श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आगाज से ठीक पहले भारतीय खेमे को केवल जीत का स्वाद ही नहीं मिला, बल्कि प्लेइंग इलेवन को लेकर उलझे कई पेचीदा सवालों के सटीक जवाब भी मिल चुके हैं। देवदत्त पडिक्कल के बल्ले से निकला बेहतरीन शतक, कप्तान शुभमन गिल की मैदान पर जोरदार वापसी और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ का दमखम दिखाने वाला खेल, इन सबने टीम प्रबंधन को बड़ी राहत दी है। हालांकि, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का निराशाजनक प्रदर्शन अब भी एक अनसुलझी चुनौती बना हुआ है। श्रीलंका दौरे की शुरुआत जीत के साथ जरूर हुई, लेकिन 9 अगस्त को खेले गए इस तीन दिवसीय अभ्यास मैच का असली फायदा स्कोर से ज्यादा टीम संतुलन को परखने में मिला, जहां भारत ने श्रीलंका क्रिकेट XI को 4 विकेट से मात देकर मुकाबला अपने नाम किया और यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल तथा ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाजों ने 207 रन के लक्ष्य को आसानी से पार कर लिया।
मैच के फॉर्मेट में बदलाव और गॉल टेस्ट की तैयारी
शुरुआती योजना के मुताबिक यह अभ्यास मुकाबला चार दिनों का होना तय किया गया था, जिसे बाद में घटाकर तीन दिन का कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट को आगामी 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए संभावित संयोजन तैयार करने में पूरी मदद मिल गई। इस वॉर्मअप मैच के शुरू होने से पहले भारतीय दल कुछ बड़ी फिटनेस समस्याओं से जूझ रहा था। सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर असमंजस बना हुआ था और मुकाबले के दौरान ही उन्हें पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा। इसके अलावा, कप्तान शुभमन गिल भी अभ्यास के दौरान अपने दाहिने हाथ में चोट खा बैठे थे, जिसकी वजह से वह इस मैच के शुरुआती दो दिनों तक मैदान से पूरी तरह दूर रहे थे। हालांकि, बाद में गिल ने नेट पर पसीना बहाकर और मैदान पर उतरकर इन तमाम आशंकाओं को लगभग खत्म कर दिया।
नंबर-3 के स्थान पर देवदत्त पडिक्कल ने ठोका मजबूत दावा
इस अभ्यास मैच से जो सबसे सकारात्मक बात निकलकर सामने आई, वह देवदत्त पडिक्कल की नाबाद 142 रन की शानदार पारी रही। नंबर-3 की अहम पोजीशन पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने जिस तरह का संयम और कौशल दिखाया, उससे कप्तान और कोच के लिए उन्हें अंतिम ग्यारह से बाहर रखना लगभग नामुमकिन सा हो गया है। उन्होंने श्रीलंकाई खेमे के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों का ही डटकर और पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबला किया। उनका फुटवर्क मैदान पर देखते ही बनता था। उन्होंने सिर्फ अपनी विकेट बचाने के लिए रक्षात्मक रुख नहीं अपनाया, बल्कि मौके मिलते ही आक्रामक शॉट खेलकर विरोधी गेंदबाजों पर मानसिक दबाव भी पूरी तरह बनाए रखा।
शुभमन गिल की फिटनेस ने दूर की असमंजस की स्थिति
प्रशिक्षण सत्र के दौरान दाएं हाथ में चोट लगने की खबर सामने आने के बाद से ही शुभमन गिल के पहले टेस्ट मैच में खेलने को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अभ्यास मैच के शुरुआती दो दिन उनका मैदान पर नहीं उतरना इन आशंकाओं को और हवा दे रहा था। लेकिन तीसरे दिन के खेल में गिल ने पहले लंबे समय तक नेट्स में अभ्यास किया और फिर 207 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए भारतीय पारी की शुरुआत करने खुद क्रीज पर पहुंच गए। उन्होंने बेहद सहज अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 44 उपयोगी रन बनाए। उनकी इस वापसी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह पूरी तरह फिट हैं और गॉल में होने वाले पहले मुकाबले में टीम का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
गुरनूर बराड़ ने प्रसिद्ध कृष्णा को दी कड़ी टक्कर
श्रीलंका की पिचों और वहां के मिजाज को देखते हुए भारतीय टीम मैदान पर दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का मन बना सकती है। अनुभवी मोहम्मद सिराज का खेलना तो पक्की तौर पर तय माना जा रहा है, लेकिन दूसरे तेज गेंदबाज की भूमिका के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ के बीच सीधी टक्कर चल रही है। इस अभ्यास मैच के दौरान गुरनूर ने अपनी गेंदबाजी से प्रसिद्ध पर साफ बढ़त बना ली है। उन्होंने शॉर्ट पिच गेंदों का बेहतरीन इस्तेमाल करके श्रीलंका क्रिकेट XI के बल्लेबाजों को खासी मुश्किल में डाला और उनकी गेंदबाजी में एक अलग ही धार तथा आक्रामकता नजर आई। सिर्फ गेंदबाजी में ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए भी गुरनूर ने अपनी उपयोगिता साबित की और पहली पारी में मात्र 18 गेंदों का सामना करते हुए चार गगनचुंबी छक्कों की मदद से ताबड़तोड़ 36 रन जड़ दिए।
ऋषभ पंत का लचर प्रदर्शन बना चिंता का बड़ा सबब
भारतीय टीम की इस शानदार जीत के बावजूद आक्रामक विकेटकीपर ऋषभ पंत का मैदान पर ढीला रवैया टीम प्रबंधन के लिए माथे पर बल लाने वाला जरूर होगा। पंत ने इस अभ्यास मैच की दोनों पारियों में गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया। दोनों ही मौकों पर उन्होंने क्रीज से आगे बढ़कर गेंद को सीधा बाउंड्री के पार भेजने का प्रयास किया, लेकिन डीप क्षेत्र में तैनात फील्डर के हाथों आसान कैच थमा बैठे। इसमें कोई दो राय नहीं है कि ऋषभ पंत मौजूदा समय में भारत के सबसे मैच-विनिंग टेस्ट बल्लेबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन जिस तरह की परिपक्वता और संयम की उम्मीद इस स्तर पर उनसे की जाती है, वह उनके हालिया खेल में पूरी तरह नदारद दिखाई दी।



















