भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल रन-चेज करते हुए 226 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर और विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन ने मैच को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और टीम की रणनीति का खुलासा किया।
श्रेयस अय्यर ने की नमन धीर की तारीफ
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैच के बाद युवा ऑलराउंडर नमन धीर के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। श्रेयस अय्यर ने खुद इस मुकाबले में 28 गेंदों पर 42 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि नमन धीर ने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। श्रेयस अय्यर ने कहा कि नमन धीर टीम को कई विकल्प प्रदान करते हैं, विशेषकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी के मामले में। कप्तान ने यह भी कहा कि दबाव से भरी परिस्थितियों में भी नमन का शांत स्वभाव वाकई गजब का है। हालांकि इस पहले मुकाबले में नमन धीर को गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला था।
जेट लैग और शुरुआती चुनौतियां
न्यूजीलैंड की धरती पर पहुंचने के महज दो दिन बाद ही मुकाबला खेलने उतरी भारतीय टीम के खिलाड़ियों को थकान और जेट लैग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इस पर बात करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने मुस्कुराते हुए कहा कि शायद अब खिलाड़ियों को जेट लैग की बात भूल जानी चाहिए। भारतीय कप्तान ने बताया कि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ता गया, पिच पर बल्लेबाजी करना और भी आसान होता गया। संजू सैमसन ने टीम को बेहद धमाकेदार शुरुआत दिलाई, जिसकी बदौलत मेहमान टीम ने पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में ही स्कोर बोर्ड पर तेजी से रन जोड़े। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर बात करते हुए श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया कि उन्हें अलग से यह बताने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती कि मैदान पर क्या करना है, क्योंकि वे अपनी पारी को आगे बढ़ाने के तौर-तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के कप्तान मिशेल सेंटनर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम आगामी मैचों में भारतीय ओपनर्स के खिलाफ अपनी रणनीति में सुधार करने की पूरी कोशिश करेगी।
संजू सैमसन का धमाकेदार प्रदर्शन और पावर-प्ले की आक्रामक सोच
भारत की इस ऐतिहासिक जीत में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने बेहद अहम भूमिका निभाई। संजू सैमसन ने मात्र 33 गेंदों का सामना करते हुए 67 रनों की शानदार और आक्रामक पारी खेली, जिसमें आठ शानदार चौके और चार गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी इसी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 226 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पावरप्ले के भीतर ही 93 रन जोड़ लिए थे। अंततः भारतीय टीम ने 19.4 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 230 रन बनाकर टी20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा सफल रन-चेज पूरा किया।
मैच के बाद संजू सैमसन का बड़ा बयान
मैच के बाद जब संजू सैमसन से यह सवाल पूछा गया कि यदि लक्ष्य छोटा होता, तो क्या भारतीय टीम का बल्लेबाजी करने का तरीका कुछ अलग होता, तो उन्होंने पत्रकारों को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि टीम की शैली में थोड़ा सा भी बदलाव आता, बस खेल के चरण अलग होते। संजू सैमसन ने आगे बताया कि जब आपको पावरप्ले के दौरान इतनी बेहतरीन शुरुआत मिल जाती है, तो मैदान पर आपका रवैया पूरी तरह बदल जाता है। टीम प्रबंधन हर चरण को अलग नजरिए से देखता है, जिसमें पावरप्ले, बीच के ओवर और डेथ ओवर के चरण शामिल हैं। इसलिए भले ही आप 170 रनों का पीछा क्यों न कर रहे हों और यदि आपको तेज शुरुआत मिल जाए, तो टीम यह सुनिश्चित करती है कि पावरप्ले के ही अंदर मैच को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाए।
जीत की निरंतरता और विश्व कप के बाद की मानसिकता
संजू सैमसन ने खुलासा किया कि पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम इसी रणनीति को बहुत बेहतरीन तरीके से अमल में ला रही है। उन्होंने कहा कि यही वह आक्रामक मानसिकता है जिसे टीम लगातार मैदान पर प्रदर्शित कर रही है। यह सिर्फ उनके या अभिषेक शर्मा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरने वाला हर खिलाड़ी इसी शैली को अपना रहा है। साल 2024 का टी20 विश्व कप जीतने के बाद से ही भारतीय टीम लगातार यही एप्रोच अपनाती आ रही है। संजू ने अंत में कहा कि टीम को केवल वही चीजें करनी हैं जो एक इकाई के रूप में उनके लिए लगातार फायदेमंद साबित हो रही हैं।



















