क्रिकेट जगत में कई बार ऐसे युवा खिलाड़ी सामने आते हैं जिनकी शैली दिग्गजों से मेल खाती है। आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों की खूबियां अगर एक ही युवा में नजर आने लगें, तो भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ जाती हैं। कुछ ऐसा ही प्रभाव 21 साल के युवा बल्लेबाज शेख रशीद ने अपनी खेल शैली से छोड़ा है, जिनमें कई दिग्गजों की झलक साफ दिखाई देती है। आंध्र प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले इस खिलाड़ी की तकनीक इतनी प्रभावशाली है कि इसने चयनकर्ताओं और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
विराट और रोहित की तकनीक का अनूठा संगम
शेख रशीद के शॉट्स खेलने के तरीके में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभों की छाप साफ नजर आती है। उनका शानदार कवर ड्राइव सीधे तौर पर विराट कोहली की याद दिलाता है, तो वहीं उनका सहज और नपी-तुली टाइमिंग वाला पुल शॉट रोहित शर्मा की शैली से काफी मिलता-जुलता है। इन दोनों दिग्गजों के ट्रेडमार्क शॉट्स को अपनी बल्लेबाजी का हिस्सा बनाना किसी भी युवा के लिए बड़ी बात है। इसके अलावा, वह इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट की शैली से भी खासे प्रभावित हैं और उन्हीं की तरह मैदान पर धैर्य के साथ पारी को आगे बढ़ाते हैं।
जो रूट को मानते हैं अपना आदर्श
शेख रशीद इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट को अपना क्रिकेटिंग आइडल मानते हैं और यही वजह है कि वह मैदान पर 66 नंबर की जर्सी पहनकर उतरते हैं। जो रूट की बल्लेबाजी का अध्ययन करना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि वह जो रूट के ढेरों वीडियो देखते हैं। उन्हें खासतौर पर उनका बैक-फुट पंच कवर ड्राइव बेहद पसंद है जो उनका खुद का भी पसंदीदा शॉट है। जब वह रूट को बल्लेबाजी करते हुए देखते हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है कि मानो वह खुद मैदान पर खेल रहे हैं। वह रूट से यह सीखना चाहते हैं कि कैसे अलग-अलग और मुश्किल परिस्थितियों में अपनी पारी को संवारकर आगे बढ़ाया जाता है।
दलीप ट्रॉफी और नंबर तीन की दावेदारी
वर्तमान में घरेलू सर्किट में अपनी पहचान बना रहे शेख रशीद साउथ जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं। रविवार से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वह नॉर्थ जोन के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे। हालांकि फिलहाल देवदत्त पडिक्कल ने टेस्ट टीम में नंबर तीन के स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, लेकिन 21 साल के रशीद को भविष्य की टेस्ट टीम के लिए तैयार किए जा रहे संभावित खिलाड़ियों के पूल में प्रमुखता से शामिल किया गया है। चयनकर्ता उनके हर एक प्रदर्शन पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए तक का सफर
शेख रशीद उस भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं जिसने साल 2022 का वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के लिए खेलते हुए घरेलू क्रिकेट में शानदार जलवा बिखेरा। पिछले रणजी सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था जहां उन्होंने 8 मैचों में 89.57 की बेहतरीन औसत से कुल 627 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन शानदार शतक और दो अर्धशतक निकले। इसी निरंतर प्रदर्शन के दम पर उन्हें हाल ही में इंडिया ए के श्रीलंका दौरे के लिए भी चुना गया था, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कोच का मार्गदर्शन और भविष्य की योजनाएं
इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनके बचपन के कोच एन.एस. गणेश की कड़ी मेहनत और मार्गदर्शन का बड़ा हाथ है। कोच ने पिछले 7 सालों से उनके दिल और दिमाग में एक ही बात बैठा रखी है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद लंबे समय तक उस स्थान की जिम्मेदारी उन्हीं को संभालनी होगी। रशीद इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं है। उनका मानना है कि भारत में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है इसलिए जब भी मौका मिले, उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरना होगा। वह अपनी टेस्ट कैप हासिल करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं लेकिन किसी भी तरह की जल्दबाजी के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि यह एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें अंडर-19 से रणजी और फिर इंडिया ए का सफर तय करते हुए उन्हें खुद को एक बेहतर बल्लेबाज के रूप में साबित करना है।
आईपीएल का अनुभव और चेन्नई सुपर किंग्स का साथ
घरेलू क्रिकेट के अलावा शेख रशीद को इंडियन प्रीमियर लीग में भी चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलने का बहुमूल्य अनुभव मिल चुका है। वह इस फ्रेंचाइजी के साथ तीन सीजन तक जुड़े रहे और इस दौरान उन्हें कुल 5 मैचों में मैदान पर उतरने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने 71 रन बनाए। हालांकि उनके ये आईपीएल आंकड़े बहुत बड़े नहीं हैं और उन्हें शुरुआती दौर में ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन वह इसे कोई चूका हुआ अवसर नहीं मानते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यह उनके करियर का एक बेहद सीखने वाला दौर था।
दिग्गजों से मिली सीख और आगे की राह
चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे में बिताए समय के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि माइक हसी के साथ काम करना उनके लिए एक शानदार अनुभव रहा। उन्होंने माइक हसी से बहुत कुछ सीखा, खासकर इस बात को कि अलग-अलग और विषम परिस्थितियों में अपनी बल्लेबाजी को कैसे संभाला जाता है। एक टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में उनके लिए ये सबक बहुत काम के साबित हुए हैं। उनका यह भी मानना है कि लंबे इंतजार के बाद जब वह आईपीएल में खेले थे, तो वह टीम के बजाय अपने व्यक्तिगत खेल पर ज्यादा ध्यान दे रहे थे। लेकिन अब उनका आत्मविश्वास बढ़ चुका है और उनका मानना है कि जब उन्हें अगली बार ऐसा मौका मिलेगा, तो वह मैदान पर एक बिल्कुल अलग और परिपक्व बल्लेबाज के रूप में नजर आएंगे।



















