श्रीलंकाई क्रिकेट इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के अंतिम दिन बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने असाधारण धैर्य और तकनीक का परिचय देते हुए नाबाद शतकीय पारी खेली। मैच के पांचवें दिन चायकाल के समय सोनल 98 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे। तीसरे सत्र का खेल शुरू होते ही उन्होंने केवल दो रन जोड़कर अपना शतक पूरा किया और टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में वह कर दिखाया जो आज तक दुनिया का कोई भी बल्लेबाज नहीं कर सका था।
कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में ठोका शतक
कोलंबो टेस्ट मैच सोनल दिनुशा के करियर का सबसे यादगार मुकाबला बन गया है। इस मैच की पहली पारी में उन्होंने बेहद सतर्कता के साथ बल्लेबाजी करते हुए 223 गेंदों का सामना किया और 103 रनों की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों को पूरी तरह बेअसर साबित करते हुए उन्होंने 196 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए। इस मैच के आखिरी दिन चाय के विश्राम से ठीक पहले वह शतक से महज दो कदम दूर 98 रन पर नाबाद लौटे थे। मैदान पर वापस लौटते ही उन्होंने बिना किसी हड़बड़ाहट के अपने दो रन पूरे किए और भारतीय टीम के खिलाफ एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने का कारनामा अंजाम दिया।
भारत के खिलाफ अपने पहले 2 टेस्ट में बनाए 3 शतक
सोनल दिनुशा ने भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की इस सीरीज में रन बनाने का एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सोनल दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ करियर के अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में ही तीन शतक जड़ दिए हों। इससे पहले गॉल में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में सोनल ने 100 रनों की शतकीय पारी खेली थी, जबकि उसी मैच की दूसरी पारी में वह 84 रन बनाकर आउट हुए थे। इसके बाद कोलंबो में 103 और नाबाद 100 रन बनाकर उन्होंने भारत के खिलाफ अपनी रन बनाने की भूख को साबित किया। पूरी सीरीज में सोनल ने कुल 4 पारियों में 387 रन बनाए और वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
67 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड दोहराया
सोनल दिनुशा की निरंतरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भारत के खिलाफ अपनी पहली चार टेस्ट पारियों में हर बार पचास से अधिक का स्कोर बनाया। टेस्ट इतिहास में ऐसा करिश्मा 67 साल बाद देखने को मिला है। इससे पहले साल 1959 में इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज केन बैरिंगटन ने भारत के खिलाफ अपनी शुरुआती चार टेस्ट पारियों में 50 से ज्यादा रनों का स्कोर खड़ा किया था। सोनल अब क्रिकेट इतिहास के उन चुनिंदा पांच दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ अपने करियर की शुरुआती चार पारियों में लगातार 50 से अधिक रन बनाए हैं।
- डगलस जार्डिन (इंग्लैंड): 1932 से 1934 के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी।
- एवर्टन वीक्स (वेस्टइंडीज): साल 1948 में भारत के खिलाफ लगातार चार पारियों में फिफ्टी जमाई।
- क्लाइड वालकॉट (वेस्टइंडीज): साल 1948 में ही यह कारनामा करके दिखाया था।
- केन बैरिंगटन (इंग्लैंड): साल 1959 में भारत के विरुद्ध लगातार चार पचास से अधिक के स्कोर बनाए।
- सोनल दिनुशा (श्रीलंका): साल 2026 में भारत के खिलाफ शुरुआती चार पारियों में 100, 84, 103 और 100* रन बनाकर इस एलीट लिस्ट में जगह बनाई।
29 साल बाद श्रीलंकाई दिग्गजों के खास क्लब में बनाई जगह
भारत के खिलाफ किसी एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले सोनल दिनुशा श्रीलंका के महज तीसरे बल्लेबाज बने हैं। श्रीलंका क्रिकेट इतिहास में 29 साल के लंबे अंतराल के बाद किसी खिलाड़ी ने भारत के खिलाफ यह कारनामा दोहराया है। सोनल से पहले श्रीलंका के दो दिग्गज बल्लेबाजों ने ही यह उपलब्धि हासिल की थी। सबसे पहले साल 1982 में चेन्नई टेस्ट के दौरान दुलीप मेंडिस ने भारत के खिलाफ 105 और 105 रनों की दो शतकीय पारियां खेली थीं। इसके बाद साल 1997 में कोलंबो के एसएससी मैदान पर अरविंदा डी सिल्वा ने 146 और 120 रन बनाकर एक मैच में दो शतक ठोके थे। अब साल 2026 में सोनल दिनुशा ने उसी कोलंबो एसएससी मैदान पर 103 और नाबाद 100 रन बनाकर दुलीप मेंडिस और अरविंदा डी सिल्वा के इस खास क्लब में अपना नाम दर्ज करा लिया है।



















