शाम के भोजन में जब रसोई से भुने हुए टमाटरों और देसी मसालों की भीनी-भीनी महक उठती है, तो पूरे परिवार की भूख अपने आप जाग उठती है। रोजमर्रा की वही दाल और सूखी सब्जियां खाकर बोरियत महसूस होने लगे, तो पारंपरिक स्वाद वाला मटर और टमाटर का भरता रसोई का मेन्यू बदलने के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। इस व्यंजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें उबले हरे मटर की कुदरती मिठास और सीधी आंच पर भुने टमाटरों का सौंधापन एक साथ घुलमिल जाते हैं। इसे तैयार करने के लिए न तो किसी जटिल तैयारी की दरकार होती है और न ही बाजार से किसी दुर्लभ सामग्री को लाने की झंझट रहती है।
रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले बुनियादी मसाले और शुद्ध सरसों का तेल मिलकर इस डिश को एक लाजवाब देसी अंदाज देते हैं। इसे गरमा-गरम तवा रोटी, खस्ता पराठे या फिर दोपहर की सादी अरहर की दाल और चावल के साथ परोसकर पूरे भोजन का जायका बदला जा सकता है। घर पर इस आसान और स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने की पूरी सामग्री और सिलसिलेवार विधि बेहद सरल है।
भरता बनाने के लिए जरूरी सामग्री और मात्रा
इस लजीज भरते को तैयार करने के लिए सामग्री का सही अनुपात बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए आधा कप उबले हुए हरे मटर और चार मध्यम आकार के पके हुए टमाटर अलग रख लें। तड़के और छौंक के लिए एक बारीक कटा हुआ प्याज और दो चम्मच सरसों का तेल इस्तेमाल में लाएं। सूखे मसालों में आधा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और एक पूरा चम्मच धनिया पाउडर की आवश्यकता होगी।
स्वाद को गहराई देने के लिए एक छोटा टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक, चार से पांच बारीक कटी हुई लहसुन की कलियां, एक से दो बारीक कटी हरी मिर्च और आधा चम्मच साबुत जीरा निकाल लें। इसके साथ ही स्वाद के अनुसार नमक और अंत में सजावट व ताजगी के लिए बारीक कटा हुआ हरा धनिया रख लें, जिससे तैयार भरते का रंग और रूप बेहद आकर्षक नजर आने लगता है।
टमाटर भूनने और मटर तैयार करने की प्रक्रिया
भरता बनाने की शुरुआत टमाटरों की तैयारी से होती है। सबसे पहले चारों टमाटरों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर किसी सूखे कपड़े से पोंछ लें। इसके बाद इन्हें गैस के बर्नर की सीधी आंच पर या फिर भारी तले वाले तवे पर रखकर धीमी और मध्यम आंच पर भूनना शुरू करें। चिमटे की सहायता से टमाटरों को हर तरफ पलटते रहें, ताकि उनका छिलका चारों तरफ से एक समान काला होकर सिक जाए और अंदर का गूदा पूरी तरह नरम पड़ जाए।
जब टमाटर भीतर तक मुलायम हो जाएं, तो उन्हें आंच से उतारकर अलग प्लेट में रखें और ठंडा होने दें। जब वे छूने लायक हो जाएं, तो उनका ऊपरी जला हुआ छिलका उंगलियों से आसानी से उतार लें। इसके बाद किसी कांटे, चम्मच या हाथ की मदद से इन भुने टमाटरों को एक कटोरे में अच्छी तरह मसल लें। दूसरी तरफ, आधा कप उबले हुए हरे मटर को भी किसी बर्तन में लेकर हल्का सा मैश कर लें। ध्यान रखें कि मटर का एकदम बारीक पेस्ट नहीं बनाना है; कुछ दानों का साबुत और दरदरा रहना बेहद जरूरी है ताकि भरता खाते समय मुंह में मटर का बढ़िया टेक्सचर आए।
कड़ाही में छौंक और मसालों को पकाने का तरीका
अब गैस पर एक भारी कड़ाही चढ़ाएं और उसमें दो चम्मच सरसों का तेल डालकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। सरसों के तेल का तीखापन शांत होने के बाद उसमें आधा चम्मच जीरा डालें। जैसे ही जीरा चटकने लगे और अपनी महक छोड़ने लगे, कड़ाही में बारीक कटा हुआ प्याज डालकर चमचे से चलाएं। प्याज को तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
प्याज के सुनहरा होते ही उसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक, कटी हुई लहसुन की कलियां और कटी हरी मिर्च डालें। इन तीनों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि लहसुन और अदरक की कच्ची महक पूरी तरह खत्म न हो जाए। इसके तुरंत बाद आंच हल्की करें और हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर तथा धनिया पाउडर मिला दें। मसालों को लगातार चलाते हुए भूनें ताकि वे जले नहीं। यदि मसाला ज्यादा सूखा लगे या जलने का डर हो, तो कड़ाही में बस एक-दो घूंट बहुत थोड़ा सा पानी डाल दें और मसालों को कड़ाही में अच्छी तरह से एकसार होने तक भून लें।
टमाटर और मटर को मिलाकर अंतिम रूप देना
जब मसाले तेल छोड़ने लगें, तब कड़ाही में पहले से मैश करके रखे गए भुने टमाटर का गूदा डाल दें। टमाटर को भुने मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाते हुए तीन से चार मिनट तक पकने दें, ताकि टमाटर मसालों का पूरा स्वाद सोख ले। टमाटर के अच्छी तरह पक जाने के बाद, इसमें दरदरे मैश किए हुए उबले मटर डालें और चमचे से चलाकर सभी चीजों को आपस में मिला दें।
अब इस मिश्रण में अपने स्वादानुसार नमक मिलाएं। गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और भरते को करीब पांच से सात मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें। इस दौरान बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें ताकि भरता कड़ाही के तले में चिपकने या जलने न पाए। पांच से सात मिनट बाद जब पूरा मिश्रण गाढ़ा हो जाए और सतह पर सरसों का तेल हल्का-हल्का चमकता हुआ ऊपर दिखाई देने लगे, तो समझें कि भरता पूरी तरह तैयार है और गैस बंद कर दें।
परोसने का अंदाज और देसी थाली का मेल
गैस बंद करने के बाद तैयार गरमा-गरम मटर टमाटर भरते को एक सर्विंग बाउल या कटोरी में निकाल लें। ऊपर से बारीक कटा हुआ ताजा हरा धनिया बुरक दें, जिससे इसकी महक और खूबसूरती दोनों बढ़ जाती हैं। इसे फुल्का रोटी या देसी घी लगे पराठों के साथ तुरंत परोसें। यदि घर में पारंपरिक देसी थाली का आनंद लेना हो, तो दोपहर के समय दाल, चावल, पापड़ और रोटी के साथ इस भरते को साइड डिश के तौर पर शामिल करें, यह साधारण से खाने को भी खास बना देता है।

















