भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, जहां मेहमान टीम को तीनों ही प्रारूपों में सीरीज खेलनी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की तरफ से टी20 टीम के ऐलान के बाद 16 अक्टूबर की शाम को वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भी स्क्वॉड की आधिकारिक घोषणा कर दी गई थी। इस घोषणा के अनुसार शुरुआती तीन वनडे मैचों की कमान शुभमन गिल संभालते हुए नजर आएंगे, जबकि सीरीज के अंतिम दो वनडे मुकाबलों के लिए कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। इस पूरी चयन प्रक्रिया के बीच कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं, जिसमें युवा ओपनिंग बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को वनडे टीम से पूरी तरह बाहर रखना सबसे बड़ा विषय बन गया है। उन्हें केवल दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ही भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जिसके बाद से क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चयनकर्ताओं के इस निर्णय से खफा होकर टीम के अनुभवी खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर अपनी नाखुशी जाहिर की है और दो टूक कहा है कि ऐसे रवैये से खिलाड़ी का आत्मविश्वास गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
यशस्वी जायसवाल के करियर और फॉर्म पर पड़ सकता है बुरा असर
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट और वनडे टीमों का ऐलान होने के बाद रविचंद्रन अश्विन ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस पूरे मामले पर विस्तार से बात की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शुभमन गिल अंतिम दो वनडे मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं, तो उनकी जगह पर नेचुरल चॉइस के तौर पर यशस्वी जायसवाल को निश्चित रूप से टीम में चुना जाना चाहिए था। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण फैसला करार देते हुए कहा कि लगातार मौके न मिलने से खिलाड़ी का मानसिक मनोबल टूटता है। हालांकि उन्होंने शुभमन गिल और केएल राहुल जैसी परिस्थितियों को समझने की बात भी कही, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि यशस्वी जायसवाल को मैदान पर अपनी कला दिखाने का बिल्कुल भी अवसर नहीं मिल रहा है। अश्विन के अनुसार, मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल उस तरह की बेजोड़ बल्लेबाजी करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं जैसी वह दो या तीन साल पहले किया करते थे, जब वे मैदान पर रनों का अंबार लगा रहे थे। यदि इस तरह से किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का हौसला टूटेगा, तो चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को गंभीरता से सोचना होगा कि जब भी संभव हो उसे प्लेइंग इलेवन में पर्याप्त मौके दिए जाएं। उन्हें किसी भी फॉर्मेट से लगातार बाहर रखना और खेलने का मौका न देना बेहद निराशाजनक और गलत है।
शानदार आंकड़े होने के बावजूद वनडे टीम से मिली निराशा
अगर यशस्वी जायसवाल के अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो उनका प्रदर्शन बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है। जब भी उन्हें सीमित ओवरों के इस फॉर्मेट में खुद को साबित करने का मौका मिला है, उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने घरेलू मैदान पर खेली गई अपनी पिछली वनडे सीरीज अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें उनके बल्ले से एक बेहतरीन शतक भी निकला था। यशस्वी जायसवाल ने अब तक अपने करियर में कुल 6 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने बेहद प्रभावशाली 71.25 की शानदार औसत से कुल 285 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतकीय पारियां भी निकली हैं, जो उनके इस प्रारूप में उच्च स्तर की क्षमता को साबित करती हैं। इसके बावजूद उन्हें आगामी श्रृंखला के लिए वनडे टीम से दूर रखना कई तरह के सवाल खड़े करता है।



















