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द लास्ट हाउस रिव्यू (2026): एक मकान में कैद परिवार की साइंस-फिक्शन कहानी में कितना है दममूवी रिव्यू
7 अग॰ 2026, 11:31 pm (77 दिन पहले)· 2

द लास्ट हाउस रिव्यू (2026): एक मकान में कैद परिवार की साइंस-फिक्शन कहानी में कितना है दम

लुई लेटेरियर के निर्देशन में बनी फिल्म 'द लास्ट हाउस' रहस्यमयी बारिश के कारण एक घर में कैद डेलगाडो परिवार के संघर्ष को दिखाती है। ग्रेटा ली और वागनर मौरा के संजीदा अभिनय के बावजूद यह साइंस-फिक्शन थ्रिलर तीसरे भाग में कमजोर पड़ जाती है।

द लास्ट हाउस रिव्यू के अनुसार, यह सीधे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई एक हल्की-फुल्की साइंस-फिक्शन थ्रिलर फिल्म है जो एक ही मकान के सीमित दायरे में एक परिवार के संघर्ष को दर्शाती है। फिल्म की शुरुआत प्रसिद्ध साइंस-फिक्शन लेखक ऑर्थर सी क्लार्क के एक विचारशील कथन से होती है, जिसमें वे कहते हैं कि इस ग्रह को पृथ्वी कहना कितना अनुचित है जब यह स्पष्ट रूप से महासागर है। हालांकि यह शुरुआती संदर्भ काफी बड़ा है, लेकिन फिल्म महान क्लासिक रचना 2001: ए स्पेस ओडिसी की ऊंचाइयों को छूने का दावा बिल्कुल नहीं करती। इसके बजाय, यह एक सीमित बजट वाली मनोरंजन फिल्म के रूप में सामने आती है जो बिना किसी बड़ी उम्मीद के देखी जा सकती है।

रहस्यमयी बारिश और घर में कैद डेलगाडो परिवार

फिल्म की कहानी एक अनपेक्षित और भयानक बारिश के साथ शुरू होती है। अगर दर्शक शुरुआती वॉइसओवर की घिसी-पिटी पंक्तियों को नजरअंदाज कर दें, तो कहानी का मूल आधार काफी आकर्षक लगता है। बारिश शुरू होने के बाद डेलगाडो परिवार अचानक खुद को अपने उपनगरीय घर के भीतर फंसा हुआ पाता है। परिवार की मां एन (ग्रेटा ली), पिता जेसन (वागनर मौरा), बेटी रूथ (राइली चुंग) और बेटा ग्राहम (नोहा अलेक्जेंडर सोस्नोव्स्की) पाते हैं कि उनके घर के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह से सील हो चुके हैं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। जल्द ही यह साफ हो जाता है कि यह अजीब घटना सिर्फ उनके साथ नहीं हुई है, बल्कि आसपास के पड़ोसी भी इसी तरह की स्थिति में फंसे हुए हैं।

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शुरुआत में परिवार के लोग पैनिक करने से बचते हैं और कठिन परिस्थिति में भी सकारात्मक रहने का प्रयास करते हैं। कहानी का यह हिस्सा हाल ही में आई फिल्म लीव द वर्ल्ड बिहाइंड और कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन की याद दिलाता है। अनिश्चितता और खौफ के माहौल के बीच परिवार के सदस्य पुरानी डीवीडी देखकर, विनाइल रिकॉर्ड्स पर संगीत सुनकर और बोर्ड गेम्स खेलकर एक-दूसरे के साथ खुशी तलाशते हैं। घर के भीतर संसाधनों को सीमित रखते हुए जीवित रहने का यह तरीका दर्शकों को बांधे रखता है।

कलाकारों का बेहतरीन अभिनय और संवादों की सीमाएं

मुख्य भूमिका निभा रहे वागनर मौरा और ग्रेटा ली को बेहतरीन और संजीदा फिल्मों के लिए जाना जाता है, जैसे द सीक्रेट एजेंट और पास्ट लाइव्स। हालांकि द लास्ट हाउस में उस स्तर की गहराई देखने को नहीं मिलती, फिर भी दोनों कलाकारों ने कमजोर पटकथा और साधारण संवादों के बावजूद बहुत ईमानदारी से काम किया है। निर्देशक लुई लेटेरियर, जिन्हें जेसन स्टैथम की एक्शन सीरीज ट्रांसपॉटर और भारी-भरकम एक्शन फिल्म फास्ट एक्स के लिए पहचाना जाता है, ने यहां एक छोटे से घर की चार दीवारों में थ्रिल पैदा करने की कोशिश की है।

तीसरे भाग का बदलाव और साइंस-फिक्शन से तुलना

एक ही मकान में फंसे रहने की मजबूरी और सीमित संसाधनों के साथ तालमेल बिठाने की तरकीबों तक फिल्म काफी रोचक बनी रहती है। लेकिन तीसरे भाग में आकर कहानी अपनी लय खो देती है। जहां शुरुआत में इंसानी ड्रामे और आपसी रिश्तों पर ध्यान दिया गया था, वहीं अंत आते-आते फिल्म कंप्यूटर जनित टेंटेकल मॉन्स्टर्स और बचकाने एक्शन दृश्यों में बदल जाती है। ऑर्थर सी क्लार्क की बौद्धिक छाप से दूर यह फिल्म एक साधारण और मनोरंजक स्ट्रीमिंग अनुभव बनकर रह जाती है, जिसे वीकेंड पर समय बिताने के लिए देखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

क्या द लास्ट हाउस फिल्म देखने लायक है?
यदि आप बिना ज्यादा उम्मीदों के एक हल्की-फुल्की थ्रिलर या साइंस-फिक्शन फिल्म देखना चाहते हैं, तो ग्रेटा ली और वागनर मौरा के अभिनय के लिए इसे एक बार देखा जा सकता है।
द लास्ट हाउस फिल्म किस तरह की दूसरी फिल्मों जैसी है?
यह फिल्म एक ही घर में कैद रहने और रहस्यमयी आपदा के माहौल के मामले में 'लीव द वर्ल्ड बिहाइंड' जैसी फिल्मों से मेल खाती है।
फिल्म द लास्ट हाउस का निर्देशन किसने किया है?
इस फिल्म का निर्देशन लुई लेटेरियर ने किया है, जो 'फास्ट एक्स' और 'ट्रांसपॉटर' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
द लास्ट हाउस में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?
फिल्म में ग्रेटा ली (एन) और वागनर मौरा (जेसन) के साथ राइली चुंग (रूथ) और नोहा अलेक्जेंडर सोस्नोव्स्की (ग्राहम) ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
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