गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले में पिच पूरी तरह से बल्लेबाजों के मुफीद नजर आई और गेंदबाजों के लिए यह मैच बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके जवाब में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने धुआंधार अंदाज में खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर 405 रन टांग दिए। इस बड़े स्कोर वाले मुकाबले में युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने अपने स्पेल में 96 रन खर्च कर दिए। भारतीय टीम ने अंत में मैच अपने नाम कर लिया, लेकिन गेंदबाजी के लिहाज से यह मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में भारतीय गेंदबाजों द्वारा फेंके गए पांच सबसे महंगे स्पेल के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं।
मुंबई में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेअसर रहे भुवनेश्वर कुमार
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए वनडे में सबसे ज्यादा रन लुटाने का अवांछित रिकॉर्ड अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के नाम दर्ज है। आमतौर पर अपनी नपी-तुली लाइन और स्विंग के दम पर बल्लेबाजों को परेशान करने वाले भुवनेश्वर अक्टूबर 2015 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पूरी तरह लय से भटक गए थे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए उस मुकाबले में विपक्षी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर लगातार कड़े प्रहार किए। भुवनेश्वर ने अपने कोटे के पूरे 10 ओवर में 106 रन दे डाले और यह आज तक भारत की तरफ से किसी एकदिवसीय मैच में दर्ज सबसे महंगा गेंदबाजी विश्लेषण बना हुआ है।
बेंगलुरु में विनय कुमार के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों का तूफान
इस सूची में दूसरा स्थान पूर्व तेज गेंदबाज आर. विनय कुमार का आता है, जिनकी गेंदबाजी पर बेंगलुरु के मैदान पर जमकर रन बने। नवंबर 2013 में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह मुकाबला खेला गया था। इस मैच को रोहित शर्मा द्वारा बनाए गए पहले दोहरे शतक के लिए याद किया जाता है, लेकिन जब टीम इंडिया फील्डिंग करने उतरी, तो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने पलटवार करते हुए विनय कुमार को निशाना बनाया। विनय कुमार अपने 10 ओवर का कोटा भी पूरा नहीं कर पाए और उन्होंने 9 ओवर में ही 102 रन लुटा दिए।
लॉर्ड्स में गुरनूर बराड़ का कठिन विदेशी दौरा
भारतीय टीम में पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ इस तालिका में तीसरे पायदान पर आते हैं। जुलाई 2026 में इंग्लैंड के दौरे पर तीसरे वनडे मैच के दौरान लॉर्ड्स के मैदान पर गुरनूर को बेहद कड़े इम्तिहान से गुजरना पड़ा। अपने 10 ओवर के कोटे में उन्होंने 9.70 की इकॉनमी रेट से 97 रन लुटाए और इस दौरान उन्हें एक भी विकेट हासिल नहीं हुआ। यह आंकड़ा विदेशी सरजमीं पर किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज द्वारा फेंका गया सबसे खर्चीला स्पेल साबित हुआ।
कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दोबारा महंगे साबित हुए भुवनेश्वर
चौथे स्थान पर एक बार फिर भुवनेश्वर कुमार का नाम दर्ज है, जिन्हें घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ कड़ी मार झेलनी पड़ी थी। अक्टूबर 2017 में कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेले गए इस एकदिवसीय मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाया। हालांकि भारतीय टीम किसी तरह मैच जीतने में सफल रही, लेकिन भुवनेश्वर ने अपने 10 ओवरों में 92 रन दे डाले। यह भारतीय एकदिवसीय इतिहास का चौथा सबसे महंगा व्यक्तिगत स्पेल बना।
सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर युजवेंद्र चहल की चुनौती
इस अनचाही सूची में पांचवें स्थान पर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल शामिल हैं, जो इस शीर्ष क्रम में एकमात्र स्पिन गेंदबाज हैं। नवंबर 2020 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सीरीज के पहले वनडे मुकाबले में मेजबान बल्लेबाजों ने चहल पर कड़ा दबाव बनाया। चहल ने अपने पूरे 10 ओवरों में 89 रन खर्च किए और उन्हें सिर्फ 1 सफलता मिली। उस समय तक यह किसी भी भारतीय स्पिनर द्वारा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में फेंका गया सबसे महंगा स्पेल था।



















