तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ए ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत ए को 125 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया। मुकाबले के शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की और फिर उनके तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। मध्यक्रम में रजत पाटीदार के संघर्षपूर्ण पचासे के बावजूद भारतीय दल लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सका, जिससे घरेलू टीम को इस श्रृंखला में शुरुआती बढ़त गंवाने का मलाल रहा।
शुरुआती झटकों के बाद मैकस्वीनी और सदरलैंड की मजबूत साझेदारी
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने पहुंची ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत काफी लड़खड़ाती हुई रही। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ पर प्रहार करते हुए विरोधी टीम के शीर्ष क्रम को जल्द ही पवेलियन की राह दिखा दी। एक समय मेहमान टीम ने केवल 87 रनों के कुल योग पर अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे, जिससे लग रहा था कि उनका स्कोर बेहद कम रहेगा। ऐसे नाजुक मोड़ पर कप्तान नाथन मैकस्वीनी ने मोर्चा संभाला और धैर्यपूर्ण खेल दिखाते हुए पारी को पटरी पर लाने का बीड़ा उठाया।
मैकस्वीनी को निचले मध्यक्रम में विल सदरलैंड का भरपूर साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की ढीली गेंदों पर प्रहार करते हुए छठे विकेट के लिए 141 रनों की जबरदस्त रिकॉर्ड भागीदारी निभाई। मैकस्वीनी ने 135 गेंदों का सामना करते हुए 123 रनों की शतकीय पारी खेली, जिसमें मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट शामिल थे। वहीं दूसरे छोर से सदरलैंड ने आक्रामक रुख अख्तियार किया और केवल 68 गेंदों में 77 रन ठोक डाले। इस महत्वपूर्ण साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने 48.2 ओवरों में 274 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाजों का शुरुआती प्रहार और सूर्यांश शेडगे की फिरकी
गेंदबाजी के मोर्चे पर भारत ए ने शुरुआत में कड़ा शिकंजा कसा हुआ था। युवा गेंदबाज सूर्यांश शेडगे ने अपनी विविधता भरी गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को लगातार छकाया और 40 रन देकर 4 विकेट हासिल करते हुए सबसे कामयाब गेंदबाज बने। तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने भी अपनी धारदार गेंदबाजी से 47 रन देकर 3 अहम सफलताएं दर्ज कीं। वहीं अरशद खान ने किफायती रहते हुए 48 रन देकर 2 बल्लेबाजों को चलता किया। हालांकि शुरुआती 25 ओवरों में दिखा यह अनुशासन पारी के अंतिम चरण में बरकरार नहीं रह सका, जिसका फायदा विरोधी बल्लेबाजों ने जमकर उठाया।
महली बियर्डमैन की रफ्तार के आगे धराशायी हुआ भारतीय शीर्ष क्रम
जवाब में 275 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को साधने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। 21 वर्ष के युवा तेज गेंदबाज महली बियर्डमैन ने अपनी सटीक गति और उछाल से भारतीय शीर्ष क्रम की कमर तोड़ दी। उन्होंने अपने शुरुआती स्पेल में ही साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह को सस्ते में पवेलियन भेजकर केवल 24 रन पर 3 विकेट गिरा दिए। इसके तुरंत बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन ने भारतीय कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को आउट कर बड़ा झटका दिया, जिससे स्कोर 58 रन पर 4 विकेट हो गया।
रजत पाटीदार का अकेला संघर्ष और पूरी टीम का पतन
लगातार गिरते विकेटों के पतझड़ के बीच रजत पाटीदार ने एक छोर संभालकर कुछ देर तक मुकाबले को जीवित रखने की कोशिश की। पाटीदार ने अपनी पारी के दौरान धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए 53 रन बनाए, जो उनके लिस्ट-ए करियर का 14वां अर्धशतक था। निचले क्रम में निशांत सिंधू ने 31 रनों का योगदान दिया, लेकिन दूसरे छोर से निरंतर विकेट गिरते रहने से जरूरी रन गति का दबाव बढ़ता गया। महली बियर्डमैन ने कुल 4 शिकार किए और पूरी भारतीय टीम 31.4 ओवरों में मात्र 149 रनों पर सिमट गई।
श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 9 अक्टूबर को तय
इस बड़ी जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ए ने तीन मैचों की इस श्रृंखला में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज कर ली है। अब भारत ए को श्रृंखला जीवंत रखने के लिए आगामी मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दोनों टीमों के बीच दूसरा एकदिवसीय मैच 9 अक्टूबर को खेला जाएगा, जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 11 अक्टूबर को आयोजित होना तय है।



















