बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परेव सोन नदी के पास शनिवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच एक भयानक मुठभेड़ देखने को मिली। अवैध बालू के कारोबार में नाव के माध्यम से रंगदारी वसूल रहे बदमाशों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां बरसने लगीं। इस सशस्त्र झड़प के दौरान दोनों तरफ से कुल मिलाकर लगभग 62 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरा नदी इलाका दहल उठा। सुरक्षा बलों की तरफ से 22 राउंड फायरिंग की गई, जबकि दूसरी ओर से अपराधियों ने लगभग 40 राउंड गोलियां दागीं। इस भीषण गोलीबारी में तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए और एक बदमाश को भी गोली लगी।
घायल होने वाले पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर राजू कुमार शामिल हैं जिनके बांह में गोली लगी, जबकि थानाध्यक्ष अमित कुमार और सहायक थानाध्यक्ष विकेश कुमार भी इस दौरान चोटिल हो गए। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात बदमाश अनीश कुमार गोली लगने से जख्मी हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायल सब-इंस्पेक्टर राजू सिंह को भी प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनीश को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, हालांकि उसके तीन अन्य साथी अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। तलाशी के दौरान घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई एक नाव को बरामद किया गया है।
नाव के जरिए चल रहा था अवैध वसूली का खेल
परेव सोन नदी के इलाके में अपराधी काफी समय से नावों का इस्तेमाल करके अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और लोगों से जबरन रंगदारी वसूल रहे थे। जब इसकी गुप्त सूचना स्थानीय पुलिस को मिली तो तुरंत एक विशेष टीम का गठन करके कार्रवाई के लिए जाल बिछाया गया। जैसे ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा, अपराधियों ने कानून के डर से बचने के लिए बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। पकड़े गए आरोपी की पहचान अनीश कुमार के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम रामबाबू राय है और वह मनेर का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस शातिर अपराधी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत चार आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, और चौंकाने वाली बात यह है कि इसका नाम एके-47 से जुड़े एक पुराने मामले में भी सामने आ चुका है।
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल की गहन तलाशी ली तो वहां से भारी मात्रा में खतरनाक हथियार और गोला-बारूद हाथ लगा। बरामद सामान में एक देशी राइफल, एक देशी कार्बाइन, एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे और लगभग 25 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा अपराध में प्रयुक्त की जा रही नाव को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के जो तीन अन्य सदस्य फरार हुए हैं, वे आरा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों और नदी के किनारों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है ताकि उनके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।
सिटी एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जानकारी जुटाई। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार और एएसएचओ विकास कुमार समेत पूरी पुलिस टीम ने बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उच्च अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ा और तलाशी अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया। अधिकारियों ने जब्त किए गए हथियारों और नाव का मुआयना किया, जिसमें कार्बाइन जैसे घातक सैन्य शैली के हथियार मिलने की पुष्टि भी सामने आई है।
परेव सोन नदी पर नाव के जरिए रंगदारी वसूलने की सूचना से शुरू हुआ यह मामला अब एक बड़ी और गंभीर मुठभेड़ का रूप ले चुका है। एक तरफ जहां पुलिस के जवान घायल हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ एक कुख्यात अपराधी को भी गोली लगी है और वह पुलिस की गिरफ्त में है। तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस दल लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए बदमाश से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह के बाकी सदस्यों, उनके वित्तपोषण और अन्य आपराधिक संपर्कों का पर्दाफाश किया जा सके।



















