श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए भारतीय क्रिकेट टीम ने तीन दिवसीय अभ्यास मैच के जरिए मैदान पर पसीना बहाया। इस अभ्यास मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों का गहन परीक्षण किया। हालांकि, मैच के दौरान उस समय प्रशंसकों और विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई जब स्टार बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव केवल पहली पारी में गेंदबाजी करते नजर आए और दूसरी पारी में मैदान पर नहीं उतरे। इसके बाद सोशल मीडिया और खेल गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या कुलदीप चोटिल हो गए हैं। इस पूरे विषय पर टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा अपडेट दिया है। बहुतुले ने साफ किया कि कुलदीप पूरी तरह फिट हैं और उन्हें दूसरी पारी में आराम देना केवल एक एहतियाती रणनीति का हिस्सा था ताकि उनके शरीर के वर्कलोड को नियंत्रित किया जा सके।
कुलदीप यादव के वर्कलोड और शारीरिक स्थिति पर कोच का अपडेट
प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में कुलदीप यादव ने 18 ओवर तक गेंदबाजी की थी। इसके अलावा मुकाबला शुरू होने से पहले भी उन्होंने नेट्स अभ्यास के दौरान करीब दो से तीन ओवर गेंदबाजी की थी। इस दौरान वे पूरी तरह से लय में दिखे और उनकी गेंदों में धार नजर आई। लंबा स्पेल फेंकने के कारण टीम प्रबंधन ने फैसला किया कि दूसरी पारी में उन्हें गेंदबाजी से ब्रेक दिया जाए। साईराज बहुतुले के अनुसार, लगातार अधिक गेंदबाजी करने के बाद यह समझना जरूरी होता है कि खिलाड़ी का शरीर कैसा महसूस कर रहा है और उसकी रिकवरी की गति क्या है। बहुतुले ने स्पष्ट किया कि कुलदीप की फिटनेस को लेकर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और प्रशंसक बिल्कुल निश्चिंत रह सकते हैं।
अन्य स्पिनरों को मिला गॉल की परिस्थितियों को समझने का मौका
कुलदीप यादव को दूसरी पारी में आराम दिए जाने का एक मुख्य उद्देश्य टीम के अन्य स्पिनरों को पर्याप्त मैच टाइम देना भी था। उपकप्तान रविंद्र जडेजा, युवा स्पिनर मानव सुथार और सारांश जैन को दूसरी पारी में अधिक ओवर फेंकने का मौका मिला। रविंद्र जडेजा और मानव सुथार दोनों ने लगभग 14 से 15 ओवर तक गेंदबाजी की। आगामी पहला टेस्ट मैच गॉल में खेला जाना है, जो पारंपरिक रूप से स्पिन अनुकूल पिच के लिए जाना जाता है। ऐसे में भारतीय स्पिनरों के लिए यह अभ्यास मैच परिस्थितियों से तालमेल बिठाने का बेहतरीन जरिया बना।
मैच के दौरान पिच के स्वभाव में आए बदलावों का भी गेंदबाजों को फायदा मिला। पहले दिन पिच काफी सपाट थी, जिससे स्पिनरों को खास मदद नहीं मिल रही थी। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच में दरारें आईं और गेंद तेजी से घूमने लगी। बहुतुले ने बताया कि रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पहले भी श्रीलंका में खेल चुके हैं और वे यहां के माहौल से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हालांकि, मानव सुथार और सारांश जैन जैसे युवा गेंदबाजों के लिए यह दौरा नया है। इस अभ्यास मैच के जरिए उन्हें यह समझने में मदद मिली कि एशियाई परिस्थितियों में सही लाइन और लेंथ क्या होनी चाहिए तथा बल्लेबाजों को दबाव में लाने के लिए फील्डिंग की सजावट किस प्रकार की जानी चाहिए।
शुभमन गिल की हाथ की चोट और रिकवरी की स्थिति
कुलदीप के अलावा अभ्यास मैच से पहले युवा बल्लेबाज शुभमन गिल की फिटनेस को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे। गुरुवार को नेट प्रैक्टिस के दौरान बल्लेबाजी करते समय गिल के दाहिने हाथ में गेंद लग गई थी, जिससे उन्हें हल्की चोट आई थी। किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए टीम प्रबंधन ने सावधानी बरतते हुए उन्हें अभ्यास मैच के पहले दिन बल्लेबाजी करने नहीं भेजा। हालांकि, इसके बाद गिल की रिकवरी काफी तेज रही और उन्होंने अगले दिनों में नेट्स में जमकर बल्लेबाजी की तथा कैचिंग अभ्यास में भी हिस्सा लिया।
साईराज बहुतुले ने गिल के संदर्भ में कहा कि वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और लगातार अपनी ट्रेनिंग जारी रख रहे हैं। प्रबंधन का उन्हें पहले दिन बल्लेबाजी न कराने का फैसला केवल एक सुरक्षात्मक कदम था। उन्होंने यह भी बताया कि शुभमन गिल टेस्ट सीरीज के दौरान श्रीलंका के खतरनाक स्पिन आक्रमण का सामना करने के लिए विशेष तकनीकी तैयारियों पर काम कर रहे हैं।



















