साउथ अफ्रीका के 24 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज जॉर्डन हरमन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते ही इतिहास रच दिया। नामीबिया के खिलाफ विंडहोक में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में पारी का आगाज करते हुए इस युवा बल्लेबाज ने 150 रनों की यादगार पारी खेली। 9 सितंबर 2026 को नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर उन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक जमाते हुए वनडे डेब्यू पर सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
विंडहोक में जॉर्डन हरमन का ऐतिहासिक धमाका
नामीबिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका की पारी की शुरुआत करने उतरे जॉर्डन हरमन शुरुआत से ही बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 93 गेंदों का सामना करते हुए अपना पहला वनडे शतक पूरा किया। शतक बनाने के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार और तेज कर दी। हरमन ने अगली 33 गेंदों में 50 रन और जोड़ते हुए अपना स्कोर 150 रन तक पहुंचा दिया। वह इस रिकॉर्ड को अकेले अपने नाम करने और नया इतिहास रचने से केवल एक रन दूर रह गए, जब वह 150 के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए।
मैथ्यू ब्रीट्जके के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
वनडे डेब्यू पर 150 रनों की पारी खेलकर जॉर्डन हरमन अब पदार्पण मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। इससे पहले यह सर्वकालिक रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के ही सलामी बल्लेबाज मैथ्यू ब्रीट्जके के नाम दर्ज था। ब्रीट्जके ने 10 फरवरी 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ लाहौर के मैदान पर अपने पहले वनडे में 148 गेंदों पर 150 रन बनाए थे। दिलचस्प बात यह है कि साउथ अफ्रीका के दोनों ही युवा बल्लेबाजों ने बतौर ओपनर खेलते हुए यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
वनडे पदार्पण पर सर्वाधिक रन बनाने वाले प्रमुख बल्लेबाज
अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू मैच में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची अब इस प्रकार है
- 150 रन: जॉर्डन हरमन (साउथ अफ्रीका बनाम नामीबिया, 2026)
- 150 रन: मैथ्यू ब्रीट्जके (साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड, 2025)
- 148 रन: डेसमंड हेंस (वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1978)
- 127 रन: रहमानुल्लाह गुरबाज (अफगानिस्तान बनाम आयरलैंड, 2021)
- 124* रन: मार्क चैपमैन (बनाम यूएई, 2015)
- 124 रन: कॉलिन इंग्राम (साउथ अफ्रीका बनाम जिम्बाब्वे, 2010)
साउथ अफ्रीका का विशाल स्कोर और नामीबिया का प्रदर्शन
विंडहोक में खेले गए इस मुकाबले में जॉर्डन हरमन के 150 रनों के अलावा साउथ अफ्रीका के दूसरे सलामी बल्लेबाज टोनी डी जोरजी ने भी उपयोगी योगदान दिया। डी जोरजी ने 84 गेंदों का सामना करते हुए 72 रनों की पारी खेली। दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच हुई मजबूत साझेदारी के दम पर साउथ अफ्रीका की टीम निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 348 रन बनाने में सफल रही। नामीबिया की ओर से तेज गेंदबाज रूबेन ट्रम्पेलमैन सबसे सफल बॉलर रहे, जिन्होंने अपने स्पेल में 4 विकेट चटकाए।



















