भारत और श्रीलंका के बीच दो मुकाबलों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से शुरू होने जा रही है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से यह सीरीज दोनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय टीम विरोधी के मैदान पर अपना दबदबा कायम रखने के इरादे से उतरेगी, वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका की टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाकर भारतीय चुनौती का सामना करने की कोशिश करेगी। आंकड़े गवाही देते हैं कि भारतीय टीम का श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट फॉर्मेट में प्रदर्शन शानदार रहा है। साल 2015 में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ मिली आखिरी हार के बाद से टीम इंडिया लगातार अजेय बनी हुई है। इस रोमांचक सीरीज का आगाज होने से पहले क्रिकेट के गलियारों में एक खास आंकड़े को लेकर चर्चा गर्म है। दोनों देशों के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज के इतिहास में एक ही सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने का एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे अब तक केवल एक ही बल्लेबाज पार कर सका है।
एक ही सीरीज में 600 रन का आंकड़ा पार करने वाले इकलौते बल्लेबाज विराट कोहली
भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई किसी भी टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। साल 2017 में भारत की धरती पर खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में विराट कोहली का बल्ला आग उगल रहा था। उन्होंने महज 5 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 152.50 की असाधारण औसत से कुल 610 रन ठोक दिए थे। इस शानदार प्रदर्शन के दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और एक अर्धशतक निकला था।
इस ऐतिहासिक सीरीज में विराट कोहली का उच्चतम व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 243 रन रहा था। उन्होंने पूरी सीरीज में श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए हर मैच में अपना प्रभाव छोड़ा। दोनों देशों के बीच हुए टेस्ट मुकाबलों के इतिहास में यह एकमात्र मौका है जब किसी बल्लेबाज ने एक ही सीरीज में 600 रनों का आंकड़ा पार किया हो। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में अन्य कई दिग्गज खिलाड़ियों ने शिरकत की है, लेकिन कोई भी 500 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका। यही कारण है कि विराट कोहली का यह कीर्तिमान आज भी अटूट बना हुआ है।
सनथ जयसूर्या का 571 रनों का धमाका और वीरेंद्र सहवाग की आतिशी बल्लेबाजी
इस सूची में दूसरे स्थान पर श्रीलंका के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता है। सनथ जयसूर्या ने साल 1997 में भारत के खिलाफ अपनी घरेलू टेस्ट सीरीज में बल्ले से जमकर तबाही मचाई थी। उन्होंने केवल 2 टेस्ट मैचों की 3 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 571 रन बना डाले थे। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 190.33 का रहा, जो इस सूची में शामिल सभी बल्लेबाजों में सबसे अधिक है।
सनथ जयसूर्या ने उस सीरीज में दो शतक जमाए थे, जिसमें उनका ऐतिहासिक 340 रनों का तिहरा शतक भी शामिल था। अपनी इस मैराथन पारी और पूरी सीरीज के दौरान उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ 65 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के जड़े थे।
तीसरे स्थान पर भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग मौजूद हैं। वीरेंद्र सहवाग ने साल 2009-10 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया था। उन्होंने 4 पारियों में 122.75 की शानदार औसत और 108.14 के अद्भुत स्ट्राइक रेट के साथ कुल 491 रन बनाए थे। सहवाग ने इस सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया था, जिसमें 293 रनों की वह यादगार आतिशी पारी भी शामिल है जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनते हैं।
कुमार संगकारा की निरंतरता और राहुल द्रविड़ का ठोस प्रदर्शन
श्रीलंका के महान बल्लेबाजों में शुमार कुमार संगकारा इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। संगकारा ने साल 2010 में भारत के खिलाफ अपनी घरेलू सरजमीं पर खेली गई टेस्ट सीरीज में कुल 467 रन बनाए थे। उन्होंने 5 पारियों में 116.75 की औसत से रन बनाते हुए दो शतक और एक अर्धशतक जड़े। इस सीरीज के दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 219 रन रहा था।
भारतीय क्रिकेट में द वॉल के नाम से प्रसिद्ध पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ इस सूची में पांचवें स्थान पर दर्ज हैं। राहुल द्रविड़ ने 2009-10 की उसी यादगार टेस्ट सीरीज में 4 पारियों में 108.25 की औसत से 433 रन बनाए थे। उन्होंने सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक जड़ा था, जिसमें उनका उच्चतम व्यक्तिगत स्कोर 177 रन रहा था। द्रविड़ और सहवाग की जोड़ी ने उस सीरीज में भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
दो मैचों की सीरीज में क्या टूट पाएगा विराट कोहली का रिकॉर्ड?
विराट कोहली अब भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिसके कारण इस बार 15 अगस्त से शुरू हो रही सीरीज में प्रशंसकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या कोई युवा खिलाड़ी उनके इस बड़े कीर्तिमान के करीब पहुंच पाता है। भारतीय टीम के पास यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, केएल राहुल और साई सुदर्शन जैसे प्रतिभावान और फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज मौजूद हैं, जो बड़ी पारियां खेलने में सक्षम हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आगामी सीरीज केवल दो टेस्ट मैचों की है। ऐसे में महज 4 पारियों में 610 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन चुनौती साबित होगा। यदि किसी बल्लेबाज को विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ना है तो उसे दोनों टेस्ट मैचों की सभी पारियों में दोहरा शतक या बहुत बड़ी शतकीय पारियां खेलनी होंगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या युवा भारतीय ब्रिगेड इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के आसपास भी पहुंच पाती है या विराट कोहली का यह महारिकॉर्ड कायम रहता है।



















