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श्रीलंका के खिलाफ शुभमन गिल की बढ़ी मुश्किलें, सारांश जैन ने ऐसे बचाई टीम इंडिया की लाजक्रिकेट
26 अग॰ 2026, 12:23 pm (1 घंटे पहले)· 2

श्रीलंका के खिलाफ शुभमन गिल की बढ़ी मुश्किलें, सारांश जैन ने ऐसे बचाई टीम इंडिया की लाज

शुभमन गिल की कप्तानी में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच के चौथे दिन पुछल्ले बल्लेबाजों ने टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। ऐसे में टेस्ट डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने अहम विकेट चटकाकर श्रीलंका की पारी को समेटा।

शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को फॉलोऑन के लिए मजबूर कर दिया है, जो कि टीम के लिहाज से एक राहत की खबर है। हालांकि मुकाबले के चौथे दिन मंगलवार की सुबह एक ऐसा दौर भी आया जब कप्तान की मुश्किलें काफी बढ़ गई थीं। मैदान पर एक-एक रन भारी साबित हो रहा था, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में टेस्ट डेब्यू करने वाले सारांश जैन ने टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई। उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर आखिरकार श्रीलंकाई टीम की पहली पारी का अंत किया।

पुछल्ले बल्लेबाजों का पुराना खौफ और भारतीय टीम की टेंशन

भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे इस दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच का नतीजा चाहे जो भी निकले, लेकिन श्रीलंकाई टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मैच में जबरदस्त संघर्ष दिखाया है। भारतीय टीम के लिए हमेशा से ही विरोधी टीम के निचले क्रम के बल्लेबाज सिरदर्द साबित होते रहे हैं। इस मुकाबले से पहले भी ऐसा नजारा कई बार देखने को मिला है। श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब भारत के खिलाफ किसी मैच में अंतिम तीन बल्लेबाजों ने 40 ओवर से ज्यादा समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की हो। बात करें अगर नंबर आठ से लेकर दस तक बल्लेबाजी करने आए खिलाड़ियों की, तो साल 2010 में भी ऐसा हुआ था। तब श्रीलंकाई पारी के दौरान 31.2 ओवर में केवल 87 रन पर 7 विकेट गिर चुके थे, लेकिन आखिरी के तीन बल्लेबाजों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए टीम के स्कोर को 85.2 ओवर में 267 रन तक पहुंचा दिया था।

साल 2019 के पुणे टेस्ट की डरावनी यादें

भारतीय गेंदबाजों के लिए पुछल्ले बल्लेबाजों ने आखिरी बार साल 2019 में बड़ी मुसीबत खड़ी की थी। उस दौरान पुणे में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का मुकाबला खेला जा रहा था। भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती सात बल्लेबाजों को महज 139 रन के स्कोर पर ही पवेलियन भेज दिया था। इसके बावजूद आखिरी तीन विकेट हासिल करने में गेंदबाजों के पसीने छूट गए। दक्षिण अफ्रीका की टीम अंततः ऑल आउट होने से पहले 275 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही। यह सब निचले क्रम के बल्लेबाजों के टिककर खेलने की वजह से संभव हो सका, वरना एक वक्त तो स्कोर 150 के पार पहुंचना भी मुश्किल नजर आ रहा था।

सारांश जैन के दो विकेटों ने पलटा मैच का पासा

मुकाबले के चौथे दिन का खेल जब आगे बढ़ा तो श्रीलंका को फॉलोऑन टालने के लिए 39 और रनों की दरकार थी। भारतीय टीम यही कोशिश कर रही थी कि जल्द से जल्द बाकी बचे दो विकेट गिराकर श्रीलंकाई पारी को समेट दिया जाए, लेकिन सोनल कुछ और ही इरादे से मैदान पर उतरे थे। क्रीज पर उतरते ही उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया और अपना शानदार शतक पूरा किया। श्रीलंकाई टीम का आठवां विकेट उस वक्त गिरा जब टीम का स्कोर 230 रन था, लेकिन नौवां विकेट 288 रन के स्कोर पर गिरा। इस दौरान चौथे दिन का खेल चल रहा था और मैदान पर बनता हर एक रन भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा रहा था। ऐसा लगने लगा था कि श्रीलंकाई टीम आसानी से फॉलोऑन बचा लेगी और मैच को भी बचा ले जाएगी। ऐसे में अपना टेस्ट डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने लाहिरू कुमारा को आउट कर भारत को नौवीं सफलता दिलाई। हालांकि इससे टेंशन पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी क्योंकि सोनल अभी भी क्रीज पर जमे हुए थे। आखिरकार 290 के स्कोर पर जैन ने सोनल को भी अपना शिकार बनाया और पूरी श्रीलंकाई पारी का अंत कर दिया। इस तरह कप्तान शुभमन गिल ने राहत की सांस ली। यह साफ है कि डेब्यू करने वाले जैन ही गिल के लिए संकटमोचक साबित हुए, अन्यथा श्रीलंकाई टीम फॉलोऑन टालकर मैच बचाने में कामयाब हो सकती थी। इसके बाद जब सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क ने इस रोमांचक पल को साझा किया, तो क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा तेज हो गई।

श्रीलंका की ओपनिंग साझेदारी तोड़ने में फिर कामयाब रही टीम इंडिया

इसके तुरंत बाद जब श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की, तो एक बार फिर उनका पहला विकेट जल्दी ही गिर गया। अगर श्रीलंका और भारत के बीच पिछले 14 टेस्ट मैचों की कुल 28 पारियों पर नजर डाली जाए, तो दोनों बल्लेबाजों के बीच कुल ओपनिंग साझेदारी मात्र 289 रनों की ही हो पाई है। एक भी बार यह शुरुआती साझेदारी 50 रन के आंकड़े को पार नहीं कर सकी है। इन सभी पारियों में उनका औसत लगभग 10 रन के आसपास का ही रहा है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि भारतीय गेंदबाजों के लिए विपक्षी टीम की सलामी जोड़ी को तोड़ना हमेशा से आसान रहा है।

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सवाल-जवाब

शुभमन गिल की कप्तानी में किस टीम के खिलाफ टेस्ट मैच खेला जा रहा है?
शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच खेल रही है।
श्रीलंका की पहली पारी को समेटने में किस खिलाड़ी ने अहम भूमिका निभाई?
टेस्ट डेब्यू कर रहे सारांश जैन ने दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर श्रीलंका की पहली पारी को समाप्त किया।
चौथे दिन सुबह श्रीलंका को फॉलोऑन बचाने के लिए कितने रनों की जरूरत थी?
चौथे दिन का खेल शुरू होने पर श्रीलंका को फॉलोऑन बचाने के लिए 39 रनों की आवश्यकता थी।
श्रीलंका की पहली पारी का अंत किस स्कोर पर हुआ?
सारांश जैन द्वारा सोनल को आउट करने के बाद श्रीलंका की पूरी पारी 290 के स्कोर पर सिमट गई।
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