कैरेबियाई टीम के विरुद्ध घरेलू मैदानों पर शानदार खेल दिखाने के बाद भारतीय क्रिकेट के दो प्रमुख अनुभवी सितारे एक बार फिर नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. सीमित ओवरों के खेल में अपनी महारत साबित कर चुके रोहित शर्मा और विराट कोहली अब न्यूजीलैंड के दौरे पर द्विपक्षीय पचास ओवरों की प्रतियोगिता में खेलते दिखेंगे. दोनों वरिष्ठ बल्लेबाजों ने टेस्ट तथा बीस ओवरों के अंतरराष्ट्रीय प्रारूप को पहले ही अलविदा कह दिया है, जिसके चलते उनका पूरा ध्यान अब केवल पचास ओवरों के मैचों पर टिका है. उनका दीर्घकालिक लक्ष्य साल 2027 में होने वाली वैश्विक प्रतियोगिता तक अपनी शारीरिक फिटनेस तथा खेल के स्तर को चरम पर बनाए रखना है.
कैरेबियाई टीम के खिलाफ दोनों सितारों का जोरदार जलवा
हालिया संपन्न हुई श्रृंखला में दोनों ही बल्लेबाजों ने प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों की जमकर परीक्षा ली. मैदान पर उतरते ही दोनों ने जिस आक्रामकता और निरंतरता का परिचय दिया, उससे आगामी विदेशी दौरों के लिए उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है. इस प्रतियोगिता में दोनों दिग्गजों ने लंबी पारियां खेलकर भारतीय बल्लेबाजी को मजबूत सहारा दिया.
विराट कोहली ने पिछली श्रृंखला के दौरान सिर्फ 3 पारियों में भाग लेकर 84.00 की औसत के साथ 168 रन जुटाए. उनका स्ट्राइक रेट 155.56 का रहा, जो उनकी तेज तर्रार शैली को दर्शाता है. उन्होंने पहले ही मुकाबले में तूफानी अंदाज अपनाते हुए महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन ठोक दिए थे. इसी यादगार श्रृंखला के दौरान उन्होंने पचास ओवरों के प्रारूप में अपने 15,000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मुकाम भी छू लिया. खेल के इतिहास में यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले वह सचिन तेंदुलकर के पश्चात पूरे विश्व के केवल दूसरे बल्लेबाज बने हैं.
दूसरी तरफ कप्तान रोहित शर्मा ने भी क्रीज पर कमाल का संयम और आक्रामक रुख दिखाया. उन्होंने 3 पारियों में कुल 225 रन अपने खाते में जोड़े, जहां उनका बल्लेबाजी औसत 112.50 तथा स्ट्राइक रेट 116.58 दर्ज किया गया. श्रृंखला के आरंभिक मुकाबले में उन्होंने 35 गेंदों पर 32 रनों की संक्षिप्त शुरुआत की. इसके तुरंत बाद दूसरे मुकाबले में उन्होंने 75 गेंदें खेलकर 101 रनों का शतक पूरा किया. वहीं न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर आयोजित तीसरे मुकाबले के दौरान उन्होंने 83 गेंदों पर 92 रनों की तेज पारी खेलकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
न्यूजीलैंड दौरे का कार्यक्रम और मुकाबले
दोनों वरिष्ठ खिलाड़ी आगामी पांच मैचों की वनडे श्रृंखला के जरिए सीधे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में वापसी करेंगे. भारतीय टीम के इस दौरे की शुरुआत पचास ओवरों के प्रारूप में 4 नवंबर 2026 से ऑकलैंड के मैदान पर होगी. द्विपक्षीय दौरे के सभी मैच ऑकलैंड, वेलिंगटन, हैमिल्टन तथा माउंट माउंगानुई के स्टेडियमों में आयोजित किए जाने हैं. इस लंबी पचास ओवरों की भिड़ंत से पहले भारतीय टीम 22 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान पांच टी20 मुकाबलों की श्रृंखला भी खेलेगी, जिसमें ये दोनों दिग्गज शामिल नहीं होंगे.
शेड्यूल पर नजर डालें तो ऑकलैंड में पहले मैच के समापन के पश्चात दूसरा मुकाबला 7 नवंबर को वेलिंगटन में संपन्न होगा. इसके उपरांत तीसरा मुकाबला 10 नवंबर को हैमिल्टन में आयोजित किया जाएगा. श्रृंखला का चौथा मुकाबला 13 नवंबर तथा पांचवां व अंतिम मुकाबला 15 नवंबर को माउंट माउंगानुई के मैदान पर संपन्न होगा.
कीवी पिचों पर दोनों बल्लेबाजों का पुराना रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड की तेज और स्विंग लेती पिचों पर विराट कोहली के आंकड़े खासे प्रभावशाली रहे हैं. कीवी प्रतिद्वंद्वी के सामने उन्होंने 36 पारियों में कुल 1,897 रन बटोरे हैं, जिसमें उनका औसत 57.48 और स्ट्राइक रेट 96.64 रहा है. खासतौर पर न्यूजीलैंड के घरेलू मैदानों पर उन्होंने 13 पारियों में 49.67 की औसत तथा 91.41 की स्ट्राइक रेट के साथ 596 रन दर्ज किए हैं. उनकी मजबूत तकनीक विदेशी पिचों पर भारतीय मध्यक्रम को दृढ़ता प्रदान करती आई है.
कप्तान रोहित शर्मा की बात करें तो कीवी टीम के सामने उनका रिकॉर्ड भी काफी उपयोगी रहा है. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 32 पारियों में कुल 1,134 रन बनाए हैं, जहां उनका औसत 36.58 और स्ट्राइक रेट 85.26 का दर्ज है. वहीं न्यूजीलैंड की धरती पर खेले गए मुकाबलों की 13 पारियों में उन्होंने 36.42 के औसत और 72.95 के स्ट्राइक रेट की मदद से 437 रन अपने खाते में दर्ज किए हैं. नए गेंद के गेंदबाजों के सामने शीर्ष क्रम पर उनका लंबा अनुभव भारतीय टीम के लिए बेहद मूल्यवान माना जाता है.



















