क्रिकेट के मैदान पर कई बार कुछ ऐसे पल देखने को मिलते हैं जो किसी भी खिलाड़ी के दिल को तोड़ सकते हैं। रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए में विदर्भ और पुदुचेरी के बीच खेले जा रहे मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां विदर्भ के कप्तान ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन वह इतिहास रचने से बेहद मामूली अंतर से चूक गए। क्रीज पर घंटों संघर्ष करने और बेहतरीन बल्लेबाजी करने के बाद भी वह एक ऐसी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए जिसके लिए खिलाड़ी सालों तक कड़ा अभ्यास करते हैं।
दोहरे शतक से चूके कप्तान अक्षय वाडेकर
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में विदर्भ की कमान संभाल रहे खिलाड़ी अपने दोहरे शतक के बिल्कुल करीब पहुंच चुके थे। जब वह 198 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे, तब पुदुचेरी के गेंदबाज सागर उदेशी ने उन्हें एलबीडबल्यू आउट कर दिया। इस तरह मात्र 2 रन की कमी के कारण उनका दोहरा शतक पूरा नहीं हो सका। हालांकि उनकी यह मैराथन पारी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई, लेकिन दोहरे शतक तक न पहुंच पाने का मलाल उन्हें और उनके प्रशंसकों को हमेशा रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक पारी के दौरान कुल 363 गेंदों का सामना किया था।
अक्षय वाडेकर का क्रिकेट करियर और आंकड़े
बत्तीस साल के अक्षय वाडेकर विदर्भ टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज हैं। उन्होंने साल 2013 में विदर्भ के लिए अपने लिस्ट ए करियर की शुरुआत की थी। वह अब तक विदर्भ के लिए 69 फर्स्ट क्लास मैच, 53 लिस्ट ए मुकाबले और 30 टी20 मैच खेल चुके हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है जहां उन्होंने 46.25 के बेहतरीन औसत से कुल 4268 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 12 शतक और 19 अर्धशतक भी निकले हैं। इसके अलावा लिस्ट ए फॉर्मेट में उनके नाम 1163 रन दर्ज हैं, जबकि टी20 मुकाबलों में उन्होंने 611 रन बनाए हैं।
मुश्किल समय में संभाली थी टीम की पारी
विदर्भ की पारी की शुरुआत बेहद खराब रही थी और शुरुआती बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए थे। ओपनिंग करने उतरे ध्रुव शोरे अपना खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर आउट हो गए। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए दर्शन नलकंडे भी बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। टीम के अन्य बल्लेबाज जैसे अमन मोखाड़े ने 26 रन और दानिश मालेवर ने 20 रन का योगदान दिया, जो शुरुआती झटकों को संभालने के लिए नाकाफी साबित हो रहा था।
यश राठौड़ के साथ मिलकर बनाई बड़ी साझेदारी
शुरुआती झटके लगने के बाद कप्तान ने यश राठौड़ के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और पुदुचेरी के गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। इस दौरान यश राठौड़ ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया। यश ने 180 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 134 रनों की बेहतरीन पारी खेली। कप्तान और यश राठौड़ के बीच हुई इस रिकॉर्ड साझेदारी की बदौलत ही विदर्भ की टीम अपनी पहली पारी में 428 रन का मजबूत और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
























