डरबन के किंग्समीड मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले के चौथे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। दिन का खेल समाप्त होने तक दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में चार विकेट के नुकसान पर 102 रन बना लिए थे। मेहमान टीम को पांचवें और अंतिम दिन जीत हासिल करने के लिए अब भी 319 रनों की लंबी दूरी तय करनी है, जबकि उसके केवल छह विकेट ही सुरक्षित बचे हैं। मैच की स्थिति पूरी तरह से कंगारू टीम के पक्ष में झुकती नजर आ रही है।
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी और मैट रेनशॉ का शानदार प्रदर्शन
चौथे दिन के खेल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी दूसरी पारी बिना किसी नुकसान के 33 रनों से आगे बढ़ाई। टीम ने अपने स्कोर में इजाफा करते हुए छह विकेट पर 314 रनों के कुल योग पर पारी घोषित करने का फैसला किया। इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका के सामने जीत के लिए 421 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य तय हुआ। इस पारी में मैट रेनशॉ ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए 82 रनों की शानदार और संयमित पारी खेली। उनकी इस बेहतरीन बल्लेबाजी ने टीम को एक सुरक्षित और विशाल बढ़त तक पहुंचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौर करने वाली बात यह है कि इसी मैच की पहली पारी में उन्होंने 190 रनों की कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी।
शीर्ष क्रम के पतन से संकट में दक्षिण अफ्रीका
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम के कप्तान तेम्बा बावुमा और ट्रिस्टन स्टब्स दोनों ही बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके और एक-एक रन बनाकर बहुत जल्दी पवेलियन लौट गए। इससे पहले पारी की शुरुआत में ही रेयान रिकेल्टन भी केवल दो रन बनाकर जोश हेजलवुड की गेंद पर कैच आउट हो गए। जोश हेजलवुड ने इस मुकाबले में इस खिलाड़ी को दूसरी बार अपना शिकार बनाया। इसके अलावा डेविड बेडिंघम भी हेजलवुड की गेंद पर पगबाधा आउट होकर वापस लौटे। वह लगातार दूसरी पारी में अर्धशतक जमाने से मामूली अंतर से चूक गए, क्योंकि उन्होंने पहली पारी में 49 और इस पारी में 46 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने ट्रिस्टन स्टब्स को विकेट के पीछे कैच आउट कराकर दक्षिण अफ्रीका को चौथा बड़ा झटका दिया, जिससे स्कोर चार विकेट पर 86 रन हो गया। स्टंप्स के समय एडेन मार्कराम 115 गेंदों पर 45 रन बनाकर डटे हुए थे, जबकि उनका साथ देने के लिए वियान मुल्डर पांच रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
बीच के ओवरों में स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन की साझेदारी
दिन के शुरुआती सत्र में स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन ने संभलकर खेलते हुए आक्रामक रुख अपनाया और 77 गेंदों में 53 रनों की उपयोगी साझेदारी की। इस दौरान स्मिथ ने 27 रन और लाबुशेन ने 37 रनों का योगदान दिया। हालांकि बल्लेबाजी के दौरान एनरिच नोर्किया की एक तेज और उछाल लेती हुई गेंद सीधे स्टीव स्मिथ के हेलमेट पर जाकर लगी। चूंकि स्मिथ को पहले भी कनकशन और चक्कर आने की पुरानी समस्याएं रह चुकी हैं, इसलिए इस घटना से चिंता बढ़ गई थी। हेलमेट पर गेंद लगने के बाद भी उन्होंने कुछ देर बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन अंततः वह साइमन हार्मर की गेंद पर कैच आउट हो गए।
मैच में अनूठे आंकड़े और मैट रेनशॉ का हरफनमौला खेल
मार्नस लाबुशेन ने लंच से पहले रेनशॉ के साथ मिलकर 31 गेंदों पर 32 रन जोड़े। लाबुशेन एक बार फिर ड्राइव लगाने के प्रयास में सही शॉट नहीं खेल पाए और 58 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हो गए। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस टेस्ट की दोनों पारियों में बिल्कुल समान 37-37 रन बनाए। पुरुष टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रन और खेली गई गेंदों की समान संख्या का यह केवल 12वां ज्ञात उदाहरण दर्ज किया गया है। लंच तक ऑस्ट्रेलिया की कुल बढ़त बढ़कर 280 रनों तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद दूसरे सत्र में मैट रेनशॉ ने 75 गेंदों का सामना करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए रेनशॉ ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला विकेट हासिल किया, जब उन्होंने कप्तान तेम्बा बावुमा को शॉर्ट लेग पर निक मैडिनसन के हाथों कैच आउट कराया। इस तरह इस मैच में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया।
निचले क्रम के बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी
पारी के अंत में ऑस्ट्रेलियाई निचले क्रम के बल्लेबाजों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान पैट कमिंस अपनी टीम की बढ़त को 400 रनों के पार ले जा चुके थे और वह पारी घोषित करने का मन बना रहे थे। कमिंस और ब्यू वेबस्टर ने मिलकर केवल 19 गेंदों में ताबड़तोड़ 44 रन जोड़े और स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। वेबस्टर 43 गेंदों पर 39 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे, जबकि कप्तान कमिंस ने मात्र 12 गेंदों का सामना करते हुए चार गगनचुंबी छक्कों की मदद से 32 रनों की आतिशी पारी खेली। इन तेज रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी छह विकेट पर 314 रन बनाकर घोषित कर दी और विरोधी टीम के सामने जीत के लिए 421 रनों का भारी भरकम लक्ष्य रख दिया।



















