भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्क्वाड में एक नया और उभरता हुआ सितारा शामिल हो चुका है। रायपुर में खेले गए शुरुआती टी20 मुकाबले के दौरान ऑलराउंडर निकी प्रसाद ने भारत के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाली इस युवा खिलाड़ी के करियर के लिए यह बेहद यादगार लम्हा रहा, जब अनुभवी उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने उन्हें भारतीय टीम की कैप सौंपी। इस पदार्पण के साथ ही उनके घरेलू सर्किट से लेकर सीनियर इंटरनेशनल मंच तक पहुंचने के संघर्ष और सफलता का सफर एक नए पड़ाव पर आ गया है।
स्मृति मंधाना ने सौंपी कैप और टीम ने मनाया जश्न
मुकाबले से ठीक पहले जब पूरा भारतीय दल मैदान पर गोल घेरे में खड़ा था, तब स्मृति मंधाना ने निकी प्रसाद को विशेष अंदाज में कैप देकर आने वाले मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। कैप मिलते ही दीप्ति शर्मा और अनुष्का शर्मा ने आगे बढ़कर उन्हें गले लगाया और पूरी टीम ने इस युवा ऑलराउंडर की उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर की। इस मैच के दौरान टीम प्रबंधन ने बड़ा दांव खेलते हुए निकी को सीधे नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतारा, जिससे मैनेजमेंट को उनकी तकनीकी क्षमता को बड़े स्तर पर परखने का बेहतरीन मौका मिल गया।
अंडर-19 वर्ल्ड कप और एशिया कप में बिखेरा जलवा
निकी प्रसाद का यहां तक का सफर उनकी अथक मेहनत, प्रतिबद्धता और निरंतर शानदार प्रदर्शन की दास्तान कहता है। उन्होंने साल 2025 में भारत को महिला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जिताई थी। उनकी कप्तानी का यह स्वर्णिम दौर केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा, क्योंकि उन्होंने साल 2024 में देश को पहले महिला अंडर-19 एशिया कप में भी चैंपियन बनाया था। इन बड़े टूर्नामेंट्स में उनके शानदार नेतृत्व और बेहतरीन ऑलराउंड खेल ने उन्हें भारतीय क्रिकेट ढांचे के भीतर भविष्य की सबसे चमकदार प्रतिभाओं में ला खड़ा किया था।
डब्ल्यूपील में दिल्ली कैपिटल्स के साथ संवारा खेल
एज ग्रुप क्रिकेट में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने के बाद निकी ने महिला प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपील में दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी पहनकर अपने कौशल को और अधिक मांजा। इस फ्रेंचाइजी के साथ दो साल का समय बिताने के दौरान उन्हें दुनिया की दिग्गज महिला क्रिकेटर्स के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अनमोल अनुभव मिला, जिसने उनके खेल में गजब की परिपक्वता ला दी। इस टूर्नामेंट के 18 मुकाबलों में उन्होंने 30.60 के औसत और 119.53 के स्ट्राइक रेट से कुल 153 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 47 रन दर्ज है।
ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेली तूफानी और मैच जिताऊ पारियां
सीनियर राष्ट्रीय टीम के दरवाजे उनके लिए हालिया घरेलू प्रदर्शन और ए-टीम के दौरों के दम पर खुले। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की ओर से मैदान पर उतरते हुए निकी ने बल्ले और गेंद दोनों से तहलका मचा दिया। मुल्लांपुर में खेले गए एक टी20 मुकाबले में जब भारतीय पारी शुरुआती झटकों के कारण संकट में थी, तब निकी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए महज 31 गेंदों में 54 रनों की धमाकेदार पारी खेल डाली। इस नॉक ने यह साबित कर दिखाया कि वह दबाव के क्षणों में मैच का पासा पलटने का माद्दा रखती हैं। इसके बाद उन्होंने पहले वनडे मुकाबले में नाबाद 32 रनों की उपयोगी पारी खेलकर टीम को चार विकेट से जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।
गेंदबाजी में भी दिखाया दम और झटके कई विकेट
निकी की पहचान सिर्फ एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में नहीं है, बल्कि वह टीम के लिए एक भरोसेमंद ऑलराउंडर की भूमिका निभाती हैं। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेले गए अनौपचारिक टेस्ट मैच में उन्होंने अपनी घूमती गेंदों का जादू बिखेरते हुए कुल पांच विकेट चटकाए। इसके अलावा, वह इस तीन मैचों की वनडे सीरीज में सबसे अधिक विकेट हासिल करने वाली गेंदबाज रहीं, जहां उन्होंने कुल 9 शिकार किए और इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 6.20 का रहा। उनके इस बहुआयामी खेल ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
























