लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच चल रहे तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले के पहले दिन एक बड़ा विवाद सामने आया। मैच के आधिकारिक प्रसारणकर्ता स्काई स्पोर्ट्स ने लंच ब्रेक के दौरान पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दोनों बेटों, कासिम और सुलेमान का 18 मिनट का एक विशेष साक्षात्कार प्रसारित किया। इस प्रसारण को रोकने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पुरजोर कोशिश की और मैच का बहिष्कार करने तक की चेतावनी दे डाली। पीसीबी ने कहा था कि यदि यह साक्षात्कार ऑन-एयर हुआ तो पाकिस्तानी टीम लंच के बाद मैदान पर खेलने वापस नहीं लौटेगी। हालांकि, प्रसारणकर्ता पर इस चेतावनी का कोई असर नहीं पड़ा और साक्षात्कार पूरा दिखाया गया।
लॉर्ड्स में मैच के पहले दिन लंच ब्रेक के दौरान बढ़ा तनाव
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आर्थटन ने इमरान खान के दोनों बेटों कासिम और सुलेमान का यह साक्षात्कार लिया था। स्काई स्पोर्ट्स ने इसे लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन लंच के समय प्रसारित करने का पूरा शेड्यूल तैयार किया था। जैसे ही पीसीबी के अधिकारियों को इस योजना की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत इस पर कड़ा ऐतराज जताया। पीसीबी को इस बात का अंदेशा था कि इमरान खान के बेटे अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल पर पाकिस्तान सरकार की पोल खोल देंगे। यही वजह थी कि बोर्ड के अधिकारियों ने स्काई स्पोर्ट्स पर दबाव बनाने के लिए टीम को मैदान में न उतारने की गीदड़भभकी दी।
तमाम दबाव और धमकियों के बावजूद स्काई स्पोर्ट्स अपने फैसले पर अड़ा रहा। लंच ब्रेक होते ही चैनल ने कासिम और सुलेमान का पूरा 18 मिनट का इंटरव्यू ऑन-एयर कर दिया। इसके बाद पीसीबी का विरोध धरा का धरा रह गया और पाकिस्तानी टीम को लंच समाप्त होने के बाद खेलने के लिए मैदान पर उतरना पड़ा। इस तरह पीसीबी को प्रसारणकर्ता के आगे मुंह की खानी पड़ी और उसकी मैदान छोड़ने की चेतावनी बेअसर साबित हुई।
पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी पर भी गलती से चला इंटरव्यू
विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि पीसीबी और पाकिस्तानी अधिकारियों के लिए स्थिति तब और असहज हो गई जब यही इंटरव्यू पाकिस्तान के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर पीटीवी पर भी लाइव प्रसारित होने लगा। लॉर्ड्स टेस्ट मैच का लाइव टेलीकास्ट पाकिस्तान में पीटीवी पर हो रहा था और अंतरराष्ट्रीय फीड के कारण यह 18 मिनट का इंटरव्यू पाकिस्तान के सरकारी चैनल पर भी ऑन-एयर हो गया।
जैसे ही पाकिस्तान में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात का अहसास हुआ कि इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू पीटीवी पर दिख रहा है, वहां हड़कंप मच गया। लॉर्ड्स में मौजूद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के तोते उड़ गए। आनन-फानन में पीटीवी पर चल रहे इंटरव्यू को बीच में ही रोक दिया गया और तुरंत कमर्शियल ब्रेक चला दिए गए। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। अब पाकिस्तान के प्रमुख यूट्यूबर और डिजिटल क्रिएटर कासिम और सुलेमान के बयानों की वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया पर लोगों तक पहुंचाने में जुट गए हैं।
शहबाज सरकार और जनरल मुनीर पर लगाए जान से मारने के आरोप
इस बहुचर्चित साक्षात्कार में कासिम और सुलेमान ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। दोनों बेटों ने सीधे तौर पर कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार उनके पिता इमरान खान को जेल में जान से मारने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने बताया कि इमरान खान को उचित इलाज की जरूरत है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी सरकार उन्हें अस्पताल में शिफ्ट नहीं कर रही है।
इमरान खान के बेटों के इन आरोपों से पाकिस्तान की राजनीति में हड़कंप मच गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी के चलते शहबाज शरीफ की सरकार और जनरल मुनीर अपने ही देश में चौतरफा मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। सुलेमान और कासिम पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि पाकिस्तान के हुक्मरान उनके पिता की जान के दुश्मन बने हुए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान इतने बड़े मंच पर उनके बयानों के प्रसारण से पाकिस्तानी हुकूमत को गहरा झटका लगा है।
लंदन में रह रहे बेटों को पिता से मिलने की नहीं मिल रही इजाजत
कासिम और सुलेमान अपनी मां और इमरान खान की पहली पत्नी जमाइमा के साथ लंदन में रहते हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में ही बिताया है। जब से इमरान खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, तब से दोनों बेटों ने कई बार पाकिस्तान जाने का प्रयास किया है। वे अपने पिता, जिन्हें वे अपना नायक मानते हैं, से जेल में मुलाकात करना चाहते हैं।
हालांकि, पाकिस्तान की सरकार और सेना ने उन्हें देश में आने और जेल में पिता से मिलने की इजाजत देने से लगातार इनकार किया है। जनरल मुनीर और सरकार को इस बात की आशंका है कि यदि इमरान के दोनों बेटे पाकिस्तान आते हैं, तो उन्हें देखकर जनता का गुस्सा और भड़क सकता है। इसी डर के कारण सरकार और फौज लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान उनके लाइव इंटरव्यू से बुरी तरह तिलमिला गई और इसे हर हाल में दबाने की कोशिश की।



















