दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने दबाव भरे हालात से निकलकर शानदार खेल दिखाते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज की। शीर्ष क्रम के सस्ते में लौटने के बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की, उसने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। इस कामयाबी के साथ भारतीय दल ने मौजूदा श्रृंखला में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और महत्वपूर्ण बढ़त भी अपने नाम कर ली है।
शीर्ष क्रम की नाकामी और शुरुआती झटका
टॉस के बाद जब खेल शुरू हुआ, तो भारतीय पारी की शुरुआत बिल्कुल भी अनुकूल नहीं रही। पावरप्ले के दौरान और उसके फौरन बाद बल्लेबाजों को कीवी आक्रमण के सामने संघर्ष करना पड़ा। संजू सैमसन महज 14 रन बनाकर चलते बने, जबकि अभिषेक शर्मा ने 27 रनों का योगदान दिया। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला भी खामोश रहा और वह केवल 4 रन ही जोड़ सके। कप्तान श्रेयस अय्यर भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक पाए और सिर्फ 7 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गए। चार अहम विकेट गंवाने के बाद भारतीय खेमा बेहद नाजुक मोड़ पर आ खड़ा हुआ था, जहां से पारी को दोबारा संवारना अनिवार्य था।
मध्यक्रम का साहसिक मोर्चा और तिलक वर्मा का कमाल
नाजुक मोड़ पर ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने 11 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, मगर खेल का असली नक्शा तब बदला जब युवा बल्लेबाजों ने मोर्चा संभाला। बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा ने मैदान पर असाधारण परिपक्वता का परिचय दिया। एक छोर पर खूंटा गाड़ते हुए उन्होंने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाए। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों में नाबाद 51 रनों की आतिशी पारी खेली। अपनी इस बेमिसाल पारी में उन्होंने 6 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा। उनका स्ट्राइक रेट 196.15 रहा, जिसने विपक्षी टीम की फील्डिंग और गेंदबाजी की पूरी योजना को ध्वस्त कर दिया।
नमन धीर और नीतीश रेड्डी की तूफानी बल्लेबाजी
तिलक वर्मा का साथ देने आए नमन धीर ने पहली ही गेंद से आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया और मात्र 17 गेंदों पर ताबड़तोड़ 31 रन ठोक दिए। इस पारी में उन्होंने 1 चौका और 3 जोरदार छक्के उड़ाए, जिससे उनका स्ट्राइक रेट 182.35 दर्ज हुआ। बीच के ओवरों में धीमी पड़ चुकी गति को नमन धीर की इस पारी ने जबर्दस्त रफ्तार दी।
पारी के अंतिम ओवरों में नीतीश कुमार रेड्डी ने भी चौतरफा प्रहार किए। उन्होंने क्रीज पर आते ही रन गति को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। नीतीश कुमार रेड्डी केवल 13 गेंदों पर 26 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी में 1 चौका और 1 छक्का शामिल रहा और उन्होंने 200.00 के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे। तिलक, नमन और नीतीश की इस तिकड़ी ने अंतिम ओवरों में ऐसा तूफान मचाया कि भारतीय टीम 19.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 181 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंच गई। पूरी पारी के दौरान भारत का रन रेट 9.13 प्रति ओवर रहा।
न्यूजीलैंड की गेंदबाजी और अतिरिक्त रनों की मार
न्यूजीलैंड की ओर से कप्तान और स्पिनर मिचेल सेंटनर ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा किया और अपने कोटे में 4 भारतीय बल्लेबाजों को आउट किया। उनके अलावा जैकब डफी और नाथन स्मिथ को 1-1 विकेट हासिल हुआ। हालांकि सेंटनर के अलावा बाकी गेंदबाज अपनी लय बरकरार नहीं रख पाए और डेथ ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने उनकी लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।
इसके साथ ही कीवी टीम की तरफ से दिए गए अतिरिक्त रन भी उनके लिए नुकसानदेह साबित हुए। भारतीय स्कोर में कुल 10 एक्स्ट्रा रन जुड़े, जिसमें 5 वाइड गेंदें, 3 नो-बॉल और 2 लेग बाई शामिल थीं। टी20 फॉर्मेट में इस तरह की गलतियों ने कीवी टीम पर अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया, जिसका भरपूर फायदा भारतीय बल्लेबाजों ने उठाया। संकट से उबरकर मिली इस जीत ने आगामी मैचों से पहले भारतीय खेमे का मनोबल काफी ऊंचा कर दिया है।
















