भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) मुंबई में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के रोडमैप और खिलाड़ियों की फिटनेस प्रबंधन पर कई बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण एक साथ नजर आएंगे। बैठक का मुख्य ध्यान अक्टूबर-न्यूजीलैंड के आगामी महत्वपूर्ण ऑल-फॉर्मेट दौरे की तैयारियों, चोटिल केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के पुनर्वास की स्थिति और अगले साल दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप के लिए दीर्घकालिक खाका तैयार करने पर केंद्रित होगा। जून-जुलाई में यूके दौरे के दौरान मिली हार पर विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ हितधारक भारतीय क्रिकेट को एक स्पष्ट और मजबूत दिशा देने के लिए रणनीतिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
चोटिल खिलाड़ियों की रिकवरी और सीओई की कार्यप्रणाली पर उठेंगे कड़े सवाल
भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रमुख खिलाड़ियों का चोटिल होना और उनके सही समय पर मैदान में वापसी न कर पाना है। बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में पुनर्वास से गुजर रहे केंद्रीय अनुबंधित और लक्षित खिलाड़ियों की प्रगति को लेकर अजीत अगरकर और गौतम गंभीर बहुत ही विशिष्ट और कड़े सवाल पूछने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, श्रीलंका टेस्ट श्रृंखला से पहले चयन समिति को अनौपचारिक रूप से यह सूचित किया गया था कि प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह कम से कम एक या दो टेस्ट मैचों के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगे। हालांकि, बुमराह की सटीक स्थिति पर अस्पष्टता के कारण अगरकर को सीओई को एक औपचारिक ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण मांगना पड़ा था। दूसरे टेस्ट मैच में बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय टीम को भारी पड़ी, जहां एक सपाट पिच पर मोहम्मद सिराज अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नजर नहीं आए और टीम को संघर्ष करना पड़ा।
इसके अलावा, स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के बाद से हार्दिक ने कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है और आगामी वनडे विश्व कप में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हार्दिक ने हाल ही में बेंगलुरु में अपना ठिकाना स्थानांतरित किया है, वहां एक किराए का मकान लिया है और सीओई के आसपास ही अपनी ट्रेनिंग शुरू करने की योजना बनाई है। हालांकि, टीम प्रबंधन और चयन समिति ने यह रुख साफ कर दिया है कि जब तक सीओई की स्पोर्ट्स साइंस टीम उन्हें किसी मैच सिमुलेशन में लगातार 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह फिट घोषित नहीं करती, तब तक उन्हें 50 ओवर के प्रारूप के लिए नहीं चुना जाएगा। 13 सितंबर से नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की टी20ई श्रृंखला के लिए भी हार्दिक के नाम पर विचार नहीं किया गया क्योंकि वे एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा नहीं थे।
सीओई की स्पोर्ट्स साइंस टीम की कार्यप्रणाली भी इस समीक्षा बैठक में चर्चा के केंद्र में रहेगी। आमतौर पर खिलाड़ियों की चोट की प्रकृति और उनके शरीर की रिकवरी क्षमता अलग-अलग होती है, लेकिन कई मौकों पर सीओई की टीम खिलाड़ियों की संभावित वापसी की समय-सीमा बताने में भी विफल रही है। तेज गेंदबाज आकाश दीप पिछले कई महीनों से सीओई में बने हुए हैं और उन्होंने कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। न्यूजीलैंड ए के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला से पहले उनकी उपलब्धता पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू हो रही टी20ई श्रृंखला के लिए चुनी गई टीम में चार चोटिल खिलाड़ियों जसप्रीत बुमराह, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा को शामिल किया गया है, लेकिन उनका चयन पूरी तरह से फिटनेस पर निर्भर है। ये सभी खिलाड़ी फिलहाल 'रिटर्न टू प्ले' प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं, और अब जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण के नेतृत्व वाले सीओई पर है कि वे इन खिलाड़ियों को मैच सिमुलेशन से गुजारकर मैदान पर उतरने योग्य बनाएं। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि 'रिटर्न टू प्ले' प्रोटोकॉल पूरा करने और फिटनेस टेस्ट पास करने के बावजूद खिलाड़ी मैच के दौरान अनफिट या अधिक वजन वाले पाए गए हैं, जिससे सीओई के मूल्यांकन मानकों पर सवाल उठे हैं।
रोहित शर्मा, विराट कोहली और जडेजा के भविष्य पर रणनीति
इस समीक्षा बैठक में वनडे विश्व कप के रोडमैप के तहत टीम के तीन वरिष्ठ खिलाड़ियों रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा के भविष्य पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है। वर्तमान स्थिति में विराट कोहली और रविंद्र जडेजा के चयन या स्थान को लेकर कोई खास दबाव नहीं है, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसी चर्चाएं हैं कि हाल ही में समाप्त हुए इंग्लैंड दौरे के दौरान लॉर्ड्स वनडे के बाद चयन समिति के एक सदस्य (अध्यक्ष को छोड़कर) ने रोहित शर्मा से व्यक्तिगत रूप से बात की थी और उन्हें यह संदेश दिया था कि चयन पैनल अब भविष्य की ओर देखने की योजना बना रहा है। इस दौरान रोहित से यह भी पूछा गया था कि क्या वे उस मैच के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने पर विचार कर रहे हैं।
यद्यपि रोहित शर्मा और उनके करीबी सहयोगियों ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शुरुआती नाराजगी के बाद रोहित इस बातचीत पर सहमत दिख रहे थे। हालांकि, लॉर्ड्स में खेले गए उस वनडे मुकाबले में भले ही भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन रोहित शर्मा ने एक क्लासिक शतकीय पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है। इस शानदार शतक के बाद उनके संन्यास की संभावनाओं पर फिलहाल के लिए विराम लग गया है। इसके बावजूद, यह तय रूप से नहीं कहा जा सकता है कि अगले साल दक्षिण अफ्रीका जाने वाली वनडे विश्व कप टीम की उड़ान में रोहित शर्मा शामिल होंगे या नहीं। बैठक में गंभीर और अगरकर वरिष्ठ खिलाड़ियों के कार्यभार और उनके लंबे समय के विकल्पों पर एक स्पष्ट नीति तैयार करना चाहेंगे।
अजीत अगरकर का अनुबंध और चयन समिति की निरंतरता
अजीत अगरकर का चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में वर्तमान अनुबंध 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। इसके बावजूद, बीसीसीआई द्वारा उन्हें इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में शामिल करना इस बात का संकेत देता है कि क्रिकेट बोर्ड आगामी वनडे विश्व कप तक चयन प्रक्रिया में निरंतरता और स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है। बीसीसीआई चाहता है कि टीम प्रबंधन, चयनकर्ता और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बीच एक मजबूत सामंजस्य बना रहे। मुख्य कोच गौतम गंभीर, चयन प्रमुख अजीत अगरकर और सीओई प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण की यह त्रिमूर्ति एक ही पृष्ठ पर रहे ताकि आगामी बड़े आईसीसी आयोजनों और महत्वपूर्ण विदेशी दौरों के लिए रणनीतिक योजनाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें।



















