क्रिकेट के खेल में गेंदबाजों के लिए हैट्रिक लेना एक बेहद दुर्लभ और गौरवशाली उपलब्धि मानी जाती है। निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ फिर भी यह कारनामा कभी-कभार देखने को मिल जाता है, क्योंकि वहां पुच्छल्ले बल्लेबाज गेंदबाजों के लिए आसान शिकार साबित होते हैं। लेकिन यदि कोई गेंदबाज मुकाबले की शुरुआत करते हुए यानी मैच के बिल्कुल पहले ही ओवर में टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों को लगातार गेंदों पर पवेलियन भेज दे, तो इसे चमत्कार ही कहा जाएगा। सुनने में यह असंभव सा प्रतीत होता है, लेकिन क्रिकेट के लंबे इतिहास में यह अनोखा वाकया सच साबित हो चुका है।
इस ऐतिहासिक कारनामे को अंजाम देने वाले खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि भारत के तेज गेंदबाज इरफान पठान हैं। साल 2006 में पाकिस्तान के दौरे पर गए भारतीय दल के लिए यह मुकाबला कराची में खेला जा रहा था। उस टेस्ट मैच में टॉस जीतकर भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पारी की शुरुआत करने के लिए नई गेंद राहुल द्रविड़ ने सीधे तौर पर इरफान पठान के हाथों में थमा दी, और यहीं से क्रिकेट इतिहास का वह पन्ना लिखा गया जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।
आखिरी तीन गेंदों पर पलट गया पूरा मुकाबला
कराची टेस्ट मैच की शुरुआत में पाकिस्तान की ओर से पारी की शुरुआत करने के लिए सलमान बट और इमरान फरहात क्रीज पर उतरे। इरफान पठान ने ओवर की पहली तीन गेंदों पर बल्लेबाजों को चकमा दिया, जिन्हें सलमान बट ने जैसे-तैसे संभाल लिया। लेकिन ओवर की चौथी गेंद पर सलमान बट से चूक हो गई और उन्होंने बल्ला अड़ा दिया, जिसके बाद स्लिप में खड़े कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनका आसान सा कैच लपक लिया। इस पहले झटके के बाद बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर कप्तान यूनिस खान उतरे।
यूनिस खान क्रीज पर संभल भी नहीं पाए थे कि इरफान पठान ने ओवर की पांचवीं गेंद पर उन्हें एलबीडब्लू आउट कर दिया। इन दो लगातार झटकों से पाकिस्तानी खेमे में हड़कंप मच गया और दर्शकों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया। इसके बाद मैदान पर मोहम्मद युसूफ उतरे, लेकिन इरफान पठान ने ओवर की आखिरी और छठी गेंद पर उन्हें बोल्ड कर दिया। इस तरह एक ही ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर तीन विकेट झटककर उन्होंने वह हैट्रिक पूरी की जो आज तक क्रिकेट इतिहास में अद्वितीय बनी हुई है और कोई अन्य गेंदबाज इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन के बावजूद हार गई थी टीम इंडिया
मैच के पहले ही ओवर में इरफान पठान की इस सनसनीखेज हैट्रिक के बावजूद अंततः भारतीय टीम को इस मुकाबले में करारी हार का सामना करना पड़ा था। शुरुआती झटकों से उबरने के बाद पाकिस्तान के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की। कामरान अकमल ने बेहतरीन शतकीय पारी खेलते हुए 113 रन बनाए, जबकि शोएब अख्तर और अब्दुल रज्जाक ने 45-45 रनों का उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को 245 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 238 रन ही बना सकी, जिससे खेल लगभग बराबरी की स्थिति में आ गया था।
पाकिस्तान की विशाल बढ़त और मैच का परिणाम
मैच के दूसरे पड़ाव में पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने मजबूत पकड़ बनाते हुए अपनी दूसरी पारी में 599 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और पारी घोषित कर दी। इसके चलते भारतीय टीम के सामने जीत के लिए चौथी पारी में 607 रनों का बेहद कठिन लक्ष्य रखा गया। इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दबाव में बिखर गई और पूरी टीम 265 रन पर ही सिमट गई। परिणामस्वरुप पाकिस्तान ने यह मुकाबला 341 रनों के भारी अंतर से अपने नाम कर लिया, जिससे इरफान पठान की ऐतिहासिक और शानदार हैट्रिक की चमक इस बड़ी हार के पीछे थोड़ी फीकी जरूर पड़ गई।


















