इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला का तीसरा और अंतिम मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर 9 सितंबर से शुरू हो चुका है। इस मैच में मैदान पर उतरते ही इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है। यह जो रूट के टेस्ट करियर का 169वां मुकाबला है। इस विशेष मैच के साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दो महान खिलाड़ियों स्टीव वॉ और रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने अपने-अपने करियर में 168-168 टेस्ट मैच खेले थे। अब जो रूट टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर आ गए हैं। दिसंबर 2012 में भारत के खिलाफ नागपुर में अपने टेस्ट करियर का आगाज करने वाले रूट का यह सफर लगभग 14 वर्षों का रहा है, जिसमें वे लगातार अपनी टीम के लिए प्रमुख बल्लेबाज रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर के विश्व रिकॉर्ड पर जो रूट का वार
वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के जो रूट के नाम दर्ज है। दोनों ही दिग्गजों ने अपने टेस्ट करियर में 68-68 अर्धशतक बनाए हैं। ऐसे में एजबेस्टन टेस्ट की किसी भी पारी में महज एक अर्धशतक जमाते ही जो रूट सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे और टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन जाएंगे। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि सचिन तेंदुलकर ने अपने ऐतिहासिक 200 टेस्ट मैचों के लंबे करियर के दौरान 68 अर्धशतक का आंकड़ा छुआ था, जबकि जो रूट अपने 169वें मैच में ही इस रिकॉर्ड को तोड़ने की दहलीज पर खड़े हैं।
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले शीर्ष बल्लेबाजों की सूची इस प्रकार है
- सचिन तेंदुलकर: 68 अर्धशतक
- जो रूट: 68 अर्धशतक
- शिवनारायण चंद्रपॉल: 66 अर्धशतक
- राहुल द्रविड़: 63 अर्धशतक
- एलन बॉर्डर: 63 अर्धशतक
- रिकी पोंटिंग: 62 अर्धशतक
घरेलू मैदानों पर 12 हजार अंतरराष्ट्रीय रनों के करीब
पाकिस्तान के खिलाफ चल रहा यह एजबेस्टन टेस्ट जो रूट के लिए एक और व्यक्तिगत मील का पत्थर साबित हो रहा है। इंग्लैंड की धरती पर तीनों प्रारूपों को मिलाकर यह उनके करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच है। अपनी घरेलू परिस्थितियों में खेलते हुए रूट ने अब तक कुल 11,928 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं। उन्हें इंग्लैंड में 12,000 रन का जादुई आंकड़ा पूरा करने के लिए केवल 72 और रनों की आवश्यकता है। यदि जो रूट इस मैच में 72 रन बना लेते हैं, तो वे अपनी घरेलू सरजमीं पर 12 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले दुनिया के छठे बल्लेबाज बन जाएंगे।
घरेलू मैदानों पर सबसे ज्यादा रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड भी भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम ही दर्ज है। सचिन ने 1989 से 2013 के बीच भारत में 258 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलकर कुल 14,192 रन बनाए थे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी घरेलू सरजमीं पर सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची
- सचिन तेंदुलकर: 14,192 रन (भारत)
- रिकी पोंटिंग: 13,117 रन (ऑस्ट्रेलिया)
- विराट कोहली: 12,780 रन (भारत)
- जैक कैलिस: 12,305 रन (दक्षिण अफ्रीका)
- कुमार संगकारा: 12,043 रन (श्रीलंका)
- जो रूट: 11,928 रन (इंग्लैंड)
14 साल की निरंतरता और टेस्ट क्रिकेट में नया इतिहास
जो रूट ने जब वर्ष 2012 के अंत में भारत के नागपुर मैदान पर अपना टेस्ट पदार्पण किया था, तब से लेकर आज तक उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को वर्षों तक मजबूती प्रदान की है। 169 टेस्ट मैचों का सफर तय करना किसी भी खिलाड़ी के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से एक कठिन चुनौती होती है। रूट ने न केवल लंबी अवधि तक क्रिकेट खेला है, बल्कि लगातार उच्च स्तर पर रन बनाकर अपनी उपयोगिता भी साबित की है। यदि वे एजबेस्टन टेस्ट में 72 रन और एक अर्धशतक बनाने में सफल रहते हैं, तो यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाएगा।



















