ओडीआई ट्राई सीरीज के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड को दो विकेट से शिकस्त दी है। इस रोमांचक मैच में श्रीलंकाई टीम ने आठ विकेट के नुकसान पर 430 रन बनाकर अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में चार विकेट पर 429 रन बनाए थे। इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरा शतक जड़ा, लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम जीत हासिल नहीं कर सकी। मुकाबला गंवाने के बाद कप्तान हैरी ब्रूक ने स्वीकार किया कि उनकी नजर में इस दोहरे शतक का कोई मोल नहीं है।
ऐतिहासिक पारी के बाद भी हाथ लगी निराशा
मुकाबला समाप्त होने के बाद इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी रिकॉर्डतोड़ पारी पर खुलकर बात की और टीम की हार पर दुख जताया। उन्होंने इस मुकाबले को क्रिकेट का एक बेहतरीन मैच करार दिया जिसमें दोनों पक्षों ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने माना कि श्रीलंका ने उनसे बेहतर खेल दिखाया और 400 से अधिक रनों के विशाल लक्ष्य को आसानी से पार कर लिया। व्यक्तिगत मोर्चे पर इसे एक बेहतरीन पारी बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पूरी टीम ही मुकाबला हार जाती है, तो ऐसे दोहरे शतक का कोई विशेष महत्व या कीमत नहीं रह जाती है।
फाइनल में पहुंचने की अब भी उम्मीद बरकरार
अपनी हार से सबक लेते हुए इंग्लिश कप्तान ने आगे कहा कि टीम को अब अपनी रणनीतियों पर दोबारा गौर करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टूर्नामेंट अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले मुकाबलों में उनके पास खिताबी मुकाबले में जगह बनाने का पूरा अवसर मौजूद है। टीम अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर मैदान पर मजबूती से वापसी करने का प्रयास करेगी और आगे के मैचों में बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान देगी।
हैरी ब्रूक और जो रूट ने बनाए ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रावलपिंडी में खेले गए इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में दोहरा शतक लगाने वाले पहले अंग्रेज बल्लेबाज बन गए हैं। इसके अलावा वह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गति से दोहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ी भी बन गए और क्रिस गेल के साथ एक विशेष एलीट सूची में शामिल हो गए। इस मैच के दौरान इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने भी एक शानदार उपलब्धि हासिल की। वह वनडे क्रिकेट में 8000 रन पूरे करने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मैच में 66 गेंदों का सामना करते हुए 69 रन बनाए और आउट हुए।



















