वनडे क्रिकेट में तीन सौ रन का स्कोर कभी मैच जिताने के लिए काफी माना जाता था, मगर आज के बल्लेबाज इस आंकड़े को महज एक शुरुआती पड़ाव समझते हैं। बल्लेबाजी की आक्रामक शैली, बड़े बल्ले और छोटी बाउंड्री ने पिछले दो दशकों में स्कोरिंग का पूरा गणित बदल दिया है। नतीजा यह है कि अब 400 से ऊपर का स्कोर भी असंभव नहीं लगता। आइए जानते हैं वनडे इतिहास की उन पांच सबसे बड़ी पारियों के बारे में, जिन्होंने रिकॉर्ड बुक को हमेशा के लिए बदल दिया।
नीदरलैंड्स के खिलाफ इंग्लैंड ने खड़ा किया 498 रन का पहाड़
वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा टीम स्कोर इंग्लैंड के नाम है। 17 जून 2022 को एम्सटर्डम में नीदरलैंड्स के खिलाफ इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में सिर्फ 4 विकेट गंवाकर 498 रन बना डाले, जो आज तक किसी टीम का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है। इस पारी में रन बनाने की रफ्तार 9.96 प्रति ओवर रही, जो अपने आप में हैरान करने वाला आंकड़ा है। जोस बटलर, फिल साल्ट और डेविड मलान तीनों ने शतक जड़े और नीदरलैंड्स के गेंदबाजों के पास इस बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था। इंग्लैंड ने आखिर में यह मैच 232 रन के बड़े फासले से अपने नाम किया। खास बात यह है कि यह रिकॉर्ड 2022 से आज तक यानी करीब चार साल से बरकरार है और अभी तक कोई टीम इसके आसपास भी नहीं पहुंच पाई है।
चार साल पहले ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 481 रन
इस विशाल स्कोर से पहले भी इंग्लैंड की टीम रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा चुकी थी। 19 जून 2018 को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए इंग्लैंड ने 6 विकेट खोकर 481 रन का स्कोर खड़ा किया था। जॉनी बेयरस्टो और एलेक्स हेल्स की धमाकेदार शतकीय पारियों ने इस स्कोर की नींव रखी और टीम का रन-रेट 9.62 तक पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज इस आतिशी बल्लेबाजी के सामने पूरी तरह बेबस दिखे और आखिर में इंग्लैंड ने 242 रन के भारी अंतर से जीत दर्ज की। यह उस दौर की सबसे यादगार वनडे पारियों में गिना जाता है।
पाकिस्तान के खिलाफ 444 रन, जब पहली बार टूटा वर्ल्ड रिकॉर्ड
ट्रेंट ब्रिज का यही मैदान 2016 में भी गवाह बना, जब इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर का उस वक्त का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। 30 अगस्त 2016 को पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 444 रन बनाए, जिसमें एलेक्स हेल्स की 171 रन की पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही। यह स्कोर 8.88 की औसत रन-रेट से बना और इंग्लैंड ने यह मुकाबला 169 रन से जीत लिया। यही वह मैच था, जहां से इंग्लैंड के आक्रामक वनडे क्रिकेट के नए युग की शुरुआत मानी जाती है, जिसने आगे चलकर 2018 और 2022 के रिकॉर्ड की जमीन तैयार की।
एम्सटर्डम में श्रीलंका ने भी लिखा था इतिहास
इंग्लैंड के इस दौर से करीब एक दशक पहले 4 जुलाई 2006 को श्रीलंका ने भी एम्सटर्डम के मैदान पर अपनी छाप छोड़ी थी। नीदरलैंड्स के खिलाफ इस मुकाबले में श्रीलंका ने 9 विकेट पर 443 रन का स्कोर खड़ा किया। सनथ जयसूर्या और तिलकरत्ने दिलशान की तेज-तर्रार बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 8.86 की रफ्तार से रन जुटाए। श्रीलंका ने यह मैच 195 रन के बड़े अंतर से जीता और उस समय यह वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर बन गया था। दिलचस्प है कि दस साल बाद तक कोई भी टीम इस आंकड़े के करीब भी नहीं पहुंच सकी थी।
जोहान्सबर्ग में डिविलियर्स के तूफान से दक्षिण अफ्रीका का 439 रन
18 जनवरी 2015 को जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 2 विकेट खोकर 439 रन बना दिए। इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रहे एबी डिविलियर्स, जिन्होंने महज 31 गेंदों में वनडे क्रिकेट का अब तक का सबसे तेज शतक लगाया। हाशिम अमला और फाफ डु प्लेसिस ने भी शतक जड़कर इस स्कोर में बड़ा योगदान दिया, जिससे टीम का रन-रेट 8.78 तक पहुंच गया। इतने बड़े लक्ष्य के दबाव में वेस्टइंडीज की टीम बिखर गई और यह मैच 148 रन से हार गई। यह पारी आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे रोमांचक और सबसे तेज बल्लेबाजी की मिसालों में गिनी जाती है।
तीन दशकों में तीन बार बदला रिकॉर्ड
इन पांचों पारियों को गौर से देखें तो एक दिलचस्प पैटर्न नजर आता है, यह रिकॉर्ड लगातार आगे बढ़ता गया है। 2006 में श्रीलंका ने सबसे बड़े स्कोर की सीमा तय की, फिर 2015 में दक्षिण अफ्रीका ने उसे पार किया, इसके बाद 2016, 2018 और आखिर में 2022 में हर बार इंग्लैंड ने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान गढ़ा। यही वजह है कि टॉप-5 की इस सूची में इंग्लैंड की तीन अलग-अलग पारियां शामिल हैं, जो बताती हैं कि पिछले एक दशक में इंग्लिश बल्लेबाजी किस कदर बदल चुकी है।



















