भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दौरान श्रीलंकाई क्रिकेट टीम को एक प्रतिभावान युवा सितारा मिल गया है। 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने भारतीय गेंदबाजों के सामने शानदार बल्लेबाजी का मुजायरा पेश करते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जो पिछले 26 वर्षों में कोई भी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज नहीं कर पाया था। सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में सोनल दिनुशा ने अपनी बेहतरीन तकनीक और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाफ लगातार चार पारियों में 50 से अधिक रनों का स्कोर बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
भारत के खिलाफ लगातार चार पारियों में फिफ्टी-प्लस स्कोर का ऐतिहासिक कारनामा
सोनल दिनुशा की बल्लेबाजी में जबरदस्त निरंतरता देखने को मिली है। मौजूदा सीरीज के पहले मुकाबले की पहली पारी में उन्होंने एक जुझारू शतकीय पारी खेली थी। इसके बाद उसी मैच की दूसरी पारी में भी उनका बल्ला गरजा और उन्होंने 84 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस लय को बरकरार रखते हुए दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में सोनल दिनुशा ने 162 गेंदों का सामना करते हुए 103 रन बनाए। अपनी इस बेहतरीन शतकीय पारी के दौरान उन्होंने 8 चौके और 3 शानदार छक्के भी जड़े। इसके बाद जारी दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में भी उन्होंने शानदार अर्धशतक जमाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
भारतीय सरजमीं और भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ लगातार चार टेस्ट पारियों में दो शतक और दो अर्धशतक जमाना एक अद्भुत कारनामा है। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ जिम्बाब्वे के दिग्गज बल्लेबाज एंडी फ्लावर ने हासिल की थी। एंडी फ्लावर ने साल 2000 में भारत के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान लगातार चार पारियों में दो शतक और दो अर्धशतक लगाए थे। उस ऐतिहासिक दौरे पर एंडी फ्लावर ने एक पारी में नाबाद 232 रनों की मैराथन पारी भी खेली थी। उसके बाद से 26 सालों के लंबे अंतराल तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज भारतीय टीम के खिलाफ लगातार चार पारियों में 50 या उससे ज्यादा रन नहीं बना सका था। अब सोनल दिनुशा ने इस 26 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
टेस्ट करियर की शुरुआत और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के आंकड़े
सोनल दिनुशा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर बेहद नया है। उन्होंने पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक खेले गए 4 टेस्ट मैचों में उन्होंने 600 से अधिक रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बैटिंग औसत 61.66 का रहा है। उन्होंने अपने शुरुआती टेस्ट करियर में 1 शतक और 2 अर्धशतक दर्ज किए हैं। उल्लेखनीय है कि इन आंकड़ों में भारत के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मैच के आंकड़े शामिल नहीं हैं, क्योंकि मुकाबला अभी प्रगति पर है।
केवल 25 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले सोनल दिनुशा को अभी वनडे और T20I प्रारूप में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करना बाकी है। हालांकि, घरेलू और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके आंकड़े बेहद मजबूत रहे हैं। सोनल दिनुशा ने अब तक कुल 69 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेले हैं, जिनकी विभिन्न पारियों में उन्होंने 3,882 रन बनाए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 12 शतक और 20 अर्धशतक दर्ज हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इसी विशाल अनुभव का लाभ उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में मिलता दिख रहा है।
श्रीलंकाई टेस्ट बल्लेबाजी के लिए नई उम्मीद
श्रीलंकाई टीम पिछले कुछ समय से मध्यक्रम में एक भरोसेमंद और लंबी पारियां खेलने वाले बल्लेबाज की तलाश में थी। सोनल दिनुशा ने जिस तरह से भारत की मजबूत स्पिन और तेज गेंदबाजी के सामने दबाव में प्रदर्शन किया है, उससे श्रीलंकाई चयनकर्ताओं और प्रशंसकों को बड़ी राहत मिली है। लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी तकनीक, फुटवर्क और शॉट चयन की हर तरफ सराहना हो रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोनल दिनुशा इसी तरह अपनी फिटनेस और फॉर्म को बनाए रखते हैं, तो वह आने वाले समय में श्रीलंकाई टेस्ट टीम के मुख्य स्तंभ बन सकते हैं।


















