भारतीय क्रिकेट बोर्ड की 38 राज्य इकाइयों को वार्षिक आम बैठक का औपचारिक बुलावा भेज दिया गया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने यह पुष्टि की है कि इस साल बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 18 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े फैसले लिए जाएंगे, जिनमें इंडियन प्रीमियर लीग की संचालन समिति के नए सदस्यों का चुनाव और द्वीप क्षेत्रों में क्रिकेट के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव मुख्य रूप से शामिल हैं।
आईपीएल संचालन समिति और चेयरमैन पद का चुनाव
इस वार्षिक आम बैठक के दौरान आईपीएल की संचालन समिति में खाली हो रहे दो पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इनमें सबसे प्रमुख पद आईपीएल चेयरमैन का है, जिसकी जिम्मेदारी वर्तमान में अरुण धूमल संभाल रहे हैं। चुनाव अधिकारी एके ज्योति की ओर से चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, बीसीसीआई के सदस्य राज्यों को अपने प्रतिनिधियों का नामांकन पत्र जमा करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है।
इसके बाद 11 सितंबर को वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। अगर किसी पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में नहीं आते हैं, तो 18 सितंबर को एजीएम के दिन मतदान की आवश्यकता नहीं होगी। खेल जगत और प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि संचालन समिति के दोनों पदों पर चुनाव निर्विरोध ही संपन्न हो जाएंगे।
लोकपाल, आचरण अधिकारी और खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व
आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के चुनाव के अलावा बैठक के एजेंडे में भारतीय खिलाड़ियों के हितों से जुड़े मुद्दे भी शामिल किए गए हैं। बैठक में भारतीय क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि को आईपीएल संचालन समिति में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और उसे मंजूरी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त बीसीसीआई के प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नए लोकपाल और आचरण अधिकारी की नियुक्ति का महत्वपूर्ण मुद्दा भी इस बैठक के समक्ष रखा जाएगा।
अंडमान और निकोबार को एसोसिएट सदस्यता देने का प्रस्ताव
बीसीसीआई इस बार देश के दूर-दराज के हिस्सों में क्रिकेट का दायरा बढ़ाने के लिए बड़ा निर्णय ले सकता है। बैठक में क्रिकेट एसोसिएशन अंडमान एंड निकोबार को बीसीसीआई की एसोसिएट सदस्यता प्रदान करने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होगी। इससे पहले जून महीने में आयोजित बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में भी इस विषय पर शुरुआती बातचीत हुई थी। फिलहाल यह प्रादेशिक संगठन बीसीसीआई से औपचारिक रूप से संबद्ध नहीं है। नियम के अनुसार, एसोसिएट सदस्य बनने वाले संगठनों को बीसीसीआई की बैठकों और चुनावों में मतदान का अधिकार नहीं मिलता है, लेकिन उन्हें वित्तीय और ढांचागत मदद दी जाती है।
बुनियादी ढांचे का विकास और घरेलू क्रिकेट का खाका
यदि एजीएम में अंडमान और निकोबार के एसोसिएट सदस्यता प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो बीसीसीआई द्वीप समूह में खेल सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का काम शुरू करेगा। इसके तहत वहां क्रिकेट मैदान तैयार करने, स्थानीय मैचों का आयोजन कराने और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने में मदद उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि अंडमान और निकोबार की क्रिकेट टीम को तुरंत बीसीसीआई की रणजी ट्रॉफी या अन्य घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं किया जाएगा। सबसे पहले वहां खिलाड़ियों का आधार और बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा, जिसके बाद परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही उन्हें घरेलू टूर्नामेंट में उतारने पर फैसला लिया जाएगा।

















