दलीप ट्रॉफी के अंतर्गत खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली। इस मुकाबले में ईशान किशन की अगुवाई वाली ईस्ट जोन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रनों के भारी अंतर से शिकस्त दी और सेमीफाइनल में अपनी जगह मजबूत की। इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी हालांकि अपनी बल्लेबाजी से कोई खास जलवा नहीं बिखेर सके और केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने अपनी गेंदबाजी का जौहर दिखाते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मुकाबला समाप्त होने के बाद वैभव ने अपनी गेंदबाजी को लेकर खुलकर बात की और उन पलों को याद किया जब उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण संभाला था।
कप्तान को नहीं था मेरी गेंदबाजी कौशल पर भरोसा
बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए एक वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने इस बात का खुलासा किया कि मैच के दौरान एक ऐसा दौर आया था जब विपक्षी टीम का कोई भी बल्लेबाज आउट होने का नाम नहीं ले रहा था। उस नाज़ुक परिस्थिति में उन्हें कप्तान की ओर से 2 से 3 ओवर गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कप्तान ईशान भैया को ऐसा लग रहा था कि वह उन्हें गेंद थमाकर एक बड़ा जोखिम मोल ले रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह एक विकेट टेकर गेंदबाज भी साबित हो सकते हैं। उनके अपने दिमाग में उस वक्त बेहद स्पष्ट योजना चल रही थी कि चाहे उन्हें महज 3 ओवर ही गेंदबाजी करने को मिले और वह उसमें पांच विकेट भी क्यों न झटक लें, उन्हें अपनी तय सीमा में ही रहना होगा। यही वजह है कि उन्होंने उन तीन ओवरों के दौरान अपनी सटीक लाइन और लेंथ पर पूरा फोकस बनाए रखा।
गेंदबाजी करने का अनुभव रहा बेहद रोमांचक
महज 15 साल की उम्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले इस युवा खिलाड़ी ने आगे बातचीत करते हुए साझा किया कि गेंदबाजी करते हुए सफलता हासिल करना और विकेट अपने नाम करना उनके लिए बेहद मजेदार अनुभव रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मैच में बल्ले से उनका प्रदर्शन उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, ऐसे में गेंदबाजी के जरिए टीम के लिए योगदान देना उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा। उनका मानना है कि जब भी किसी शुद्ध बल्लेबाज को गेंदबाजी करते हुए विकेट मिल जाते हैं, तो उसकी खुशी का स्तर पूरी तरह से अलग और खास होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि आप दुनिया के किसी भी बल्लेबाज से पूछेंगे तो उसे गेंद थामने और गेंदबाजी करने में हमेशा आनंद आएगा, ठीक वैसे ही जैसे गेंदबाजों को बल्लेबाजी करना पसंद होता है और दोनों ही भूमिकाओं में खिलाड़ियों को बराबर का मजा मिलता है।
अब आगे सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं निगाहें
आगामी दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले आगामी 30 अगस्त से बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम का मुकाबला सेंट्रल जोन के साथ होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन के सामने नॉर्थ जोन की चुनौती होगी। इस आगामी मैच में एक बार फिर से तमाम क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की नजरें ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी पर टिकी रहेंगी। टीम को उम्मीद होगी कि वह इस महत्वपूर्ण मैच में अपनी बल्लेबाजी की पुरानी लय वापस हासिल करें और एक बड़ी पारी खेलकर अपनी टीम को सीधे फाइनल का टिकट दिलाने में अहम योगदान दें।



















