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मणिपुर के तिपोराम गांव में फिर हिंसा, उपद्रवियों ने फूंक दिए 25 मकानमणिपुर
2 सित॰ 2026, 8:47 pm (52 मिनट पहले)· 2

मणिपुर के तिपोराम गांव में फिर हिंसा, उपद्रवियों ने फूंक दिए 25 मकान

मणिपुर के कांगपोकपी जिले स्थित तिपोराम गांव में असामाजिक तत्वों ने 25 घरों में आग लगा दी, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है, जहां बुधवार को तिपोराम गांव में कम से कम 25 मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। यह विनाशकारी घटना इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड के आसपास स्थित पड़ोसी बस्तियों पर हुए हमलों के ठीक एक दिन बाद सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।

तिपोराम गांव में हुई भारी तबाही

स्थानीय निवासियों के अनुसार, तिपोराम गांव में उपद्रवियों ने 25 मकानों को आग लगा दी, जिसके बाद ग्रामीणों को वहां से निकलने पर मजबूर होना पड़ा। नुकसान झेलने वाले मकानों में से पांच घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे। इससे पहले हिंसा की शुरुआती घटनाओं के दौरान तिपोराम के निवासियों को सुरक्षा के लिहाज से लगभग 15 किलोमीटर दूर मकुई गांव में स्थानांतरित कर दिया गया था। मंगलवार को जब कुछ ग्रामीण अपने घर वापस लौटे, तो उन पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई।

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गांव वालों का आरोप है कि आगजनी की इस घटना की सूचना सुरक्षा बलों को समय पर दे दी गई थी, लेकिन बुधवार तक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, सुरक्षा बलों या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई टिप्पणी या पुष्टि नहीं आई है।

सोमवार और मंगलवार को हुए हमले

तिपोराम में हुई यह घटना इस हफ्ते की शुरुआत में कांगपोकपी जिले में हुए अन्य हिंसक हमलों के बाद हुई है। सोमवार को तेईखांग कुकी गांव पर हुए हमले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की जान चली गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार, इस हमले के बाद दोपहर 12:30 बजे तक क्षेत्र में भारी गोलीबारी जारी रही।

इसके बाद मंगलवार को इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड पर स्थित लियांगमई नागा गांवों को निशाना बनाया गया। पुलिस ने बताया कि इस आगजनी में कम से कम 10 मकान जलकर राख हो गए। इसके अलावा उपद्रवियों ने वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया, जिसमें एक एक्सकेवेटर, एक जिप्सी, एक पिकअप ट्रक और एक बड़ा ट्रक शामिल है।

चर्च पादरी भी हुए घायल

जारी हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों में 49 वर्षीय एन लुईथुईबाउ भी शामिल हैं, जिन्हें दाहिने पेट और हाथ में गोली लगी है। स्थानीय लोगों ने उनकी पहचान एक स्थानीय चर्च पादरी के रूप में की है।

सवाल-जवाब

तिपोराम गांव में कितने मकानों को आग के हवाले किया गया?
बुधवार को तिपोराम गांव में कम से कम 25 मकानों को आग लगा दी गई, जिनमें से 5 घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे।
हफ्ते की शुरुआत में तेईखांग कुकी गांव में क्या हुआ था?
सोमवार को तेईखांग कुकी गांव पर हुए हमले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे।
मंगलवार को इंफाल-तामेंगलॉन्ग रोड पर क्या नुकसान हुआ?
लियांगमई नागा गांवों में कम से कम 10 घर जला दिए गए और चार वाहन (एक्सकेवेटर, जिप्सी, पिकअप ट्रक और ट्रक) क्षतिग्रस्त पाए गए।
हिंसा के दौरान घायल हुए चर्च पादरी कौन हैं?
49 वर्षीय एन लुईथुईबाउ, जो एक स्थानीय चर्च पादरी हैं, को दाहिने पेट और हाथ में गोली लगी है।
आगजनी से पहले तिपोराम के निवासियों को कहां भेजा गया था?
शुरुआती हिंसा के बाद तिपोराम के ग्रामीणों को लगभग 15 किलोमीटर दूर मकुई गांव में सुरक्षित भेज दिया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·3 मिनट पहले

मणिपुर के कांगपोकपी में लगातार हो रही हिंसा और विस्थापितों पर हमलों से सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जब तक सुरक्षा बल समय पर और प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक विस्थापितों की सुरक्षित घर वापसी असंभव है और क्षेत्रीय तनाव थमता नहीं दिखेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·3 मिनट पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, कांगपोकपी में विस्थापितों के लौटने पर हुई गोलीबारी और समय पर सुरक्षा प्रतिक्रिया न मिलने के आरोप कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। जब तक खुफिया तंत्र और ग्राउंड डिप्लॉयमेंट में समन्वय नहीं सुधरेगा, तब तक बहु-जातीय बस्तियों और संवेदनशील मार्गों पर नियंत्रण पाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।

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