वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (EUR/USD) में बुधवार को हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। यह करेंसी पेयर 1.1650 के स्तर के पास कारोबार करता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशक अमेरिका के आगामी पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों के आने से पहले अमेरिकी डॉलर में कुछ रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन कच्चे तेल के दामों में गिरावट और मिडिल ईस्ट से जुड़े कूटनीतिक संकेतों के कारण डॉलर की तेजी सीमित बनी हुई है।
EUR/USD के तकनीकी स्तर और बाजार की मौजूदा चाल
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार EUR/USD इस समय 1.17 के आसपास बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1.17 था। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस करेंसी पेयर की रेंज 1.13 से 1.20 के बीच रही है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 69 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति के करीब मजबूती को दर्शाता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 0.01 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.00 से ऊपर होने के कारण तेजी (bullish) का रुख दिखा रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 1.16 और 200-दिवसीय EMA 1.16 पर स्थित हैं, जिससे बाजार में दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि होती है।
तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से EUR/USD के लिए पहला सपोर्ट 1.1649 से 1.1632 के बीच का क्षेत्र है। यह स्तर 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) का संगम बिंदु है। यदि इस स्तर से नीचे गिरावट आती है, तो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 50% रिट्रेसमेंट स्तर 1.1586 पर देखा जाएगा। इसके बाद और अधिक गिरावट होने पर 38.2% रिट्रेसमेंट स्तर 1.1523 पर मजबूत समर्थन मिलने की संभावना है। वहीं ऊपर की ओर 1.17 का स्तर एक प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है। फेडरल रिजर्व और यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) की मौद्रिक नीतियों में अंतर के कारण निचले स्तरों पर खरीदारी (dip-buying) की संभावना बनी हुई है।
US PCE डेटा और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का असर
यूएस ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस (BEA) द्वारा जुलाई महीने का Personal Consumption Expenditures (PCE) प्राइस इंडेक्स डेटा बुधवार को 12:30 GMT पर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही व्यक्तिगत आय (Personal Income) और व्यक्तिगत खर्च (Personal Spending) के मासिक आंकड़े भी प्रस्तुत किए जाएंगे। कोर PCE प्राइस इंडेक्स, जिसमें खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के आंकड़ों में महंगाई दर फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी रह सकती है। यदि यह आंकड़ा उम्मीद से अधिक मजबूत आता है, तो फेडरल रिजर्व के रुख में और सख्त नीतिगत बदलाव (hawkish shift) के संकेत मिल सकते हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर को अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूती मिलेगी। इसके विपरीत, यदि आंकड़े कमजोर आते हैं, तो डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
बॉन्ड यील्ड, क्रूड ऑयल और ईरान कूटनीति से डॉलर पर प्रभाव
अमेरिकी डॉलर सूचकांक में हालिया तेजी को रोकने में कई कारकों का हाथ रहा है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की बायबैक रणनीति और कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों में आई गिरावट से अमेरिका में महंगाई की आशंकाएं कम हुई हैं। इसका सीधा असर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर (yields) पर पड़ा है, जिससे बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है।
इसके अलावा, पिछले छह महीनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच के तनाव को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की नई उम्मीदें जगी हैं। इस वजह से सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी डॉलर करेंसी की मांग सीमित हुई है। इन कारकों के चलते EUR/USD में किसी भी सुधारात्मक गिरावट को निवेशकों द्वारा खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
GBP/USD, सोना और जैक्सन होल सम्मलेन पर नजरें
ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी बुधवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में 1.3650 के नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रही है। पिछले सत्र में दर्ज की गई बढ़त के बाद पाउंड में कुछ मुनाफावसूली देखी जा रही है, हालांकि यह करेंसी जोड़ी पिछले शुक्रवार को बनाए गए अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के बेहद करीब बनी हुई है।
सुरक्षित संपत्ति माने जाने वाले सोने (XAU/USD) की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,650 डॉलर प्रति औंस के नीचे मामूली गिरावट के साथ बना हुआ है। अमेरिकी डेटा से पहले ट्रेडर्स द्वारा डॉलर में की जा रही पोजीशनिंग के कारण सोने में सुस्ती का माहौल है। वहीं, शुक्रवार को जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व चेयरमैन केविन वॉर्श का संबोधन होना है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों के रास्ते को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है।
क्रिप्टो बाजार: मीम कॉइन्स में मुनाफावसूली का दौर
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले सप्ताह की दोहरे अंकों की बढ़त के बाद मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है। प्रमुख मीम कॉइन्स जैसे डॉगकॉइन (DOGE), शिबा इनु (SHIB), और पेपे (PEPE) में तेजी का रुझान सुस्त पड़ा है। बिकवाली के दबाव के बीच DOGE और PEPE में आगे और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, जबकि SHIB अभी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को संभाले हुए है।



















