इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में शनिवार को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारतीय टीम को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. पांच मैचों की इस सीरीज में अब भारत 0-1 से पीछे हो गया है और हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ कर दिया कि वह इस हार का ठीकरा किसी एक खिलाड़ी के सिर पर नहीं फोड़ना चाहते, हालांकि उनके निशाने पर रवि बिश्नोई की गेंदबाजी जरूर रही. पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 190 रन ही बना सकी. जवाब में उतरी इंग्लैंड की टीम ने 19 ओवर में ही 4 विकेट शेष रहते यह लक्ष्य हासिल कर लिया. मैच खत्म होने के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा, "हम सभी जानते हैं कि कहां गलती हुई, लेकिन मैं किसी एक खिलाड़ी पर अंगुली नहीं उठाना चाहता."
बिश्नोई का महंगा ओवर बना टर्निंग पॉइंट
16वें ओवर तक इंग्लैंड की टीम 5 विकेट गंवाकर 142 रन पर सिमटी हुई थी और मुकाबला भारत की पकड़ में नजर आ रहा था. लेकिन अगले ही ओवर में सब कुछ बदल गया. रवि बिश्नोई ने 17वें ओवर में अकेले 29 रन लुटा दिए, जिसमें 2 नो-बॉल भी शामिल रहीं. पूरे मैच में इस लेग स्पिनर ने 4 ओवर में कुल 60 रन दिए, लेकिन एक भी विकेट अपने नाम नहीं कर सके. यही ओवर मैच का रुख इंग्लैंड की तरफ मोड़ने वाला साबित हुआ.
कप्तान श्रेयस अय्यर की दो टूक
25 साल के रवि बिश्नोई पर कप्तान ने कहा, "मुझे लगता है कि एक नो-बॉल हुई, लेकिन मुझे यकीन है कि वह और मजबूत होकर वापसी करेंगे. फिर 17वें ओवर में मैच हाथ से निकल गया, उन्हें इससे सीखना होगा. इस पिच पर यह एक जबरदस्त स्कोर था, खासकर आखिरी ओवर में तिलक के शानदार 20 रन." गौर करने वाली बात यह रही कि अय्यर ने टीम की हार के लिए किसी एक गेंदबाज को सीधे कठघरे में खड़ा करने से इनकार कर दिया, बल्कि पूरी टीम की सामूहिक जिम्मेदारी की बात कही.
जैकब बेथेल की तूफानी पारी ने पलटा मैच
इंग्लैंड की जीत के असली हीरो रहे जैकब बेथेल, जिन्होंने महज 46 गेंदों पर 5 छक्कों और 5 चौकों की मदद से नाबाद 76 रन ठोक डाले. श्रेयस अय्यर ने इस पारी की तारीफ करते हुए कहा, "बेथेल ने जिस तरह से गेंदबाजों का सामना किया, वह काबिल-ए-तारीफ था. मुझे लगता है कि सैम करन ने शुरुआत में ही मैदान के आयाम को समझ लिया था और हमारे बाएं हाथ के बल्लेबाजों को शॉट खेलने के लिए जगह नहीं दी. बल्लेबाज लेग साइड पर मजबूत हैं, और वह उन्हें वहां खेलने नहीं दे रहे थे."
वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक डेब्यू
इस मैच में एक और बड़ी बात हुई. वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 15 साल और 99 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख दिया और भारतीय टीम के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. हालांकि डेब्यू मैच में वह कुछ खास नहीं कर पाए और 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए. इस युवा बल्लेबाज को लेकर कप्तान ने कहा, "मुझे लगता है कि उनमें एक बेबाक अंदाज है, उन्हें खेलते देखना वाकई शानदार है. मुझे नहीं लगा था कि वह घबराएंगे; पिछले कुछ महीनों और वर्षों में उन्होंने जबरदस्त क्रिकेट खेला है. उन्होंने वाकई मौके के हिसाब से बेहतरीन खेल दिखाया; उन्हें खेलते देखना बहुत अच्छा लगा."
इस हार के साथ भारतीय टीम पर अब सीरीज में बराबरी करने का दबाव बढ़ गया है, वहीं कप्तान के बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहता है, भले ही नतीजे फिलहाल साथ न दे रहे हों.













