मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है, जहां बुधवार को तिपोराम गांव में कम से कम 25 मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। यह विनाशकारी घटना इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड के आसपास स्थित पड़ोसी बस्तियों पर हुए हमलों के ठीक एक दिन बाद सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।
तिपोराम गांव में हुई भारी तबाही
स्थानीय निवासियों के अनुसार, तिपोराम गांव में उपद्रवियों ने 25 मकानों को आग लगा दी, जिसके बाद ग्रामीणों को वहां से निकलने पर मजबूर होना पड़ा। नुकसान झेलने वाले मकानों में से पांच घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे। इससे पहले हिंसा की शुरुआती घटनाओं के दौरान तिपोराम के निवासियों को सुरक्षा के लिहाज से लगभग 15 किलोमीटर दूर मकुई गांव में स्थानांतरित कर दिया गया था। मंगलवार को जब कुछ ग्रामीण अपने घर वापस लौटे, तो उन पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई।
गांव वालों का आरोप है कि आगजनी की इस घटना की सूचना सुरक्षा बलों को समय पर दे दी गई थी, लेकिन बुधवार तक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, सुरक्षा बलों या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई टिप्पणी या पुष्टि नहीं आई है।
सोमवार और मंगलवार को हुए हमले
तिपोराम में हुई यह घटना इस हफ्ते की शुरुआत में कांगपोकपी जिले में हुए अन्य हिंसक हमलों के बाद हुई है। सोमवार को तेईखांग कुकी गांव पर हुए हमले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की जान चली गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार, इस हमले के बाद दोपहर 12:30 बजे तक क्षेत्र में भारी गोलीबारी जारी रही।
इसके बाद मंगलवार को इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड पर स्थित लियांगमई नागा गांवों को निशाना बनाया गया। पुलिस ने बताया कि इस आगजनी में कम से कम 10 मकान जलकर राख हो गए। इसके अलावा उपद्रवियों ने वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया, जिसमें एक एक्सकेवेटर, एक जिप्सी, एक पिकअप ट्रक और एक बड़ा ट्रक शामिल है।
चर्च पादरी भी हुए घायल
जारी हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों में 49 वर्षीय एन लुईथुईबाउ भी शामिल हैं, जिन्हें दाहिने पेट और हाथ में गोली लगी है। स्थानीय लोगों ने उनकी पहचान एक स्थानीय चर्च पादरी के रूप में की है।





















