इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए जब अपनी टीम का ऐलान किया, तो उसमें एक नया और बेहद उम्मीद जगाने वाला नाम शामिल था, ससेक्स के ऑलराउंडर जेम्स कोल्स. घरेलू क्रिकेट में लगातार असरदार प्रदर्शन करने वाले कोल्स को यह मौका पहली बार मिला है और उनकी कहानी बताती है कि कैसे बरसों की मेहनत आखिरकार राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक ले जाती है.
कौन हैं जेम्स कोल्स
जेम्स कोल्स ऑक्सफोर्डशायर क्रिकेट बोर्ड और ससेक्स के बीच हुई खिलाड़ी विकास साझेदारी की खोज हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई ऑक्सफोर्ड के मैग्डलेन कॉलेज स्कूल से पूरी की है. बेहद कम उम्र में ही उन्होंने अपने खेल से यह साफ कर दिया था कि वह लंबी रेस के घोड़े साबित होंगे और उनके अंदर बड़े मंच पर खेलने की काबिलियत मौजूद है.
16 साल की उम्र में इतिहास, गेंद और बल्ले दोनों से चमके
कोल्स ने महज 16 साल और 157 दिन की उम्र में ससेक्स के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया. यह मौका उन्हें द ओवल के मैदान पर सरे के खिलाफ बॉब विलिस ट्रॉफी में मिला. इस डेब्यू के साथ ही वह ससेक्स के पूरे इतिहास में सबसे कम उम्र में फर्स्ट क्लास डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए, एक ऐसा रिकॉर्ड जो अब भी उनके नाम दर्ज है. नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 21 रन बनाए, लेकिन असली धमाका उन्होंने अपनी गेंदबाजी से किया. अपने पहले ही मैच में उन्होंने रोरी बर्न्स, बेन फोक्स और जेमी स्मिथ जैसे स्थापित और अनुभवी बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया और महज 35 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. एक टीनएजर के लिए इतने बड़े नामों को आउट करना किसी सपने के सच होने जैसा था.
अंडर-19 से इंग्लैंड लायंस तक का सफर
साल 2021 की शुरुआत में कोल्स ने ससेक्स के साथ अपना पहला प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया. इसके तुरंत बाद उन्होंने रॉयल लंदन कप में अपना लिस्ट ए डेब्यू किया. उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को देखते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए उन्हें इंग्लैंड की अंडर-19 टीम में शामिल कर लिया गया. इसके बाद उन्होंने श्रीलंका का दौरा किया और फिर कैरेबियन में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी इंग्लैंड की टीम का प्रतिनिधित्व किया. इन दौरों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव और मुकाबलों का शुरुआती अनुभव दिया, जो आगे चलकर उनके काम आया.
2023 में पहला सीनियर शतक और टीम में पक्की जगह
साल 2023 जेम्स कोल्स के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. होव के मैदान पर ग्लैमरगन के खिलाफ उन्होंने अपना पहला सीनियर फर्स्ट क्लास शतक जड़ा, जबकि वह तब महज एक टीनएजर ही थे. उस सीजन के खत्म होने तक उन्होंने दो और शतक जमाए और इस तरह टीम में अपनी जगह पूरी तरह पक्की कर ली. इसी शानदार फॉर्म का इनाम उन्हें इंग्लैंड लायंस की टीम में जगह के रूप में मिला. भारत ‘ए’ के खिलाफ हुए चार दिवसीय मैच में उन्होंने इंग्लैंड लायंस के लिए अपना डेब्यू किया, जो उनके करियर की एक और अहम सीढ़ी थी.
टी20 में सुधार और 2025 का शानदार सीजन
इसके बाद के सीजन में कोल्स ने अपने टी20 खेल में भी काफी सुधार किया. उनके प्रदर्शन की बदौलत ससेक्स ‘ब्लास्ट फिफ्टी डेज़’ तक पहुंचने में कामयाब रहा. ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में साउदर्न ब्रेव ने उन्हें एक वाइल्डकार्ड खिलाड़ी के तौर पर अपनी टीम में शामिल किया. साल 2025 में जब ससेक्स की टीम काउंटी चैंपियनशिप के डिविजन वन में वापस लौटी, तो जेम्स कोल्स टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी बनकर उभरे. उन्होंने उस सीजन चार शानदार शतक जड़े और अपने करियर में पहली बार एक सीजन में 1000 से ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया. यह प्रदर्शन साबित करता है कि वह अब सिर्फ एक होनहार युवा नहीं, बल्कि टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं.
मैदान पर क्या है कोल्स की सबसे बड़ी ताकत
जेम्स कोल्स आधुनिक दौर के बेहतरीन ऑलराउंडर माने जाते हैं. वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं और अपनी क्लासिक शैली के लिए जाने जाते हैं. गेंदबाजी में वह बाएं हाथ के स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर हैं. यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें किसी भी कप्तान के लिए बेहद उपयोगी विकल्प बनाती है. वह मध्यक्रम में आकर पारी संभाल भी सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बटोर सकते हैं, वहीं अपनी सटीक स्पिन गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों पर नकेल कसने में भी माहिर हैं. यही दोहरी काबिलियत उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग खड़ा करती है.
घरेलू क्रिकेट में कोल्स के आंकड़े
जेम्स कोल्स के घरेलू करियर के आंकड़े बेहद प्रभावित करने वाले हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 58 मैचों में उन्होंने कुल 3441 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से फर्स्ट क्लास मैचों में 74 विकेट भी अपने नाम किए हैं. लिस्ट ए यानी 50 ओवर फॉर्मेट के 24 मैचों में कोल्स ने 2 अर्धशतकों की मदद से 425 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 26 विकेट चटकाए हैं. फटाफट क्रिकेट यानी टी20 फॉर्मेट में भी उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, इस फॉर्मेट के 72 मैचों में उन्होंने 1375 रन बनाए हैं और साथ ही 55 विकेट भी हासिल किए हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि कोल्स सिर्फ बल्लेबाज या सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्कि हर फॉर्मेट में असर छोड़ने वाले पूर्ण ऑलराउंडर हैं.
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का पूरा शेड्यूल
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली इस वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होगा. सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को बर्मिंघम में खेला जाएगा. इसके बाद दोनों टीमें 16 जुलाई को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर दूसरे वनडे में आमने-सामने होंगी. सीरीज का तीसरा और आखिरी वनडे मुकाबला 19 जुलाई को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा, जिसे क्रिकेट का मक्का भी कहा जाता है. जेम्स कोल्स के लिए यह सीरीज इंग्लैंड की सीनियर वनडे टीम में अपना पहला बड़ा मौका साबित होगी और घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार आंकड़ों को देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें उन पर टिकी रहेंगी.













