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मैच की शुरुआती बॉल पर विकेट उड़ाने वाले दिग्गजों में कपिल देव ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ीक्रिकेट
15 अग॰ 2026, 2:29 pm (2 घंटे पहले)· 0

मैच की शुरुआती बॉल पर विकेट उड़ाने वाले दिग्गजों में कपिल देव ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी

टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में किसी नई सीरीज की पहली ही गेंद पर विकेट हासिल करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में यह कारनामा करने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज बने थे।

अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में मैच की पहली गेंद से ही मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ में आ जाता है, लेकिन किसी नई टेस्ट सीरीज के पहले ही मुकाबले की बिल्कुल पहली गेंद पर बल्लेबाज को पवेलियन का रास्ता दिखाना एक बेहद दुर्लभ कारनामा है। 140 साल से भी अधिक लंबे टेस्ट इतिहास में केवल चुनिंदा तेज गेंदबाज ही इस उपलब्धि को हासिल कर पाए हैं। भारतीय दृष्टिकोण से यह रिकॉर्ड और भी खास हो जाता है क्योंकि भारतीय क्रिकेट के लंबे इतिहास में दिग्गजों की फौज होने के बावजूद केवल एक ही गेंदबाज इस सूची में अपना नाम दर्ज करा पाया है। भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने साल 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन टेस्ट में यह कीर्तिमान स्थापित किया था। उसके बाद से आज तक कोई भी भारतीय बॉलर इस मुकाम को दोबारा हासिल नहीं कर सका है।

डरबन के किंग्समीड में कपिल देव का ऐतिहासिक धमाका

यह ऐतिहासिक वाकया 13 नवंबर 1992 को घटा था, जब भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर किंग्समीड, डरबन में पहला टेस्ट मैच खेलने मैदान पर उतरी थी। दक्षिण अफ्रीका की टीम अंतरराष्ट्रीय बैन हटने के बाद लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट के मंच पर वापसी कर रही थी, जिसके चलते पूरी दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज पर टिकी हुई थीं। मैच की शुरुआत में भारत की ओर से नई लाल गेंद संभालने की जिम्मेदारी दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव को सौंपी गई। कपिल देव ने अपनी धारदार स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ का मुआयना कराते हुए सीरीज की पहली ही गेंद पर दक्षिण अफ्रीकी सलामी बल्लेबाज स्टीफन कुक को आउट करके तहलका मचा दिया।

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उस समय कपिल देव अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके थे, लेकिन नई गेंद से उनकी स्विंग कराने की क्षमता में जरा भी कमी नहीं आई थी। स्टीफन कुक का विकेट लेते ही कपिल देव टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर सफलता पाने वाले दुनिया के चुनिंदा गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो गए। इसके बाद भारतीय क्रिकेट में जवागल श्रीनाथ, जहीर खान, इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे कई महान और विश्वस्तरीय तेज गेंदबाज आए, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सैकड़ों शिकार किए। हालांकि, इनमें से कोई भी गेंदबाज नई सीरीज की पहली गेंद पर विकेट लेने के कपिल देव के इस अनोखे रिकॉर्ड को दोहराने में कामयाब नहीं हो सका।

1930 के दशक में रखी गई थी इस अनोखे रिकॉर्ड की नींव

टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट चटकाने के इस दुर्लभ रिकॉर्ड की शुरुआत साल 1933 में हुई थी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज एफ. टी. बैडकॉक इस सूची में नाम दर्ज कराने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने थे। 24 मार्च 1933 को न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच की शुरुआत हुई थी। बैडकॉक ने मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के दिग्गज और सबसे भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज हर्बर्ट सटक्लिफ को आउट करके क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। उस दौर में हर्बर्ट सटक्लिफ का विकेट हासिल करना किसी भी गेंदबाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।

इस ऐतिहासिक घटना के ठीक तीन साल बाद, यानी 1936 में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ई. एल. मैककॉर्मिक ने इस कारनामे को दोहराया। 1936 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ब्रिस्बेन में खेले गए टेस्ट मैच की शुरुआत में मैककॉर्मिक ने नई गेंद संभाली और पहली ही बॉल पर इंग्लैंड के बल्लेबाज टी. एस. वर्थिंगटन को आउट कर दिया। इस तरह महज तीन सालों के भीतर दुनिया ने दो बार यह अनोखा नजारा देखा। हालांकि, मैककॉर्मिक के इस शिकार के बाद क्रिकेट प्रेमियों को इस रिकॉर्ड को दोबारा देखने के लिए 56 सालों से भी अधिक का लंबा इंतजार करना पड़ा, जिसे आखिरकार 1992 में कपिल देव ने खत्म किया।

पेड्रो कॉलिन्स का अद्वितीय रिकॉर्ड: दो अलग-अलग सीरीज में कारनामा

इस सूची में शामिल सभी गेंदबाजों के बीच वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज पी. टी. कॉलिन्स (पेड्रो कॉलिन्स) का नाम सबसे अलग और अनोखा नजर आता है। कॉलिन्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने दो अलग-अलग टेस्ट सीरीज की पहली ही गेंद पर विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की है। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि कॉलिन्स ने दोनों बार एक ही टीम और एक ही बल्लेबाज को अपना शिकार बनाया।

कॉलिन्स ने पहली बार यह कारनामा 8 दिसंबर 2002 को ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में किया, जब उन्होंने बांग्लादेशी सलामी बल्लेबाज हन्नान सरकार को पहली गेंद पर आउट कर दिया। इसके ठीक डेढ़ साल बाद, यानी साल 2004 में जब बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर पहुंची, तो सीरीज के पहले मुकाबले की पहली गेंद पर कॉलिन्स ने एक बार फिर हन्नान सरकार को ही आउट करके इतिहास रच दिया। इस तरह हन्नान सरकार का नाम भी इस अनोखी हैट्रिक जैसी घटना के साथ हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

एशियाई तेज गेंदबाजों ने भी बिखेरा अपनी गेंदबाजी का जलवा

कपिल देव के अलावा एशिया महाद्वीप के अन्य देशों के तेज गेंदबाजों ने भी इस खास सूची में अपनी जगह बनाई है। 18 मई 2007 को बांग्लादेश और भारत के बीच चटगांव में टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा था। बांग्लादेश के स्टार तेज गेंदबाज मशरफे मुर्तजा ने अपनी पहली ही गेंद पर भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर को आउट करके सनसनी फैला दी। इस विकेट के साथ ही मशरफे मुर्तजा अपनी टीम बांग्लादेश की तरफ से यह कारनामा करने वाले पहले गेंदबाज बन गए।

इसके बाद साल 2009 में पाकिस्तान के युवा और प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में कमाल दिखाया। मोहम्मद आमिर ने सीरीज के पहले टेस्ट की पहली ही बॉल पर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम मैकइंटोश को आउट करके पवेलियन भेज दिया। वहीं साल 2017 में श्रीलंका के तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल ने भारत के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में यह उपलब्धि हासिल की। बारिश से प्रभावित उस कोलकाता टेस्ट मैच की पहली ही गेंद पर लकमल ने भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल को आउट कर दिया था। उस मैच में केएल राहुल का पहली गेंद पर आउट होना श्रृंखला के सबसे चर्चित वाकयों में से एक बन गया था।

आधुनिक दौर में जेम्स एंडरसन, मिचेल स्टार्क और मुजारबानी की एंट्री

क्रिकेट के आधुनिक युग में भी इस दुर्लभ रिकॉर्ड की चमक फीकी नहीं पड़ी है। इंग्लैंड के महानतम तेज गेंदबाजों में शुमार जेम्स एंडरसन ने साल 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में खेले गए टेस्ट मैच में यह उपलब्धि हासिल की थी। एंडरसन ने सीरीज के पहले मुकाबले की पहली गेंद पर दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर को आउट करके अपनी स्विंग गेंदबाजी का लोहा मनवाया था।

एंडरसन के इस कारनामे के दो साल बाद, 8 दिसंबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एशेज सीरीज के दौरान इतिहास रचा। ब्रिस्बेन में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले एशेज टेस्ट की पहली ही गेंद पर स्टार्क ने इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स को लेग स्टंप पर बोल्ड कर दिया था। एशेज जैसी हाई-वोल्टेज सीरीज की पहली गेंद पर बर्न्स का बोल्ड होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए अविस्मरणीय पल बन गया। इनके अलावा जिम्बाब्वे के लंबे कद के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाजों के इस विशिष्ट क्लब में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कपिल देव के रिकॉर्ड का महत्व

किसी भी टेस्ट मैच या सीरीज की पहली गेंद पर विकेट लेना केवल किस्मत का खेल नहीं होता, बल्कि इसके लिए शुरुआती दबाव, तुरंत सही टप्पा पकड़ने की क्षमता और रणनीति की जरूरत होती है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कपिल देव का यह रिकॉर्ड आज भी अजेय बना हुआ है। भारत के पास हर दौर में बेहतरीन तेज गेंदबाज रहे हैं, लेकिन सीरीज की पहली गेंद पर सफलता हासिल करने का श्रेय केवल कपिल देव के पास ही है। यह कारनामा साबित करता है कि कपिल देव न केवल अपने दौर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज थे, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सबसे अनमोल रत्नों में से एक हैं।

सवाल-जवाब

टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज कौन हैं?
कपिल देव टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं। उन्होंने 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में यह कारनामा किया था।
टेस्ट इतिहास में पहली गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड सबसे पहले किसने बनाया था?
न्यूजीलैंड के एफ. टी. बैडकॉक ने 24 मार्च 1933 को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच की पहली गेंद पर हर्बर्ट सटक्लिफ को आउट करके यह रिकॉर्ड पहली बार बनाया था।
कौन सा गेंदबाज दो अलग-अलग टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट ले चुका है?
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज पेड्रो कॉलिन्स इकलौते बॉलर हैं जिन्होंने 2002 और 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज की पहली गेंद पर हन्नान सरकार का विकेट हासिल किया।
1936 से 1992 के बीच इस रिकॉर्ड में कितना लंबा इंतजार रहा?
ऑस्ट्रेलिया के ई. एल. मैककॉर्मिक द्वारा 1936 में विकेट लेने के बाद करीब 56 वर्षों तक कोई भी गेंदबाज यह कारनामा नहीं कर सका, जिसे 1992 में कपिल देव ने तोड़ा।
आधुनिक समय में किन गेंदबाजों ने टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर विकेट चटकाया है?
आधुनिक दौर में इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन (2019) और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (2021 एशेज) समेत जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी यह उपलब्धि हासिल की है।
सुरंगा लकमल ने किस भारतीय बल्लेबाज को टेस्ट मैच की पहली ही गेंद पर आउट किया था?
श्रीलंका के सुरंगा लकमल ने 2017 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में बारिश से प्रभावित टेस्ट मैच की पहली गेंद पर भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल को आउट किया था।
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