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राजनीतिक खींचतान के चलते भारत और बांग्लादेश की आगामी क्रिकेट सीरीज पर लटकी तलवारक्रिकेट
9 अग॰ 2026, 9:48 am (80 दिन पहले)· 1

राजनीतिक खींचतान के चलते भारत और बांग्लादेश की आगामी क्रिकेट सीरीज पर लटकी तलवार

दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस और ढाका के कड़े बयानों के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर में होने वाली वनडे और T20I सीरीज के रद्द होने की आशंका बढ़ गई है।

भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर महीने में प्रस्तावित सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज पर अब अनिश्चितता के काले बादल मंडराने लगे हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड आखिरी वक्त तक भारतीय टीम की मेजबानी की उम्मीदें संजोए बैठा था, लेकिन दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच उभरे ताजा कूटनीतिक तनाव ने इस दौरे की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया है। राजनीतिक माहौल में आई इस कड़वाहट की वजह से क्रिकेट का यह अहम दौरा अधर में लटक गया है।

द्विपक्षीय संबंधों में तनाव और प्रेस कॉन्फ्रेंस का असर

दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट की मुख्य वजह 5 अगस्त को हुई एक घटना मानी जा रही है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की अनुमति मिली थी। इसके बाद ढाका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। 8 अगस्त को बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बयान जारी करते हुए भारत के रुख की आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि दिल्ली से ऐसे बयान जारी होते हैं जो बांग्लादेश के लोकतंत्र को कमजोर करते हैं या देश के भीतर अस्थिरता फैलाते हैं, तो भारत के साथ मधुर संबंधों की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

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क्रिकेट बोर्ड की उम्मीदों को करारा झटका

इस राजनीतिक खींचतान का सीधा असर दोनों देशों के खेल संबंधों पर भी पड़ा है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारत की मेजबानी करने की उम्मीदों को सबसे बड़ा झटका लगा है। बीसीबी के अधिकारी इस सीरीज को दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार लाने और खेल के माध्यम से फिर से सौहार्द कायम करने के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देख रहे थे। लेकिन कूटनीतिक स्तर पर बढ़ते बयानबाजी के कारण इस योजना पर पानी फिरता दिख रहा है।

पुराने मतभेद और अंतरिम सरकार का फैसला

उल्लेखनीय है कि इस साल के प्रारंभ में बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ICC T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेने का फैसला किया था। हालांकि, उस दौरान मामले से जुड़े जानकार अधिकारियों का दावा था कि टूर्नामेंट से हटने का निर्णय दरअसल यूनुस के नेतृत्व वाली तत्कालीन अंतरिम सरकार के सीधे निर्देशों पर लिया गया था, जिसके मूल में राजनीतिक मतभेद मौजूद थे। बाद में फरवरी महीने में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत हुई और यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया। इसके बाद बीसीबी के नए अध्यक्ष तमीम इकबाल ने कमान संभाली और भारतीय टीम का दौरा सुनिश्चित करने के लिए काफी प्रयास किए, जिससे दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में सुधार की नई उम्मीद जगी थी।

वित्तीय नुकसान और अनिश्चित भविष्य

भारतीय क्रिकेट टीम की मेजबानी करना किसी भी क्रिकेट बोर्ड के लिए आर्थिक दृष्टि से बेहद लाभदायक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर भारतीय टीम की जबरदस्त लोकप्रियता, विशाल दर्शक वर्ग और विज्ञापनों के चलते इस सीरीज से भारी राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन मौजूदा हालात में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की नाराजगी और गृह मंत्री के कड़े बयानों के चलते सितंबर में भारत का दौरा संभव नजर नहीं आ रहा है।

सीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हालिया घटनाक्रमों के बाद इस सीरीज के आयोजन पर गंभीर संशय खड़ा हो गया है। उन्होंने संकेत दिया कि 28 अगस्त तक इस स्थिति पर पूरी तरह तस्वीर साफ हो जानी चाहिए थी, परंतु अब समय काफी तेजी से निकलता जा रहा है। अधिकारी के अनुसार, बोर्ड ने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किया है, लेकिन अब यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से पूरी तरह बाहर हो चुका है और सीरीज का तय समय पर होना नामुमकिन सा लग रहा है। जब तक कि आधिकारिक तौर पर रद्द करने का फैसला नहीं आता, बोर्ड के पास केवल इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है।

सवाल-जवाब

भारत और बांग्लादेश की सितंबर सीरीज पर संकट क्यों मंडरा रहा है?
दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव की वजह से इस क्रिकेट सीरीज के आयोजन पर अनिश्चितता बन गई है।
5 अगस्त को ऐसा क्या हुआ जिसने विवाद को बढ़ाया?
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की अनुमति मिलने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में कड़वाहट आई।
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने क्या प्रतिक्रिया दी?
गृह मंत्री ने 8 अगस्त को कहा कि अगर दिल्ली से ऐसे बयान आते हैं जो बांग्लादेश में अस्थिरता पैदा करते हैं, तो मैत्रीपूर्ण संबंधों की उम्मीद नहीं की जा सकती।
बीसीबी अध्यक्ष तमीम इकबाल की इस सीरीज को लेकर क्या भूमिका रही है?
तमीम इकबाल ने भारत की मेजबानी सुनिश्चित करने और द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को सुचारू बनाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
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