टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। पारी के 37वें ओवर में गेंदबाज लाहिरू कुमारा की चौथी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर उन्होंने अपने टेस्ट करियर का 20वां अर्धशतक पूरा किया। इस एक शॉट के साथ ही उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में छक्कों का शतक पूरा कर लिया, जो भारतीय क्रिकेट में अब तक किसी अन्य बल्लेबाज ने नहीं किया था। अपनी इस आक्रामक पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर रन बटोरे और कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
सबसे कम गेंदों में छक्कों का शतक
ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने के लिए महज 4918 गेंदों का सामना किया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली गई यह सबसे कम गेंदों का रिकॉर्ड है। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ दिया है। एडम गिलक्रिस्ट ने अपने टेस्ट करियर में 100 छक्के पूरे करने के लिए कुल 6578 गेंदें खेली थीं। पंत ने उनसे काफी कम गेंदों का सामना करते हुए इस महारिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।
एशिया के पहले और दुनिया के चौथे बल्लेबाज
अपनी इस अद्भुत उपलब्धि के साथ ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 या उससे ज्यादा छक्के लगाने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। इस खास लिस्ट में उनसे आगे इंग्लैंड के बेन स्टोक्स 138 छक्कों के साथ और न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैक्कुलम 107 छक्कों के साथ मौजूद हैं। वहीं, 100 छक्कों के आंकड़े पर पहुंचकर पंत ने एडम गिलक्रिस्ट की बराबरी कर ली है। इसके अलावा, वह भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया से टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे एशियाई देशों के कई दिग्गज खिलाड़ी लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन कोई भी इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका था।
शानदार पारी और हालिया फॉर्म
रिकॉर्ड बनाने वाली इस पारी में ऋषभ पंत ने केवल आंकड़ों के लिए नहीं बल्कि अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 69 गेंदों का सामना करते हुए 66 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 8 चौके और 2 छक्के निकले और उनका स्ट्राइक रेट 95 से अधिक रहा। हालांकि, वह इस पारी को शतक में बदलने से चूक गए और 34 रन दूर रह गए। पिछले साल लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो शतक लगाने के बाद से उनके बल्ले से कोई टेस्ट सेंचुरी नहीं निकली है, लेकिन इस पारी ने उनकी फॉर्म और तेवर दोनों की तस्दीक कर दी है।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी जलवा
ऋषभ पंत की आक्रामकता सिर्फ पारंपरिक टेस्ट मैचों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC में भी उनका बल्ला जमकर बोला है। गॉल टेस्ट में दो छक्के लगाने के बाद WTC इतिहास में उनके कुल छक्कों की संख्या 80 हो गई है। इस आंकड़े के साथ वह WTC इतिहास में 80 या उससे ज्यादा छक्के लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इस लिस्ट में शीर्ष पर इंग्लैंड के बेन स्टोक्स हैं, जिन्होंने संन्यास लेने से पहले तक 88 छक्के जड़े थे। अब पंत और बेन स्टोक्स के बीच केवल 8 छक्कों का फासला बचा है, जिसे वह आगामी मुकाबलों में आसानी से पाट सकते हैं।
भारतीय बल्लेबाजों में सबसे आगे
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में 80 छक्कों के साथ ऋषभ पंत भारतीय बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर काबिज हैं। उनके बाद इस मामले में रोहित शर्मा के नाम 56 छक्के, शुभमन गिल के नाम 46 छक्के और यशस्वी जायसवाल के नाम 45 छक्के दर्ज हैं। ऋषभ पंत की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता उनका निडर स्वभाव है। जहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अमूमन बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों में रक्षात्मक रुख अपनाते हैं, वहीं पंत गेंदबाज पर दबाव बनाने के लिए बड़े शॉट खेलने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। यही वजह है कि उन्होंने सबसे कम गेंदों में 100 छक्के जड़कर क्रिकेट जगत में नया आयाम स्थापित किया है।



















