रांची के मैदान पर गेंदबाजों के लिए शाम बेहद कठिन साबित हुई, जहां भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के दूसरे मैच में रनों की जबरदस्त बारिश देखने को मिली। मुकाबले में दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 500 से अधिक रन बने, मगर अंत में कैरेबियाई टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में अपना सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया। मैच गंवाने के बाद भारतीय दल के कप्तान श्रेयस अय्यर ने सामने आकर स्पष्ट किया कि मैदान पर गिरी भारी ओस ने उनके गेंदबाजों के हाथ बांध दिए थे, जिससे विशाल लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं रह सका।
ओस और सपाट पिच पर सुरक्षित स्कोर का अनुमान लगाना असंभव
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित की गई भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। रांची के मैदान पर पूरे तीन साल के लंबे अंतराल के बाद कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला आयोजित हुआ था, और पहली पारी के स्कोर को देखकर लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह मेजबानों की मुट्ठी में आ चुका है। हालांकि दूसरी पारी में हालात पूरी तरह बदल गए। मैदान पर भारी ओस गिरने लगी, जिसने गेंदबाजी को बेहद जटिल बना दिया और वेस्टइंडीज ने महज 18.3 ओवरों में ही जीत का परचम लहरा दिया।
श्रेयस अय्यर ने हालात का विश्लेषण करते हुए बताया कि जब मैदान पर इतनी अधिक ओस मौजूद हो, तो किसी भी स्कोर को सुरक्षित मानना नामुमकिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी सतह पर गेंदबाजों के पास गलती की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है। अगर गेंद अपनी सटीक लाइन या लेंथ से जरा भी भटकी, तो वह सीधे स्टैंड्स में जाकर गिरती है। विपक्षी बल्लेबाजों ने इस स्थिति का भरपूर फायदा उठाया और उनकी लाजवाब बल्लेबाजी ने भारतीय आक्रमण को पूरी तरह दबाव में ला खड़ा किया। विरोधी कप्तान शे होप ने शतकीय पारी खेलकर भारतीय उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिसके लिए श्रेयस ने विंडीज बल्लेबाजों की प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी।
फील्डिंग में छूटे मौके और मैच बदलने वाली साझेदारी
मुकाबले के दौरान भारतीय टीम ने अहम मौकों पर कुछ गलतियां भी कीं। इस पर बात करते हुए श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि अहम पलों में कुछ मौके हाथ से निकल गए और फील्डिंग में चूक हुई, लेकिन उन्होंने इसे खेल का सामान्य हिस्सा करार दिया। इसके बावजूद कप्तान ने अपनी टीम के कुछ व्यक्तिगत प्रदर्शनों की खुलकर सराहना की।
संजू सैमसन और मयंक यादव के खेल का उल्लेख करते हुए कप्तान ने रेखांकित किया कि दोनों खिलाड़ियों ने अपनी जिम्मेदारियों को बहुत शानदार ढंग से अंजाम दिया। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपने शुरुआती ओवरों में तीन विकेट झटककर भारत को मैच में शानदार शुरुआत दिलाई थी। हालांकि, शुरुआती झटकों के बाद वेस्टइंडीज की तरफ से हुई एक मजबूत साझेदारी ने पूरे मुकाबले की दिशा ही बदल दी और मैच धीरे-धीरे भारत के नियंत्रण से बाहर चला गया।


















