श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले ही दिन भारतीय पारी के दौरान एक बेहद अजीबोगरीब और विवादस्पद वाकया देखने को मिला। भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल शानदार लय में बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन वह एक दुर्भाग्यपूर्ण रनआउट का शिकार होकर पवेलियन लौट गए। सिंगल लेने की कोशिश के दौरान पिच के बीच में श्रीलंकाई गेंदबाज केशरा नुवानथा से उनकी जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद दूसरे छोर पर मौजूद केएल राहुल के साथ हुई भयंकर गफलत के कारण दोनों बल्लेबाज गेंदबाजी छोर की क्रीज पर एक साथ पहुंच गए और अंततः यशस्वी जायसवाल को अपना विकेट गंवाना पड़ा।
11वें ओवर में पिच पर कैसे हुआ पूरा हादसा
यह नाटकीय घटनाक्रम भारतीय पारी के 11वें ओवर की पहली गेंद पर देखने को मिला। स्ट्राइक पर मौजूद केएल राहुल ने गेंद को बेहद हल्के हाथों से खेला और तुरंत ही नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े यशस्वी जायसवाल को एक रन के लिए आवाज लगाई। गेंदबाजी एंड पर मौजूद श्रीलंकाई गेंदबाज केशरा नुवानथा ने सिंगल रोकने के लिए अपनी दाईं ओर डाइव लगाई। इसी दौरान रन पूरा करने के लिए तेजी से दौड़ रहे यशस्वी जायसवाल का संतुलन बिगड़ गया और वह गेंदबाज से टकराकर सीधे पिच पर गिर पड़े।
यशस्वी के गिरते ही केएल राहुल, जो तब तक आधी क्रीज तक आ चुके थे, अचानक रुक गए। हालांकि जैसे ही यशस्वी नीचे से उठने की कोशिश करने लगे, राहुल को लगा कि वह अभी भी सिंगल पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद राहुल ने दोबारा दौड़ लगा दी और तेजी से नॉन-स्ट्राइकर एंड की ओर भाग पड़े। यशस्वी भी उसी छोर की तरफ भागे, लेकिन केएल राहुल ने उनसे पहले अपना बल्ला क्रीज के भीतर रख दिया। नियमानुसार जो बल्लेबाज क्रीज में बाद में पहुंचता है, उसे ही आउट माना जाता है।
कप्तान धनंजय डी सिल्वा का इशारा और बेल्स गिराना
मैदान पर इस पूरी घटना के दौरान श्रीलंकाई फील्डर प्रभात जयसूर्या ने गेंद को फील्ड करके तुरंत विकेटकीपर निरोशन डिकवेला की तरफ फेंका। गेंद हाथ में आने के बावजूद डिकवेला ने तुरंत बेल्स नहीं गिराईं। वह थोड़े असमंजस में थे क्योंकि यशस्वी जायसवाल गेंदबाज से टकराकर नीचे गिरे थे। डिकवेला ने स्लिप में खड़े अपने कप्तान धनंजय डी सिल्वा की तरफ देखा कि क्या उन्हें इस स्थिति में बेल्स गिराकर आउट की अपील करनी चाहिए।
कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बिना किसी हिचकिचाहट के हाथ से इशारा किया कि इसमें कोई समस्या नहीं है और बेल्स गिरा दी जाएं। कप्तान की ओर से हरी झंडी मिलते ही विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने बेल्स को विकेट से अलग कर दिया। हालांकि शुरुआती क्षणों में श्रीलंकाई कप्तान टक्कर के कारण अपील वापस लेने पर विचार कर रहे थे, लेकिन केएल राहुल द्वारा दोबारा रन लेने की कोशिश के कारण श्रीलंका ने रनआउट की अपील को बरकरार रखा। इस तरह यशस्वी जायसवाल 37 गेंदों पर 32 रन बनाकर निराश होकर मैदान से बाहर चले गए।
रनआउट के इस विवाद में किसकी थी मुख्य गलती
क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजों के बीच रन लेते समय तालमेल की कमी होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन गॉल टेस्ट में घटी यह घटना पूरी तरह से केएल राहुल की गलतफहमी का नतीजा नजर आती है। जब केएल राहुल ने स्पष्ट देख लिया था कि यशस्वी जायसवाल गेंदबाज से टकराकर पिच पर नीचे गिर चुके हैं, तब उनके पास आसानी से अपनी क्रीज में वापस जाने का पर्याप्त समय उपलब्ध था।
गेंद उस समय तक किसी भी श्रीलंकाई फील्डर के पास नहीं पहुंची थी, इसलिए राहुल बिना किसी जोखिम के स्ट्राइकर एंड पर वापस लौट सकते थे। लेकिन राहुल द्वारा दोबारा रन के लिए दौड़ने के फैसले ने स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ दिया और दोनों बल्लेबाज एक ही क्रीज पर जमा हो गए। इस तरह एक सेट बल्लेबाज का विकेट भारत ने महज एक गफलत की वजह से गंवा दिया।



















