न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टेस्ट दल के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की फॉर्म टीम प्रबंधन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। न्यूजीलैंड ए के विरुद्ध खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में यशस्वी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। हाल के मुकाबलों की पिछली 9 पारियों में यह चौथा अवसर है जब वे शून्य पर आउट हुए हैं।
न्यूजीलैंड ए के खिलाफ दोनों मुकाबलों में संघर्ष
न्यूजीलैंड की पिचों पर जारी अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज में यशस्वी रन बनाने के लिए लगातार जूझते दिखे हैं। सीरीज के पहले मैच की दोनों पारियों में वे केवल 17 और 5 रन का योगदान दे सके थे। इसके बाद दूसरे मुकाबले में उनसे एक बड़ी और ठोस पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वे पहली गेंद से ही असहज नजर आए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए।
देवदत्त पडिक्कल का बेहतरीन प्रदर्शन और ओपनिंग संयोजन पर सवाल
एक ओर जहां यशस्वी लगातार असफल हो रहे हैं, वहीं शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाज मौकों को भुनाने में लगे हैं। इसी मुकाबले में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रनों का अंबार लगाया और अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की। यशस्वी की लगातार नाकामी और अन्य बल्लेबाजों के अच्छे प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मैचों के लिए ओपनिंग संयोजन में बदलाव की चर्चाओं को हवा दे दी है।
रेड बॉल क्रिकेट में भारतीय ओपनर्स की हालिया चुनौतियां
रेड बॉल क्रिकेट में भारतीय शीर्ष क्रम का यह संघर्ष केवल न्यूजीलैंड तक सीमित नहीं रहा है। इससे पहले घरेलू रणजी ट्रॉफी मुकाबलों में भी ओपनर्स का प्रदर्शन फीका रहा था, जहां यशस्वी शून्य पर आउट हुए थे और केएल राहुल का बल्ला भी नहीं चल सका था। इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ रेड बॉल अभियान की शुरुआत में राहुल, साई सुदर्शन और यशस्वी के सस्ते में सिमटने से मुख्य कोच गौतम गंभीर की मुश्किलें बढ़ती दिखी हैं। लगातार गिरते प्रदर्शन के बीच भारतीय खेमे को जल्द ही शीर्ष क्रम की कमजोरियों का समाधान ढूंढना होगा।



















