उम्र भले ही 15 साल हो, लेकिन मैदान पर बर्ताव के नियम सबके लिए एक जैसे होते हैं. भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को अब यही सबक सीखना पड़ सकता है. सोमवार को खेले गए IND A बनाम SL A मुकाबले के ठीक बाद वे एक श्रीलंकाई खिलाड़ी से भिड़ गए और उन्हें धक्का देते हुए कैमरे में कैद हुए. यह सब उस वक्त हुआ जब भारतीय टीम सुपर ओवर में मुकाबला गंवा चुकी थी, और इस घटना ने पूरे रोमांचक मैच पर पानी फेर दिया. सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या इस हरकत की कीमत सूर्यवंशी को चुकानी पड़ेगी?
पूर्व अंपायर का दो टूक रुख
TrendKia से खास बातचीत में ICC के एलीट पैनल के पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने साफ कहा कि जो हुआ वह किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए था. उनके मुताबिक कोई भी खिलाड़ी किसी हालात में दूसरे पर शारीरिक हमला नहीं कर सकता, और इस तरह की हरकतों के लिए क्रिकेट में कतई कोई गुंजाइश नहीं है. चौधरी ने मैदान पर मौजूद फील्ड अंपायरों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि पूरे मामले को कहीं बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था.
कौन सा नियम बनेगा आधार
फिलहाल ICC की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि चौधरी का मानना है कि यह घटना ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के दायरे में आ सकती है. यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी भी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि दर्शक के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से जुड़ा है. पूर्व अंपायर ने जोड़ा कि वीडियो में खिलाड़ियों के बीच शारीरिक टकराव साफ नज़र आ रहा है, और ऐसे में मैच रेफरी की भूमिका सबसे अहम हो जाती है. ICC के मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाशन जल्द ही इस पर अपना फैसला सुना सकते हैं.
चौधरी ने यह भी समझाया कि फैसले से पहले मैच रेफरी अंपायरों की रिपोर्ट को बारीकी से देखेंगे, ताकि पूरी घटना का संदर्भ साफ हो सके. इसमें यह परखा जाएगा कि संपर्क जानबूझकर हुआ, लापरवाही से हुआ या उसे टाला जा सकता था. इसके अलावा टक्कर कितनी तेज़ थी, सामने वाले खिलाड़ी को कोई चोट पहुंची या नहीं, संपर्क किसके साथ हुआ और बात कहां तक बढ़ी, इन सब पहलुओं को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.
कितनी कड़ी हो सकती है कार्रवाई
TrendKia से बातचीत में अनिल चौधरी ने बताया कि वैभव पर मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है, साथ ही एक या दो डिमेरिट अंक भी दिए जा सकते हैं. अगर मामला कम गंभीर माना गया तो उन्हें आधिकारिक चेतावनी या फटकार मिलकर भी बात खत्म हो सकती है. सबसे अहम बात यह है कि अगर अगले 12 महीनों के भीतर उनके खाते में 4 डिमेरिट अंक जुड़ गए तो उन्हें मैच से निलंबन तक झेलना पड़ सकता है.
मैदान पर आखिर हुआ क्या
सुपर ओवर में IND A के सामने 17 रन का लक्ष्य था, लेकिन सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी केवल 9 रन ही जोड़ पाई. SL A के लिए कगुथास मैथुलन ने अपनी टीम को जीत दिलाई. माना जा रहा है कि पवेलियन लौटते वक्त दोनों ओर से कुछ शब्दों का आदान-प्रदान हुआ, जिसके बाद सूर्यवंशी अचानक गेंदबाज़ की तरफ बढ़ गए. हालात को शांत करने के लिए विशेन बीच में आए, लेकिन सूर्यवंशी ने उन्हें भी धक्का दे दिया. आखिरकार सीनियर खिलाड़ी निरोशन डिकवाला को आगे आकर मामला संभालना पड़ा. दिलचस्प यह है कि इससे पहले उसी दिन सुपर ओवर को लेकर तिलक वर्मा, सूर्यवंशी और अंपायर के बीच लंबी बहस भी हो चुकी थी, जहां कोच ऋषिकेश कनितकर को बीच-बचाव के लिए उतरना पड़ा था.













