यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग के मौजूदा संस्करण में डब्लिन गार्डियंस के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रतियोगिता के तहत 29 अगस्त को खेले गए मुकाबले में आर अश्विन की कप्तानी वाली डब्लिन टीम को ग्लासगो कॉस्मिक के हाथों 33 रनों से पराजय झेलनी पड़ी। इस असफलता के बाद अंक तालिका में टीम का खाता अभी तक नहीं खुल सका है, क्योंकि यह डब्लिन की टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार है। इससे पहले उन्हें अपने अभियान के शुरुआती मैच में बेलफास्ट वॉल्व्स के खिलाफ भी हार मिली थी।
ग्लासगो कॉस्मिक का मजबूत प्रदर्शन
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी ग्लासगो कॉस्मिक ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट गंवाकर 183 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की तरफ से पारी की शुरुआत करते हुए जेसन रॉय ने सबसे अधिक 60 रनों का योगदान दिया। उन्होंने अपनी इस आक्रामक पारी के दौरान 37 गेंदों का सामना किया तथा 8 चौके और एक छक्का जड़ा। उनका साथ देते हुए रिची बैरिंगटन ने महज 27 गेंदों पर 51 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 2 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। पारी के अंतिम ओवरों में मैथ्यू क्रॉस ने तेजी से खेलते हुए 16 गेंदों पर 25 रन जोड़े। डब्लिन की गेंदबाजी इकाई में मैथ्यू होलार्ड सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने 4 ओवरों के कोटे में 29 रन खर्च करके 2 विकेट झटके।
हैरी टेक्टर का संघर्ष भी ना आया काम
लक्ष्य का पीछा करने मैदान पर उतरी डब्लिन गार्डियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर मुहम्मद वसीम अपना खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। दूसरे सलामी बल्लेबाज जेम्स विंस भी केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए। मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आए हैरी टेक्टर ने टीम की नैया पार लगाने की कोशिश की और सर्वाधिक 75 रनों की उम्दा पारी खेली। उन्होंने अपनी इस संघर्षपूर्ण पारी में 45 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौके और 3 छक्के लगाए। उनके अलावा संजय कृष्णमूर्ति ने 20 रन और मैथ्यू होलार्ड ने 14 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। परिणामस्वरूप पूरी डब्लिन टीम 19.3 ओवरों में महज 150 रन पर सिमट गई। ग्लासगो के लिए लुंगी एनगिडी सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 21 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।
कप्तान आर अश्विन का फीका प्रदर्शन
डब्लिन गार्डियंस के कप्तान और मुख्य मेंटर आर अश्विन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी निराशाजनक रहा। गेंदबाजी के दौरान उन्होंने एक विकेट जरूर अपने नाम किया, लेकिन वह बेहद खर्चीले साबित हुए और अपने 4 ओवरों में 43 रन लुटा बैठे। इसके बाद जब टीम को बल्लेबाजी में उनके अनुभव की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब वह खाता खोले बिना ही गोल्डन डक पर आउट हो गए। लगातार दो हार के बाद अब टीम प्रबंधन और कप्तान को आगामी मुकाबलों में अपनी रणनीति पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।



















