ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके अनुभवी ऑलराउंडर मोइसेस हेनरिक्स ने अब पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलते हुए अपने करियर का नया अध्याय शुरू किया है। 39 वर्ष की उम्र में पुर्तगाल की टीम से जुड़ते ही उन्हें कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में मोर्चे से अगुआई करते हुए इजरायल के खिलाफ शानदार कप्तानी पारी खेली और टीम को एक विशाल अंतर से जीत दिलाई।
39 गेंदों में 66 रनों की तूफानी पारी से खड़ा किया मजबूत स्कोर
यह मुकाबला आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर-सी प्रतियोगिता के दौरान खेला गया। मैच में पुर्तगाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान मोइसेस हेनरिक्स ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 39 गेंदों में 66 रनों की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी खेली। उनके अलावा टीम के साथी खिलाड़ी धवलकुमार नरोत्तम ने भी 46 रनों का अहम योगदान दिया। इन शानदार पारियों के दम पर पुर्तगाल की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 163 रनों का मजबूत स्कोर हासिल किया।
इजरायल की बल्लेबाजी ध्वस्त, पुर्तगाल ने 94 रन से दर्ज की जीत
जीत के लिए 164 रनों का पीछा करने उतरी इजरायल की टीम पुर्तगाली गेंदबाजों के सामने बिल्कुल भी टिक नहीं सकी। इजरायल के बल्लेबाज लगातार अंतराल पर आउट होते रहे और पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 69 रन ही बना पाई। पुर्तगाल के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम पर शिकंजा कसे रखा और अपनी टीम को 94 रनों से एकतरफा जीत दिलाई।
आईसीसी नियमों के तहत जन्मस्थान पुर्तगाल वापसी का रास्ता
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा और सफल करियर बिताने के बाद मोइसेस हेनरिक्स का 39 साल की उम्र में पुर्तगाल के लिए मैदान पर उतरना बेहद दिलचस्प मोड़ है। दरअसल, हेनरिक्स का जन्म पुर्तगाल के मडेरा द्वीप समूह पर हुआ था। बाद में उनका परिवार ऑस्ट्रेलिया स्थानांतरित हो गया था, जहां उन्होंने पेशेवर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के पात्रता नियमों का लाभ उठाते हुए वे अपने जन्मस्थान के देश का प्रतिनिधित्व करने लौटे हैं और टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।



















