भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों का आगाज काफी पहले ही कर दिया है। मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल की जोड़ी आगामी टूर्नामेंट के लिए एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने में जुटी हुई है। इस पूरी योजना के तहत कुछ ऐसे सीनियर खिलाड़ियों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनका टूर्नामेंट के वक्त प्लेइंग इलेवन में शामिल होना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। इस फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का लिया जा रहा है, जिन्हें लेकर चर्चा है कि उन्हें विश्व कप के लिए चुनी जाने वाली अंतिम टीम में जगह मिल पाना बेहद कठिन होगा।
भविष्य की युवा टीम और उम्र का असर
टीम प्रबंधन द्वारा इस तरह का कड़ा फैसला लिए जाने के पीछे मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल पूरी तरह से भविष्य की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे आने वाले समय के लिए एक युवा और तरोताजा टीम खड़ी करना चाहते हैं ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय टीम लंबे समय तक दबदबा बनाए रखे। जब साल 2027 का विश्व कप आएगा, तब रवींद्र जडेजा की उम्र 38 वर्ष हो चुकी होगी। उनकी लगातार बढ़ती उम्र के साथ-साथ उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी को मुख्य आधार बनाते हुए चयन मामलों से जुड़े सूत्र यह मान रहे हैं कि उनका आगामी विश्व कप टीम से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।
मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने की चुनौती
वर्तमान समय में भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह खड़ी हो गई है कि मिडिल ऑर्डर में अभी तक कोई पुख्ता और भरोसेमंद बैकअप विकल्प तैयार नहीं है। इस कमी को समय रहते दूर करने के लिए टीम इंडिया ने अभी से काम करना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत पिछले कुछ समय से वनडे प्रारूप में रवींद्र जडेजा को मिलने वाले मौकों में भी कमी आई है। इसके अलावा बढ़ती उम्र और फिटनेस से जुड़ी परेशानियां भी टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रही हैं। इन तमाम वजहों को ध्यान में रखते हुए गिल और गंभीर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही मध्य क्रम में कम से कम दो मजबूत बैकअप खिलाड़ियों को तैयार कर लिया जाए।
ऑलराउंडर्स की फिटनेस बनी चिंता का विषय
भारतीय टीम प्रबंधन को अपनी खेल रणनीति में लगातार फेरबदल इसलिए भी करना पड़ रहा है क्योंकि टीम में तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका के लिए संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस श्रेणी के मुख्य खिलाड़ी जैसे हार्दिक पंड्या और नितीश रेड्डी आए दिन फिटनेस समस्याओं और चोटों से जूझते रहे हैं। हालांकि शिवम दुबे के रूप में एक विकल्प टीम के पास जरूर मौजूद है, लेकिन उनके चोटिल होने की स्थिति में उनके लिए भी कोई दूसरा बैकअप तैयार नहीं है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय खेमा यही उम्मीद लगाए बैठा होगा कि हार्दिक पंड्या और नितीश रेड्डी आगामी विश्व कप तक पूरी तरह से फिट होकर अपनी लय हासिल कर लें।



















