थी। मुकाबले के दौरान अत्यधिक दर्द के कारण उन्हें पहले मैदान से रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर जाना पड़ा था, हालांकि कुछ समय बाद वह दोबारा बल्लेबाजी करने के लिए उतरे थे। इस घटना के बाद उन्हें पाकिस्तान दौरे के लिए चुनी गई इंग्लैंड की टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। अब नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले व्हाइट-बॉल दौरे पर भी उनका खेलना बेहद संदिग्ध माना जा रहा है।
अस्पताल से साझा की तस्वीर
सोमवार के दिन जोस बटलर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अस्पताल के बिस्तर से अपनी एक तस्वीर साझा कर सर्जरी के बारे में जानकारी दी। इस तस्वीर में उनके बाएं पैर पर मेडिकल ब्रेस बंधा हुआ साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उनकी सर्जरी पूरी तरह से सफल रही है और अब वह अपनी रिकवरी की प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुश्किल वक्त में पहले से कहीं अधिक प्रेरित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, मेडिकल टीम की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें पूरी तरह फिट होने में कितना वक्त लगेगा। उन्हें आगामी 17 जनवरी से शुरू होने वाली SA20 लीग में डरबन सुपर जायंट्स की तरफ से मैदान पर उतरना था, लेकिन अब इस टूर्नामेंट में उनके भाग लेने पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
शानदार फॉर्म के बीच में लगी चोट
जोस बटलर के लिए यह चोट एक ऐसे वक्त में आई है जब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी बेहतरीन लय हासिल कर चुके थे। इस साल भारत की मेजबानी में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के दौरान उनका प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा था। इंग्लैंड के सेमीफाइनल तक के सफर में उन्होंने कुल मिलाकर केवल 87 रन ही बनाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी पुरानी फॉर्म में वापसी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और अपने अगले 9 व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल मुकाबलों में कुल 466 रन ठोक डाले।
कप्तानी और रिकॉर्ड का सफर
श्रीलंका के खिलाफ जिस मैच में वह चोटिल हुए, उस पारी में भी जोस बटलर ने महज 49 गेंदों का सामना करते हुए धुआंधार 69 रनों की पारी खेली थी। इस बेहतरीन पारी के दौरान उन्होंने पांच शानदार छक्के भी जड़े थे। इसके अलावा उन्होंने मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की कमान संभालते हुए द हंड्रेड का खिताब भी अपनी टीम के नाम किया था। उसी शानदार अभियान के दौरान वह टी20 क्रिकेट के इतिहास में 15000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले पुरुष बल्लेबाज बने थे। हालांकि पिछले कुछ सालों से वह लगातार मांसपेशियों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें पहले भी पिंडली में चोट लग चुकी है और साल 2024 के आईपीएल के दौरान भी उनकी बाईं हैमस्ट्रिंग में बिल्कुल ऐसी ही समस्या देखी गई थी। ऐसे में इस बार चोट से उबरने में लगने वाला लंबा समय इंग्लैंड की आगामी रणनीतियों और योजनाओं को गहरा झटका दे सकता है।





















