पाकिस्तान के पूर्व महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद अपने पुराने साथी और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्थिति को देखकर एक साक्षात्कार में बेहद भावुक हो गए। अदियाला जेल में बंद इमरान खान को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए मियांदाद ने पाकिस्तान सरकार से उन्हें तुरंत रिहा करने की जोरदार अपील की है। दोनों दिग्गजों ने लंबे समय तक एक साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और 1992 के वनडे विश्व कप की खिताबी जीत में दोनों की मुख्य भूमिका रही थी।
जावेद मियांदाद की भावुक अपील और बयान
एक डिजिटल चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने इमरान खान के चरित्र का बचाव करते हुए कहा कि वे एक बेहद ईमानदार इंसान हैं और उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं। मियांदाद ने अपनी बात रखते हुए कहा, "इमरान खान ईमानदार आदमी है, अगर वह बेईमान होता तो अबतक बहुत कुछ कर लिया होता।" उन्होंने सरकार से सवाल उठाया कि इमरान को जेल से बाहर निकालने पर आखिर क्या नुकसान हो जाएगा। मियांदाद ने चिंता जताते हुए कहा कि वे अक्सर यह सोचते हैं कि इमरान खान जेल के कठिन माहौल में किस तरह दिन बिता रहे होंगे। वे भी किसी के बेटे हैं और एक राष्ट्रीय नायक हैं, इसलिए उनके साथ ऐसा बर्ताव करना पूरी तरह गलत है। मियांदाद ने स्पष्ट किया कि अपने पूर्व कप्तान के समर्थन में खड़े होने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी और बेटों की गुहार
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे थे। राजनीति में आने से पहले वे देश के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों में गिने जाते थे। साल 2023 में भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किए जाने के बाद से वे रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। हाल ही में इमरान खान के बेटों, सुलेमान और कासिम ने भी एक साक्षात्कार में अपने पिता की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपने पिता की तत्काल रिहाई की मांग की है। इस बीच, इमरान खान के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर भी एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि इमरान खान की जांच शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में कराई जाए। हालांकि, उनकी राजनीतिक पार्टी ने आरोप लगाया है कि अदालती आदेशों के बावजूद जांच एक सरकारी अस्पताल में आनन-फानन में कराई गई और उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
1992 विश्व कप जीत का यादगार सफर
इमरान खान और जावेद मियांदाद का रिश्ता केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि दोनों ने मिलकर पाकिस्तान क्रिकेट को उसके सबसे स्वर्णिम दौर तक पहुंचाया। 1992 के वनडे विश्व कप में इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान ने पहली बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए उस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मात दी थी। इस मैच में इमरान खान और जावेद मियांदाद की जोड़ी ने टीम के लिए निर्णायक भूमिका निभाई थी। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 134 रनों की बेहद मजबूत साझेदारी हुई थी। इमरान खान ने 110 गेंदों में 72 रनों की जुझारू पारी खेली थी, जबकि जावेद मियांदाद ने 58 रन बनाए थे। इस साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवरों में 249 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 227 रनों पर ढेर हो गई और पाकिस्तान ने यह मुकाबला 22 रन से जीतकर इतिहास रच दिया था। 1992 के उस ऐतिहासिक लम्हे के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट टीम कभी दोबारा वनडे विश्व कप का खिताब हासिल नहीं कर सकी है।



















